Chapter 16
गंगा नदी
1. कविता में गंगा नदी की उत्पत्ति का वर्णन कैसे किया गया है?
उत्तर: कविता में बताया गया है कि गंगा नदी हिमालय की उजली-उजली बर्फ के पिघलने से निकलती है। बर्फ के पिघलने से बनी जलधारा कठिन और दुर्गम रास्तों से होकर आगे बढ़ती है और अंततः पूरे देश के लिए पूज्य बन जाती है।
2. गंगा को ‘पूज्य’ क्यों कहा गया है?
उत्तर: गंगा को पूज्य इसलिए कहा गया है क्योंकि वह केवल एक नदी नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, श्रद्धा और विश्वास का केंद्र है। लोग उसे माँ मानकर पूजा करते हैं।
3. ‘दुर्गम पथ’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: ‘दुर्गम पथ’ का अर्थ है कठिन और मुश्किल रास्ता। कविता में यह बताया गया है कि गंगा नदी कठिन पर्वतीय रास्तों से होकर बहती है।
4. कवि ने हिमालय को ‘देश का मुकुट’ क्यों कहा है?
उत्तर: हिमालय को देश का मुकुट इसलिए कहा गया है क्योंकि वह भारत के उत्तर में स्थित है और देश की शान, सुरक्षा और गौरव का प्रतीक है।
5. ‘रजत हिमालय’ से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: ‘रजत हिमालय’ का अर्थ है चाँदी के समान चमकता हुआ हिमालय, जो बर्फ से ढका रहता है और अत्यंत सुंदर दिखाई देता है।
6. गंगा को ‘देश का हृदयहार’ क्यों कहा गया है?
उत्तर: गंगा को देश का हृदयहार इसलिए कहा गया है क्योंकि वह देश के हृदय में बसी हुई है और देश की सुंदरता को आभूषण की तरह सजाती है।
7. गंगा देश की पहचान कैसे है?
उत्तर: गंगा देश की पहचान इसलिए है क्योंकि वह भारतीय संस्कृति, सभ्यता और धार्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है।
8. गंगा को देश का आधार क्यों कहा गया है?
उत्तर: गंगा देश का आधार इसलिए है क्योंकि उसके जल से खेती होती है, लोगों का जीवन चलता है और अनेक नगर-सभ्यताएँ विकसित हुई हैं।
9. कविता में गंगा के महत्व को कैसे बताया गया है?
उत्तर: कविता में गंगा को पूज्य, पतित-पावनी, देवनदी और देश की पहचान बताकर उसके महत्व को दर्शाया गया है।
10. भारत के लोग गंगा के प्रति कैसा भाव रखते हैं?
उत्तर: भारत के लोग गंगा के प्रति श्रद्धा, प्रेम और सम्मान का भाव रखते हैं और उसकी महिमा के गीत गाते हैं।
11. ‘पतित पावनी’ का क्या अर्थ है?
उत्तर: ‘पतित पावनी’ का अर्थ है पापियों को भी पवित्र करने वाली।
12. गंगा को ‘देवनदी’ क्यों कहा गया है?
उत्तर: गंगा को देवनदी इसलिए कहा गया है क्योंकि उसे देवताओं की नदी माना जाता है और धार्मिक दृष्टि से उसका विशेष महत्व है।
13. विद्यापति ने गंगा के बारे में क्या कहा है?
उत्तर: विद्यापति ने गंगा को पतित-पावनी देवनदी कहा है, जो सभी को पवित्र करती है।
14. कविता में गंगा के क्रुद्ध होने का कारण क्या बताया गया है?
उत्तर: कविता में गंगा के क्रुद्ध होने का कारण लोगों के पाप और प्रदूषण को बताया गया है।
15. ‘प्रदूषण के शाप’ से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: ‘प्रदूषण के शाप’ का अर्थ है गंदगी, कचरा और अपशिष्ट, जो गंगा के जल को दूषित कर रहे हैं।
16. गंगा की धारा क्यों अवरुद्ध हो रही है?
उत्तर: गंगा की धारा प्रदूषण, बांधों और मानव गतिविधियों के कारण अवरुद्ध हो रही है।
17. कवि गंगा की वर्तमान स्थिति पर क्या चिंता व्यक्त करता है?
उत्तर: कवि गंगा की गंदगी और प्रदूषण को देखकर चिंता व्यक्त करता है और उसके निर्मल रूप को बचाने की बात करता है।
18. गंगा की ‘कंचन छवि’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: ‘कंचन छवि’ का अर्थ है गंगा का स्वर्ण जैसे निर्मल और उज्ज्वल स्वरूप।
19. गंगा की निर्मलता किसकी पहचान है?
उत्तर: गंगा की निर्मलता हमारी श्रद्धा और संस्कृति की पहचान है।
20. गंगा को निर्मल रखने की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर: गंगा को निर्मल रखने से पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और हमारी धार्मिक व सांस्कृतिक परंपराएँ बनी रहेंगी।
21. कविता हमें क्या संदेश देती है?
उत्तर: कविता हमें गंगा को स्वच्छ रखने और प्रदूषण से बचाने का संदेश देती है।
22. गंगा के प्रदूषण के लिए कौन जिम्मेदार है?
उत्तर: गंगा के प्रदूषण के लिए मनुष्य स्वयं जिम्मेदार है।
23. गंगा का देशवासियों के जीवन में क्या योगदान है?
उत्तर: गंगा जल, कृषि, व्यापार और संस्कृति के माध्यम से देशवासियों के जीवन को संजीवनी देती है।
24. गंगा को माँ क्यों कहा जाता है?
उत्तर: गंगा जीवन देने वाली है, इसलिए उसे माँ कहा जाता है।
25. गंगा और भारतीय संस्कृति का क्या संबंध है?
उत्तर: गंगा भारतीय संस्कृति, धार्मिक अनुष्ठानों और त्योहारों से गहराई से जुड़ी है।
26. कवि ने गंगा के प्रति किस भावना को व्यक्त किया है?
उत्तर: कवि ने श्रद्धा, प्रेम और चिंता की भावना व्यक्त की है।
27. गंगा की रक्षा करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर: गंगा की रक्षा से पर्यावरण, स्वास्थ्य और संस्कृति सुरक्षित रहती है।
28. गंगा को नुकसान पहुँचाने के क्या दुष्परिणाम हैं?
उत्तर: गंगा के प्रदूषण से बीमारियाँ बढ़ती हैं और प्रकृति को हानि पहुँचती है।
29. कविता में प्रकृति के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
उत्तर: कविता प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण का दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
30. गंगा की धारा को तीव्र क्यों कहा गया है?
उत्तर: गंगा पर्वतों से उतरती हुई तेज गति से बहती है, इसलिए उसे तीव्र कहा गया है।
31. गंगा भारत के कोने-कोने में कैसे प्रसिद्ध है?
उत्तर: गंगा अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता के कारण पूरे भारत में प्रसिद्ध है।
32. गंगा के गीत क्यों गाए जाते हैं?
उत्तर: गंगा की महिमा और पवित्रता के कारण उसके गीत गाए जाते हैं।
33. गंगा और हिमालय का क्या संबंध है?
उत्तर: गंगा का उद्गम हिमालय से होता है।
34. गंगा का जल किन कार्यों में उपयोग होता है?
उत्तर: गंगा का जल पीने, खेती, पूजा और दैनिक जीवन में उपयोग होता है।
35. गंगा के प्रति हमारा कर्तव्य क्या है?
उत्तर: गंगा को स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त रखना हमारा कर्तव्य है।
36. कवि किस बात की चेतावनी देता है?
उत्तर: कवि प्रदूषण से होने वाले नुकसान की चेतावनी देता है।
37. गंगा को लेकर कवि की चिंता क्यों उचित है?
उत्तर: क्योंकि गंगा का प्रदूषण भविष्य के लिए खतरा है।
38. गंगा हमारी श्रद्धा का प्रतीक कैसे है?
उत्तर: गंगा पूजा, संस्कार और विश्वास का केंद्र है।
39. कविता का मूल भाव क्या है?
उत्तर: कविता का मूल भाव गंगा की महिमा और संरक्षण है।
40. इस कविता से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: हमें प्रकृति का सम्मान करना और गंगा को स्वच्छ रखना सीख मिलती है।
Answer by Mrinmoee