Chapter- 3             मानवीय अनुभूतियाँ


प्रश्न: यह पाठ किस इकाई से संबंधित है?
उत्तर:
यह पाठ “मानवीय अनुभूतियाँ” नामक इकाई से संबंधित है।

प्रश्न: इस इकाई का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
मानव जीवन के अनुभवों और मानवीय भावनाओं से विद्यार्थियों को परिचित कराना।

प्रश्न: पाठ में किन मानवीय भावनाओं का उल्लेख किया गया है?
उत्तर:
प्रेम, करुणा, त्याग, सहृदयता और सहानुभूति का उल्लेख किया गया है।

प्रश्न: इस इकाई में किस प्रकार के साहित्य को शामिल किया गया है?
उत्तर:
मानवीय अनुभूतियों पर आधारित विविध विधाओं का साहित्य शामिल किया गया है।

प्रश्न: साहित्य की विविध विधाएँ विद्यार्थियों को किस बात के लिए प्रेरित करती हैं?
उत्तर:
मानवीय मूल्यों को समझने, महसूस करने और आत्मसात करने के लिए।

प्रश्न: मूल्यों के संक्रमण से क्या आशय है?
उत्तर:
समय और परिस्थितियों के साथ मूल्यों में आने वाला परिवर्तन।

प्रश्न: इस इकाई में मूल्यों के किस पक्ष पर बल दिया गया है?
उत्तर:
मूल्यों के टकराव और अंतर्द्वंद्व पर।

प्रश्न: इस इकाई से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
वे सहज और सरल व्यक्ति के रूप में विकसित होते हैं।

प्रश्न: इस इकाई का साहित्य विद्यार्थियों में किस प्रकार की रुचि विकसित करता है?
उत्तर:
साहित्य को पढ़ने, समझने, रचने और चुनने की रुचि।

प्रश्न: इकाई की पहली रचना कौन-सी है?
उत्तर:
इकाई की पहली रचना ‘माटीवाली’ है।

प्रश्न: ‘माटीवाली’ किस विधा की रचना है?
उत्तर:
‘माटीवाली’ एक कहानी है।

प्रश्न: ‘माटीवाली’ कहानी की मुख्य समस्या क्या है?
उत्तर:
विस्थापन से उपजी पीड़ा और प्रताड़ना।

प्रश्न: कहानी की मुख्य पात्र कौन है?
उत्तर:
घर-घर माटी पहुँचाने वाली एक वृद्ध स्त्री।

प्रश्न: वृद्ध स्त्री माटी क्यों पहुँचाती है?
उत्तर:
जीविकोपार्जन के लिए।

प्रश्न: कहानी में वृद्ध स्त्री किन परिस्थितियों से संघर्ष करती है?
उत्तर:
गरीबी और सामाजिक उपेक्षा से।

प्रश्न: वृद्ध स्त्री अपनी कौन-सी विशेषता का परिचय देती है?
उत्तर:
संवेदनशीलता और कर्मठता का।

प्रश्न: वह गृहस्थी के किस पक्ष को समझती है?
उत्तर:
गृहस्थी के बोध और बोझ को।

प्रश्न: पति की मृत्यु वृद्ध स्त्री को क्यों नहीं तोड़ पाती?
उत्तर:
क्योंकि वह जीवन के संघर्षों की अभ्यस्त है।

प्रश्न: कौन-सा उत्तर वृद्ध स्त्री को अधिक पीड़ा देता है?
उत्तर:
“बुढ़िया मुझे जमीन का कागज चाहिए रोजी का नहीं।”

प्रश्न: “बाँध बनने के बाद मैं खाऊँगी क्या साब” वाक्य क्या दर्शाता है?
उत्तर:
भविष्य की असुरक्षा और विस्थापन की पीड़ा।

प्रश्न: कहानी में मार्मिकता किस रूप में दिखाई देती है?
उत्तर:
वृद्ध स्त्री के संवादों और जीवन-संघर्ष के माध्यम से।

प्रश्न: “गरीब आदमी का श्मशान नहीं उजड़ना चाहिए” कथन का भाव क्या है?
उत्तर:
गरीबों की गरिमा और अस्तित्व की रक्षा।

प्रश्न: ‘कन्यादान’ कविता के रचनाकार कौन हैं?
उत्तर:
‘कन्यादान’ कविता के रचनाकार ऋतुराज हैं।

प्रश्न: ‘कन्यादान’ कविता किस विषय पर आधारित है?
उत्तर:
स्त्रियों के प्रति समाज की परम्परागत मान्यताओं के विरोध पर।

प्रश्न: कविता में माँ अपनी बेटी को क्या समझाती है?
उत्तर:
समाज स्त्रियों को सुंदरता के भ्रम में बाँधता है।

प्रश्न: समाज स्त्रियों के साथ कैसा व्यवहार करता है?
उत्तर:
उनकी कमजोरी का उपहास करता है और उनका उपयोग करता है।

प्रश्न: कविता में माँ के अनुभव किस प्रकार के हैं?
उत्तर:
दीर्घ जीवन अनुभवों से उपजे।

प्रश्न: इस इकाई में स्त्री-चेतना किस रूप में उभरती है?
उत्तर:
विरोध और आत्मबोध के रूप में।

प्रश्न: पूरी इकाई का केंद्रीय भाव क्या है?
उत्तर:
मानवीय अनुभूतियों और मूल्यों की गहन समझ विकसित करना।

Answer by Dimpee  Bora