Chapter- 16 लोकतंत्र एवं सामाजिक आंदोलन
1. सामाजिक आंदोलन क्या होते हैं?
उत्तर: किसी समाज या समूह द्वारा अपनी मांगों को लेकर संगठित रूप से किया गया प्रयास सामाजिक आंदोलन कहलाता है।
2. लोकतंत्र में सामाजिक आंदोलनों का क्या महत्व है?
उत्तर: ये जनता की भागीदारी बढ़ाते हैं और सरकार को जवाबदेह बनाते हैं।
3. लोकतंत्र में जनसहभागिता के कौन-कौन से माध्यम हैं?
उत्तर: मतदान, दबाव समूह, मीडिया और सामाजिक आंदोलन।
4. सामाजिक आंदोलन किस उद्देश्य से किए जाते हैं?
उत्तर: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए।
5. सामाजिक आंदोलन किसके द्वारा किए जाते हैं?
उत्तर: समाज के विभिन्न वर्गों या समूहों द्वारा।
6. सामाजिक आंदोलन लोकतंत्र को कैसे मजबूत करते हैं?
उत्तर: जनता को शासन में सक्रिय भागीदारी का अवसर देकर।
7. लोकतंत्र में केवल मतदान ही सहभागिता का माध्यम क्यों नहीं है?
उत्तर: क्योंकि लोग आंदोलन, प्रदर्शन और संगठनों के माध्यम से भी भाग लेते हैं।
8. सामाजिक आंदोलन और दबाव समूह में क्या अंतर है?
उत्तर: आंदोलन व्यापक जनभागीदारी पर आधारित होते हैं, जबकि दबाव समूह सीमित होते हैं।
9. सामाजिक आंदोलन किन मुद्दों पर होते हैं?
उत्तर: भूमि, पर्यावरण, रोजगार, शिक्षा, समानता आदि।
10. सामाजिक आंदोलन का शांतिपूर्ण होना क्यों आवश्यक है?
उत्तर: ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके।
11. सामाजिक आंदोलन सरकार पर कैसे प्रभाव डालते हैं?
उत्तर: नीतियों और कानूनों में बदलाव के लिए दबाव बनाकर।
12. सामाजिक आंदोलन किस प्रकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं?
उत्तर: ये जनता की आवाज सरकार तक पहुँचाते हैं।
13. लोकतंत्र में नागरिकों को कौन-कौन से अधिकार आंदोलन करने की अनुमति देते हैं?
उत्तर: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संगठन बनाने का अधिकार।
14. सामाजिक आंदोलन में मीडिया की क्या भूमिका है?
उत्तर: आंदोलन को जनसमर्थन दिलाना।
15. सामाजिक आंदोलन किन परिस्थितियों में जन्म लेते हैं?
उत्तर: जब जनता की मांगों की अनदेखी होती है।
16. सामाजिक आंदोलन का एक प्रमुख उदाहरण क्या है?
उत्तर: नियामगिरि में डोंगरिया कोंधों का आंदोलन।
17. नियामगिरि कहाँ स्थित है?
उत्तर: ओडिशा राज्य में।
18. नियामगिरि क्षेत्र किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: बॉक्साइट (एल्यूमिनियम अयस्क)।
19. डोंगरिया कोंध कौन हैं?
उत्तर: नियामगिरि क्षेत्र में रहने वाला आदिवासी समुदाय।
20. डोंगरिया कोंधों ने आंदोलन क्यों किया?
उत्तर: अपनी भूमि, जंगल और आजीविका की रक्षा के लिए।
21. सरकार ने किस उद्देश्य से कंपनी को खनन की अनुमति दी?
उत्तर: खनिज संसाधनों के उपयोग के लिए।
22. खनन से स्थानीय लोगों को क्या नुकसान होता?
उत्तर: उनकी आजीविका और पर्यावरण को।
23. डोंगरिया कोंधों ने आंदोलन कैसे किया?
उत्तर: संगठित होकर शांतिपूर्ण विरोध के माध्यम से।
24. इस आंदोलन में किसका समर्थन मिला?
उत्तर: स्थानीय जनता और पर्यावरण संगठनों का।
25. सामाजिक आंदोलन का परिणाम क्या हो सकता है?
उत्तर: सरकार की नीतियों में बदलाव।
26. सामाजिक आंदोलन लोकतंत्र में क्यों आवश्यक हैं?
उत्तर: ताकि जनता की आवाज दब न जाए।
27. सामाजिक आंदोलन से क्या सीख मिलती है?
उत्तर: जनता संगठित होकर परिवर्तन ला सकती है।
28. क्या सामाजिक आंदोलन लोकतंत्र के विरुद्ध हैं?
उत्तर: नहीं, वे लोकतंत्र को मजबूत करते हैं।
29. सामाजिक आंदोलन किस सिद्धांत पर आधारित होते हैं?
उत्तर: समानता, न्याय और अधिकार।
30. लोकतंत्र एवं सामाजिक आंदोलन का अंतिम उद्देश्य क्या है?
उत्तर: जनकल्याण और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना।
Answer by Dimpee Bora