Chapter 5
हामिद खाँ
बोध - प्रश्न
1. लेखक का परिचय हामिद खाँ से किन परिस्थितियों में हुआ?
उत्तरः लेखक तक्षशिला का खंडहर देखने भ्रमण पर गया था। दोपहर के समय भूख लगने पर वह किसी ऐसे जगह की तलाश में था जहाँ उसे भोजन मिल सके। वहीं उसे हामिद खाँ मिला जिसने लेखक को भोजन करवाया।
2. 'काश मैं आपके मुल्क में आकर यह सब अपनी आँखों से देख सकता । ' - हामिद ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तरः हामिद ने ऐसा इसलिए कहा, क्योंकि वहाँ हिंदू-मुसलमानों को आतताइयों की औलाद समझते हैं। वहाँ सांप्रदायिक सौहार्द्र की कमी के कारण आए दिन हिंदू-मुसलमानों के बीच दंगे होते रहे हैं ।
3. हामिद को लेखक की किन बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था?
उत्तरः हामिद को लेखक की भेदभाव रहित बातों पर विश्वास नहीं हुआ। लेखक ने हामिद को बताया कि उनके प्रदेश में हिंदू-मुसलमान बड़े प्रेम से रहते हैं। वहाँ के हिंदू बढ़िया चाय या पुलावों का स्वाद लेने के लिए मुसलमानी होटल में ही जाते हैं। पाकिस्तान में ऐसा होना संभव नहीं था।
4. हामिद खाँ ने खाने का पैसा लेने से इंकार क्यों किया?
उत्तरः हामिद खाँ को गर्व था कि एक हिंदू ने उनके होटल में खाना खाया। साथ ही वह लेखक को मेहमान भी मान रहा था। वह आने वाले के शहर की हिंदू-मुस्लिम एकता का भी कायल हो गया था। इसलिए हामिद खाँ ने खाने के पैसे नहीं लिए।
5. मालाबार में हिंदू-मुसलमानों के परस्पर संबंधों को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तरः मालाबार में हिंदू-मुसलमान मिलकर रहते हैं, उनमें आपसी दंगे भी नहीं होते हैं। दोनों के धर्मों में कोई भेदभाव नहीं होता है। बढ़िया खाना खाने के लिए हिंदू भी मुसलमानी होटल में खाने जाते हैं। वहाँ आपसी मेलजोल का माहौल है।
6. तक्षशिला में आगजनी की खबर पढ़कर लेखक के मन में कौन-सा विचार कौंधा? इससे लेखक के स्वभाव की किस विशेषता का परिचय मिलता है?
उत्तरः तक्षशिला में आगजनी की खबर पढ़कर लेखक के मन में हामिद खां का विचार कौंधा जिसके होटल में उसने तक्षशिला भ्रमण के दौरान खाना खाया था। इससे लेखक के धार्मिक सहिष्णुता, हमदर्दी जैसे स्वभाव की विशेषता का परिचय मिलता है।
Question Type Bikash Bora
Answer Type Bhargov jyoti Nath
Post ID: DABP001894
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