Chapter 17
बैलगाड़ी का दाम
1. भोलाराम कौन था और उसका स्वभाव कैसा था?
उत्तर: भोलाराम एक गाँव का किसान था। जैसा उसका नाम था, वैसा ही उसका स्वभाव भी था। वह बहुत सीधा-सादा, भोला और ईमानदार व्यक्ति था। उसे दुनियादारी और चालाकी की ज्यादा समझ नहीं थी, इसी कारण वह आसानी से दूसरों की बातों में आ जाता था।
2. भोलाराम मंडी क्यों जा रहा था?
उत्तर: भोलाराम अपनी बैलगाड़ी में भूसा लादकर मंडी जा रहा था ताकि उसे बेचकर कुछ पैसे कमा सके। यह उसके जीवन-यापन का साधन था।
3. रास्ते में भोलाराम की मुलाकात किससे हुई?
उत्तर: रास्ते में भोलाराम की मुलाकात एक व्यापारी से हुई, जिसका नाम धनीराम था। वह चालाक और स्वार्थी व्यक्ति था।
4. धनीराम ने भोलाराम से क्या पूछा?
उत्तर: धनीराम ने भोलाराम से पूछा कि “एक गाड़ी का क्या दाम है?” उसने जानबूझकर अस्पष्ट प्रश्न किया।
5. भोलाराम ने क्या उत्तर दिया और क्यों?
उत्तर: भोलाराम ने भोलेपन में कहा कि “सात रुपये।” वह समझ रहा था कि धनीराम भूसे की गाड़ी का दाम पूछ रहा है, न कि बैलगाड़ी का।
6. धनीराम ने पहले सौदा क्यों ठुकराया?
उत्तर: धनीराम ने जानबूझकर सौदा ठुकराया ताकि भोलाराम को भ्रम में रख सके और बाद में उसे ठग सके।
7. बाद में धनीराम ने क्या किया?
उत्तर: थोड़ी दूर जाने के बाद धनीराम ने भोलाराम को फिर बुलाया और कहा कि वह गाड़ी खरीद लेगा।
8. भोलाराम धनीराम के साथ कहाँ गया?
उत्तर: भोलाराम बैलगाड़ी लेकर धनीराम के घर चला गया।
9. भूसा उतारने के बाद धनीराम ने क्या दावा किया?
उत्तर: धनीराम ने कहा कि उसने पूरी गाड़ी खरीदी है, इसलिए भोलाराम बैलगाड़ी और बैल भी वहीं छोड़कर जाए।
10. धनीराम ने अपने दावे का क्या तर्क दिया?
उत्तर: धनीराम ने कहा कि उसने “एक गाड़ी” का दाम पूछा था और भोलाराम ने सात रुपये बताए, इसलिए गाड़ी उसकी हो गई।
11. भोलाराम ने अपनी सफाई में क्या कहा?
उत्तर: भोलाराम ने कहा कि सात रुपये केवल भूसे का दाम था, बैलगाड़ी और बैलों का नहीं।
12. धनीराम ने भोलाराम की बात क्यों नहीं मानी?
उत्तर: धनीराम चालाक और लालची था। वह भोलाराम के भोलेपन का फायदा उठाना चाहता था, इसलिए उसकी एक न सुनी।
13. भोलाराम की क्या स्थिति हो गई?
उत्तर: भोलाराम बहुत घबरा गया और गिड़गिड़ाने लगा, लेकिन फिर भी उसे अपनी बैलगाड़ी और बैल छोड़कर जाना पड़ा।
14. घर पहुँचकर भोलाराम ने क्या किया?
उत्तर: घर पहुँचकर भोलाराम ने अपने बेटे चतुरसेन को पूरी घटना विस्तार से सुनाई।
15. चतुरसेन ने क्या निश्चय किया?
उत्तर: चतुरसेन ने निश्चय किया कि वह धनीराम को उसकी चालाकी का सबक सिखाएगा।
16. चतुरसेन ने योजना बनाने में क्या कहा?
उत्तर: उसने कहा, “आखिर मेरा नाम भी चतुरसेन है,” यानी वह अपनी बुद्धि से धनीराम को मात देगा।
17. चतुरसेन ने योजना के लिए क्या किया?
उत्तर: चतुरसेन पड़ोसी की बैलगाड़ी माँग लाया और उसमें भूसा लादकर मंडी की ओर चला।
18. चौराहे पर चतुरसेन की मुलाकात किससे हुई?
उत्तर: चौराहे पर उसकी मुलाकात उसी धनीराम से हुई।
19. धनीराम ने चतुरसेन से क्या पूछा?
उत्तर: धनीराम ने पूछा, “एक गाड़ी का क्या दाम है?”
20. चतुरसेन ने क्या उत्तर दिया?
उत्तर: चतुरसेन ने कहा कि दाम कम है और सिक्के उसके छोटे बच्चे की मुट्ठी में भरकर दे दिए जाएँ।
21. धनीराम इस बात से खुश क्यों हुआ?
उत्तर: धनीराम को लगा कि उसे फिर से बहुत सस्ता सौदा मिल रहा है, इसलिए वह मन-ही-मन बहुत खुश हुआ।
22. धनीराम चतुरसेन को कहाँ ले गया?
उत्तर: धनीराम उसे अपने घर ले गया।
23. चतुरसेन ने वहाँ क्या पहचान लिया?
उत्तर: चतुरसेन ने वहाँ अपने पिता की बैलगाड़ी और बैलों को पहचान लिया।
24. इससे चतुरसेन को क्या विश्वास हो गया?
उत्तर: उसे पूरा विश्वास हो गया कि यही वही धनीराम है जिसने उसके पिता को ठगा था।
25. धनीराम बच्चे को क्यों लाया?
उत्तर: धनीराम अपने बेटे को लाया ताकि वह उसकी मुट्ठी में सिक्के डाल सके।
26. चतुरसेन ने बच्चे की कलाई क्यों पकड़ी?
उत्तर: चतुरसेन ने धनीराम को उसकी ही भाषा में सबक सिखाने के लिए ऐसा किया।
27. चतुरसेन ने कौन-सा ढोंग किया?
उत्तर: उसने चाकू निकालकर बच्चे की मुट्ठी काटने का ढोंग किया।
28. धनीराम की क्या प्रतिक्रिया हुई?
उत्तर: धनीराम डर गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा।
29. चतुरसेन ने क्या तर्क दिया?
उत्तर: उसने कहा कि जब “मुट्ठी में सिक्के” देने को कहा गया है, तो मुट्ठी भी हमारी हुई।
30. धनीराम ने इसका क्या अर्थ बताया?
उत्तर: धनीराम ने कहा कि उसका मतलब केवल सिक्कों से था, मुट्ठी काटने से नहीं।
31. चतुरसेन ने इसी तर्क से क्या समझाया?
उत्तर: उसने समझाया कि जैसे “एक गाड़ी भूसा” का मतलब बैलगाड़ी नहीं होता, वैसे ही मुट्ठी का नहीं।
32. धनीराम को क्या समझ में आ गया?
उत्तर: धनीराम समझ गया कि वह अपनी ही चाल में फँस गया है।
33. धनीराम ने अंत में क्या किया?
उत्तर: उसने चतुरसेन के पैरों पर गिरकर क्षमा माँगी।
34. चतुरसेन ने क्षमा की क्या शर्त रखी?
उत्तर: उसने एक हजार रुपये देने की शर्त रखी।
35. धनीराम ने रुपये क्यों दिए?
उत्तर: अपने बेटे को बचाने के लिए उसने मजबूरी में रुपये दे दिए।
36. चतुरसेन ने बच्चे के साथ कैसा व्यवहार किया?
उत्तर: उसने बच्चे का हाथ छोड़ दिया और प्यार से उसके गाल थपथपाए।
37. चतुरसेन ने धनीराम को क्या सीख दी?
उत्तर: उसने कहा कि अब किसी भोले किसान को ठगने की कोशिश न करे।
38. कहानी का अंत कैसे हुआ?
उत्तर: चतुरसेन दोनों बैलगाड़ियाँ लेकर अपने घर लौट गया।
39. इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: कहानी सिखाती है कि चालाकी और धोखे से कमाया गया धन टिकता नहीं और बुद्धि से अन्याय का विरोध किया जा सकता है।
40. “बैलगाड़ी का दाम” कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: इस कहानी का मुख्य संदेश यह है कि भोले लोगों का शोषण करना गलत है और सच्चाई व बुद्धिमानी से अन्याय पर विजय पाई जा सकती है।
Answer by Mrinmoee