Chapter- 6                  जीवन दर्शन


प्रश्न: यह पाठ किस इकाई से संबंधित है?
उत्तर:
यह पाठ “जीवन-दर्शन” नामक इकाई से संबंधित है।

प्रश्न: इस इकाई को पुस्तक में शामिल करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
विद्यार्थियों में जीवन के आंतरिक पक्ष के प्रति उत्सुकता और संवेदनशीलता विकसित करना।

प्रश्न: इस इकाई के माध्यम से विद्यार्थी क्या पकड़ सकें, ऐसा प्रयास किया गया है?
उत्तर:
जीवन से जुड़े भावों और विचारों के सूक्ष्म तंतुओं को।

प्रश्न: इस खंड की रचनाएँ विद्यार्थियों में किस प्रकार की जागरूकता लाती हैं?
उत्तर:
भाव, विचार और अनुभवों को सजगता से समझने की जागरूकता।

प्रश्न: विद्यार्थी किन अनुभवों को महसूस करना सीखते हैं?
उत्तर:
प्रकृति में उपलब्ध जीवन अनुभवों को।

प्रश्न: इस इकाई की रचनाएँ विद्यार्थियों की किन अनुभूतियों को प्रखर बनाती हैं?
उत्तर:
झीनी अनुभूतियों और भाषिक संवेदनाओं को।

प्रश्न: इस इकाई में कल्पना तत्व का क्या महत्व है?
उत्तर:
कल्पना के माध्यम से भावों की अभिव्यक्ति को समझना।

प्रश्न: विद्यार्थी भाषिक प्रयोग के बारे में क्या समझ पाते हैं?
उत्तर:
सौंदर्य और भावों को व्यक्त करने वाले भाषिक प्रयोगों की समझ।

प्रश्न: आर. सी. प्रसाद सिंह की कौन-सी रचना इस इकाई में शामिल है?
उत्तर:
‘जीवन का झरना’।

प्रश्न: ‘जीवन का झरना’ कविता क्या प्रेरणा देती है?
उत्तर:
सुख-दुःख के बीच निरंतर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा।

प्रश्न: कविता जीवन के किस सत्य को समझने की सीख देती है?
उत्तर:
जीवन के वास्तविक मर्म को समझने की।

प्रश्न: यह कविता जीवन पथ में आने वाली बाधाओं के बारे में क्या सिखाती है?
उत्तर:
सकारात्मकता के साथ उनका सामना करने की सीख देती है।

प्रश्न: ‘जीवन का झरना’ कविता किस गुण को जीवन का ध्येय मानती है?
उत्तर:
गतिशीलता को।

प्रश्न: कविता जीवन को किस ओर उन्मुख करने के लिए प्रेरित करती है?
उत्तर:
जड़ता से जीवन्तता की ओर।

प्रश्न: सुभद्रा कुमारी चौहान की कौन-सी कविता इस इकाई में शामिल है?
उत्तर:
“साध”।

प्रश्न: “साध” कविता में किस प्रकार के जीवन की कल्पना की गई है?
उत्तर:
शांतिप्रिय और संतोषप्रद जीवन की।

प्रश्न: कवयित्री ने जीवन की तुलना किससे की है?
उत्तर:
नदी के नीरव और शांत प्रवाह से।

प्रश्न: कविता में किस प्रकार का आह्वान किया गया है?
उत्तर:
संतोषपूर्ण जीवन अपनाने का।

प्रश्न: कवयित्री मानव जीवन को कैसा देखना चाहती हैं?
उत्तर:
नदी के शांत प्रवाह के समान।

प्रश्न: कविता के अनुसार जीवन में किसका एहसास होना चाहिए?
उत्तर:
हर आने वाले पल में नवीनता का।

प्रश्न: जीवन की उर्वरता किसे संगीतमय बनाती है?
उत्तर:
हमारे जीवन अनुभवों और अनुभूतियों को।

प्रश्न: कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर का कौन-सा निबंध इस इकाई में शामिल है?
उत्तर:
‘एक था पेड़ एक था ठूँठ’।

प्रश्न: इस निबंध में मनुष्य के स्वभाव की तुलना किससे की गई है?
उत्तर:
बाँझ के हरे-भरे पेड़ और ठूँठ से।

प्रश्न: ठूँठ को किसका प्रतीक बताया गया है?
उत्तर:
निर्जीव जड़ता और विनाश का।

प्रश्न: लेखक के अनुसार किन लोगों का जीवन निरर्थक होता है?
उत्तर:
जो बिना सोचे-समझे परम्परागत आदर्शों पर अड़े रहते हैं।

प्रश्न: बाँझ का हरा-भरा पेड़ क्या दर्शाता है?
उत्तर:
लचीलापन और जीवन्तता।

प्रश्न: पेड़ की जड़ किस बात का प्रतीक है?
उत्तर:
दृढ़ता और मजबूती का।

प्रश्न: लेखक मनुष्य के विचारों को कैसा मानते हैं?
उत्तर:
लचीला और परिस्थितियों के अनुसार ढलने वाला।

प्रश्न: निर्णयों में किन गुणों का होना आवश्यक बताया गया है?
उत्तर:
दृढ़ता, जीवन्तता और संकट में डटे रहने की शक्ति।

प्रश्न: इस इकाई का केंद्रीय भाव क्या है?
उत्तर:
जीवन के सत्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन-दर्शन की समझ विकसित करना।

Answer by Dimpee Bora