Chapter 19

                                                              कुत्ते की कहानी 


प्रश्न:1 कहानी के नायक का जन्म कहाँ हुआ था और उसकी शुरुआती स्थिति कैसी थी?

उत्तर: कहानी के नायक का जन्म एक बड़े घर में हुआ था। जन्म के समय उसकी आँखें और कान बंद थे। वह अपने बिछावन पर अपनी माता की छाती से चिपका हुआ था और उसके चार भाई थे, जिसमें वह सबसे छोटा और कमजोर था।


प्रश्न:2 नायक की माता अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या-क्या करती थीं?

उत्तर: नायक की माता रात-रात भर जागकर गाँव की रक्षा करती थीं। वह अनजान लोगों और दूसरे गाँव के कुत्तों को दूर भगा देती थीं और खेत में किसी साँड़ के आने पर भी उन्हें भगाती थीं।


प्रश्न:3 नायक की माता खाने की कमी होने पर क्या करती थीं?

उत्तर: भूख लगने पर नायक की माता चोरी से घरों में घुसकर खाने की वस्तुएँ निकाल लातीं। जब लोग उन्हें देखते तो दौड़कर उन्हें मारने की कोशिश करते और द्वार बंद कर देते।


प्रश्न:4 नायक के चारों भाई किस कारण मर गए?

उत्तर: नायक के दो भाई ठंड सह न सके और मर गए। ठंड और कठिन परिस्थितियों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।


प्रश्न:5 नायक का रंग और शारीरिक स्थिति क्या थी?

उत्तर: नायक काला रंग का था और सबसे छोटा तथा कमजोर था। उसके भाई लाल रंग के थे।


प्रश्न:6 नायक को पंडितजी के घर कौन ले आया और क्यों?

उत्तर: नायक को पंडितजी के घर उनका लड़का ले आया क्योंकि वह बहुत खूबसूरत था। वह पंडितजी के घर पलने लगा।


प्रश्न:7 एक रात नायक ने घर में क्या देखा और क्या किया?

उत्तर: एक रात पंडितजी और परिवार कहीं गए थे। नायक ने देखा कि कुछ लोग चुपचाप थाली-लोटा, संदूक आदि निकालकर बाहर दे रहे हैं। नायक ने जोर-जोर से भौंकना शुरू किया और पंडितजी को जागाया।


प्रश्न:8 पंडितजी नायक की चेतावनी को शुरू में क्यों नहीं समझ पाए?

उत्तर: पंडितजी ने सोचा कि नायक खेल रहा है और शोर मचा रहा है। उन्होंने उसे दो-तीन लातें दीं, लेकिन नायक नहीं रुका और लगातार भौंकता रहा।


प्रश्न:9 नायक ने चोरी रुकवाने के लिए क्या उपाय किया?

उत्तर: नायक ने पलंग के नीचे पड़ी लाठी अपने मुँह में उठाई और पिछवाड़े की तरफ ले गया। पंडितजी को उसका इशारा समझ में आ गया और उन्होंने लाठी लेकर चोरों को पकड़ने के लिए पीछा किया।


प्रश्न:10 चोरों के पकड़े जाने में गाँव के लोगों ने कैसे मदद की?

उत्तर: चोरों के नाम सुनते ही गाँव के लोग लाठियाँ लेकर इकट्ठा हो गए। नायक ने भीड़ को चीरकर पानी में कूदकर वस्तुएँ बाहर निकालीं। दो-चार लोग उसके पीछे जाकर सभी सामान सुरक्षित कर लिया।


प्रश्न:11 नायक की बुद्धिमत्ता के कारण चोर क्यों नहीं सफल हो पाए?

उत्तर: नायक की चुस्ती, सतर्कता और सही समय पर भौंकने से चोर डर गए और अपनी मंशा पूरी नहीं कर पाए।


प्रश्न:12 नायक की मदद से पंडितजी की क्या स्थिति बनी?

उत्तर: पंडितजी बहुत खुश हुए और नायक को उठाकर छाती से लगा लिया। उन्होंने उसकी बहादुरी और बुद्धिमत्ता की सराहना की।


प्रश्न:13 नायक ने चोरों के विरुद्ध किस प्रकार की रणनीति अपनाई?

उत्तर: नायक ने भौंकना शुरू किया, चोरों को भटका कर लाठी लेकर पंडितजी को संकेत दिया और वस्तुएँ सुरक्षित करवाई।


प्रश्न:14 नायक की कहानी में हमें किस प्रकार का संदेश मिलता है?

उत्तर: कहानी हमें सिखाती है कि बुद्धिमत्ता, सतर्कता और साहस से किसी भी कठिन परिस्थिति में दूसरों की मदद की जा सकती है।


प्रश्न:15 नायक की माताजी की विशेषता क्या थी?

उत्तर: नायक की माताजी बहादुर और सतर्क थीं। उन्होंने हमेशा अपने बच्चों और गाँव की रक्षा की और कठिन परिस्थितियों में भी अपना साहस नहीं खोया।


प्रश्न:16 नायक की प्रारंभिक हालत और उसके बाद की भूमिका में क्या अंतर है?

उत्तर: प्रारंभ में नायक कमजोर और नन्हा था, लेकिन बड़े होकर उसने अपनी बुद्धिमत्ता और साहस से चोरी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


प्रश्न:17 चोरी को रोकने के लिए नायक ने किस चीज़ का उपयोग किया?

उत्तर: नायक ने पलंग के नीचे पड़ी लाठी का उपयोग किया और उसे पंडितजी के पास ले जाकर चोरों को पकड़वाया।


प्रश्न:18 नायक को पंडितजी के घर में क्या परेशानी हुई?

उत्तर: नायक को यह परेशानी हुई कि चोर घर में चोरी कर रहे थे और पंडितजी पहले उसकी चेतावनी को समझ नहीं पाए।


प्रश्न:19 नायक ने चोरों की गतिविधियों को कैसे पहचाना?

उत्तर: नायक ने देखा कि लोग संदूक और थाली-लोटा बाहर निकाल रहे थे और धीरे-धीरे बातें कर रहे थे।


प्रश्न:20 गाँव वालों की मदद क्यों आवश्यक थी?

उत्तर: गाँव वालों की मदद से चोरों को पकड़ने और माल को सुरक्षित करने में सफलता मिली।


प्रश्न:21 चोरों को देखकर नायक ने किस प्रकार का साहस दिखाया?

उत्तर: नायक ने डरने के बजाय जोर-जोर से भौंकना शुरू किया और पंडितजी को चेताया, जिससे चोरों की हिम्मत टूट गई।


प्रश्न:22 नायक की चुस्ती और बुद्धिमत्ता का सबसे अच्छा उदाहरण क्या है?

उत्तर: सबसे अच्छा उदाहरण है जब नायक पलंग के नीचे लाठी उठाकर चोरों की तरफ ले गया और पंडितजी को संकेत दिया।


प्रश्न:23 नायक की कहानी से क्या सीख मिलती है बच्चों के लिए?

उत्तर: कहानी से सीख मिलती है कि साहस, जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ किसी भी कठिन परिस्थिति में सही काम करना चाहिए।


प्रश्न:24 नायक और उसकी माता में क्या समानता थी?

उत्तर: नायक और उसकी माता दोनों ही बहादुर और सतर्क थे। माता अपने बच्चों और गाँव की रक्षा करती थीं, और नायक चोरी रोकने में सक्रिय था।


प्रश्न:25 नायक ने चोरी रोकने के लिए किस प्रकार की रणनीति अपनाई?

उत्तर: नायक ने भौंककर और लाठी का उपयोग करके पंडितजी को चोरों की ओर ध्यान दिलाया और चोरी रोकने की रणनीति बनाई।


प्रश्न:26 चोरी के समय पंडितजी का क्या व्यवहार था?

उत्तर: पंडितजी ने शुरुआत में नायक की चेतावनी को नहीं समझा, लेकिन बाद में नायक के इशारे पर उन्होंने चोरों को पकड़ने के लिए लाठी उठाई।


प्रश्न:27 नायक की भूमिका कहानी में कैसे महत्वपूर्ण बनी?

उत्तर: नायक ने चोरों को पकड़ने और सामान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे पंडितजी और गाँव सुरक्षित रहे।


प्रश्न:28 कहानी में नायक के साहस का क्या महत्व है?

उत्तर: नायक का साहस यह दिखाता है कि डरने की बजाय सही समय पर कार्रवाई करने से समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।


प्रश्न:29 चोरों की योजना क्यों विफल हुई?

उत्तर: चोरों की योजना नायक की सतर्कता, भौंकने और पंडितजी की मदद से विफल हुई।


प्रश्न:30 नायक के साहस के बाद गाँव वालों की प्रतिक्रिया कैसी थी?

उत्तर: गाँव वाले नायक की बहादुरी देखकर उसे सम्मान और सराहना देने लगे और सभी सामान सुरक्षित कर लिया।


प्रश्न:31 नायक की माताजी ने अपने बच्चों को बचाने के लिए कौन-कौन से उपाय किए?

उत्तर: माताजी ने रातभर जागकर गाँव की सुरक्षा की, अनजान लोगों और साँड़ को भगाया, और भूख लगने पर चोरी से खाना लाकर बच्चों की रक्षा की।


प्रश्न:32 नायक की बुद्धिमत्ता किस प्रकार प्रकट हुई?

उत्तर: नायक ने भौंककर, लाठी उठाकर और समय पर पंडितजी को चेतावनी देकर चोरी रोकने में अपनी बुद्धिमत्ता दिखाई।


प्रश्न:33 चोरों के डरने का मुख्य कारण क्या था?

उत्तर: नायक की सतर्कता, जोर-जोर से भौंकना और पंडितजी का समय पर हस्तक्षेप चोरों के डरने का मुख्य कारण था।


प्रश्न:34 कहानी में नायक की प्रमुख विशेषताएँ कौन-कौन सी हैं?

उत्तर: नायक बहादुर, सतर्क, बुद्धिमान, जिम्मेदार और साहसी था।


प्रश्न:35 नायक की माता की बहादुरी से बच्चों को क्या सिखने को मिलता है?

उत्तर: यह सिखने को मिलता है कि संकट में धैर्य और साहस बनाए रखना चाहिए और परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।


प्रश्न:36 नायक के साहस और बुद्धिमत्ता से गाँव के लोग क्या मानने लगे?

उत्तर: गाँव के लोग मानने लगे कि नायक पूर्व-जन्म का विद्वान हो सकता है और उसने अपने जन्म का महत्त्वपूर्ण काम किया।


प्रश्न:37 नायक के साहस का परिणाम क्या हुआ?

उत्तर: नायक के साहस से चोरी रोक दी गई, पंडितजी और उनका घर सुरक्षित रहा और गाँव वाले उसकी बहादुरी की प्रशंसा करने लगे।


प्रश्न:38 नायक ने चोरी के समय क्या किया जिससे पंडितजी जाग गए?

उत्तर: नायक ने जोर-जोर से भौंकना शुरू किया और चादर खींची, जिससे पंडितजी जाग गए और स्थिति समझ पाए।


प्रश्न:39 नायक की बहादुरी और सतर्कता के बिना कहानी में क्या हो सकता था?

उत्तर: यदि नायक बहादुर और सतर्क न होता तो चोर पंडितजी का घर लूट सकते थे और संपत्ति खो जाती।


प्रश्न:40 कहानी का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर: कहानी का मुख्य संदेश है कि साहस, बुद्धिमत्ता, सतर्कता और जिम्मेदारी से किसी भी संकट का सामना किया जा सकता है और दूसरों की मदद की जा सकती है।

Answer by Mrinmoee