Chapter- 13 आलसीराम
प्रश्न 1. “नाचा के पुरखा : दाऊ मंदरा जी” पाठ किसने लिखा है?
उत्तर: लेखक मंडल ने।
प्रश्न 2. इस पाठ में किस महान कलाकार का जीवन परिचय दिया गया है?
उत्तर: दुलार सिंह साव दाऊ मंदराजी का।
प्रश्न 3. दाऊ मंदराजी किस लोककला से जुड़े हुए थे?
उत्तर: नाचा लोकनाट्य से।
प्रश्न 4. दाऊ मंदराजी ने नाचा को क्या दिया?
उत्तर: नया रूप और नया रंग।
प्रश्न 5. दाऊ मंदराजी ने अपने जीवन से किसका नाम ऊँचा किया?
उत्तर: अपने गाँव, प्रदेश और छत्तीसगढ़ की कला का।
प्रश्न 6. दाऊ मंदराजी की कौन-सी विशेष क्षमता बताई गई है?
उत्तर: संगठन क्षमता।
प्रश्न 7. दाऊ मंदराजी ने नाचा कलाकारों के लिए क्या प्रयास किया?
उत्तर: उन्हें एक संगठन में जोड़ने का।
प्रश्न 8. छत्तीसगढ़ की कला को दुनिया में उजागर करने वालों में पहला नाम किसका है?
उत्तर: दाऊ दुलार सिंह मंदराजी का।
प्रश्न 9. लोकनाट्य क्या कहलाता है?
उत्तर: लोक जीवन, लोक भाव और लोक सपनों पर आधारित नाटक।
प्रश्न 10. नाचा किस प्रदेश का प्रमुख लोकनाट्य है?
उत्तर: छत्तीसगढ़ का।
प्रश्न 11. नाचा की सुंदरता किसमें छिपी है?
उत्तर: उसकी सरलता और सहजता में।
प्रश्न 12. नाचा का प्रभाव क्यों अधिक होता है?
उत्तर: क्योंकि वह सीधे लोक जीवन से जुड़ा होता है।
प्रश्न 13. नाचा देखने वालों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: वे मोहित हो जाते हैं और रातभर बँधे रहते हैं।
प्रश्न 14. नाचा की आत्मा क्या है?
उत्तर: लोक जीवन की महक, लोकहित और लोक संस्कृति।
प्रश्न 15. क्या नाचा में लिखित संवाद होते हैं?
उत्तर: नहीं, नाचा में लिखित संवाद नहीं होते।
प्रश्न 16. नाचा के कलाकार किस गुण के लिए प्रसिद्ध होते हैं?
उत्तर: हाजिरजवाबी और हास्य-व्यंग्य के लिए।
प्रश्न 17. नाचा में किन विषयों का वर्णन किया जाता है?
उत्तर: मनुष्य के स्वभाव और समाज की कुरीतियों का।
प्रश्न 18. नाचा दर्शकों को क्यों बाँधकर रखता है?
उत्तर: उसकी रोचक प्रस्तुति और सामाजिक संदेश के कारण।
प्रश्न 19. छत्तीसगढ़ की नाट्य परंपरा कैसी मानी जाती है?
उत्तर: संसार की सबसे पुरानी नाट्य परंपराओं में से एक।
प्रश्न 20. संसार की सबसे पुरानी रंगशाला कौन-सी मानी जाती है?
उत्तर: रामगढ़ की पहाड़ी की रंगशाला।
प्रश्न 21. प्रारंभ में नाचा में किस साज का प्रयोग होता था?
उत्तर: खड़े साज का।
प्रश्न 22. पहले नाचा दलों की क्या स्थिति थी?
उत्तर: कोई संगठित नाचा दल नहीं था।
प्रश्न 23. नाचा को संगठित रूप किसने दिया?
उत्तर: दाऊ मंदराजी ने।
प्रश्न 24. दाऊ मंदराजी ने किस नाम से नाचा दल बनाया?
उत्तर: रवेली रिंगनी साज।
प्रश्न 25. रवेली रिंगनी साज का क्या महत्व है?
उत्तर: यह छत्तीसगढ़ की पहली नाचा पार्टी थी।
प्रश्न 26. दाऊ मंदराजी को “नाचा के पुरखा” क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि उन्होंने नाचा को नई दिशा और पहचान दी।
प्रश्न 27. दाऊ मंदराजी का जीवन किस भावना से प्रेरित था?
उत्तर: कला प्रेम और लोक संस्कृति के उत्थान से।
प्रश्न 28. इस पाठ से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर: लोककला के संरक्षण और विकास की।
प्रश्न 29. नाचा का समाज से क्या संबंध है?
उत्तर: नाचा समाज का दर्पण है।
प्रश्न 30. “नाचा के पुरखा : दाऊ मंदरा जी” शीर्षक क्यों सार्थक है?
उत्तर: क्योंकि दाऊ मंदराजी ने नाचा को जन्मदाताओं जैसा मार्गदर्शन दिया।
Answer by Dimpee Bora