Chapter-8             हिंदी साहित्य का इतिहास


प्रश्न: हिन्दी साहित्य का आदिकाल किस संवत् काल में माना जाता है?
उत्तर:
हिन्दी साहित्य का आदिकाल संवत् 1050 से 1375 तक माना जाता है।

प्रश्न: आदिकाल को और किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर:
आदिकाल को वीरगाथाकाल के नाम से भी जाना जाता है।

प्रश्न: मध्यकाल हिन्दी साहित्य में किस अवधि को कहा जाता है?
उत्तर:
मध्यकाल संवत् 1375 से 1700 तक माना जाता है।

प्रश्न: मध्यकाल का प्रमुख नाम क्या है?
उत्तर:
मध्यकाल को भक्तिकाल कहा जाता है।

प्रश्न: उत्तरमध्य काल किसे कहा जाता है?
उत्तर:
उत्तरमध्य काल को रीतिकाल कहा जाता है।

प्रश्न: रीतिकाल किस संवत् काल में माना जाता है?
उत्तर:
रीतिकाल संवत् 1700 से 1900 तक माना जाता है।

प्रश्न: आधुनिक काल को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर:
आधुनिक काल को गद्यकाल कहा जाता है।

प्रश्न: आधुनिक काल की समय सीमा क्या मानी जाती है?
उत्तर:
आधुनिक काल संवत् 1900 से 1984 तक माना जाता है।

प्रश्न: साहित्यिक कालों का नामकरण किस आधार पर किया गया है?
उत्तर:
साहित्यिक कालों का नामकरण उनकी प्रमुख साहित्यिक प्रवृत्तियों के आधार पर किया गया है।

प्रश्न: क्या किसी एक काल में केवल उसी प्रकार की रचनाएँ मिलती हैं?
उत्तर:
नहीं, प्रत्येक काल में अन्य प्रकार की रचनाएँ भी मिलती हैं।

प्रश्न: भक्तिकाल और रीतिकाल में किस रस की रचनाएँ भी मिलती हैं?
उत्तर:
भक्तिकाल और रीतिकाल में वीररस की रचनाएँ भी मिलती हैं।

प्रश्न: प्रत्येक काल का वर्णन किस पद्धति से किया जाएगा?
उत्तर:
पहले उस काल की मुख्य प्रवृत्ति वाली रचनाओं का और फिर अन्य रचनाओं का संक्षेप में उल्लेख किया जाएगा।

प्रश्न: डॉ० रामकुमार वर्मा ने आदिकाल को किस नाम से पुकारा है?
उत्तर:
डॉ० रामकुमार वर्मा ने आदिकाल को संधि काल कहा है।

प्रश्न: राहुल सांकृत्यायन आदिकाल को किस नाम से जानते हैं?
उत्तर:
राहुल सांकृत्यायन इसे सिद्ध सामंत काल कहते हैं।

प्रश्न: राहुल सांकृत्यायन के अनुसार सिद्ध काव्य क्या है?
उत्तर:
उनके अनुसार सिद्ध काव्य हिन्दी का ही काव्य है।

प्रश्न: आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने आदिकाल का नामकरण किस आधार पर किया?
उत्तर:
उन्होंने उपलब्ध रचनाओं और ऐतिहासिक सामग्री के आधार पर किया।

प्रश्न: शुक्ल जी द्वारा मानी गई रचनाओं में क्या समस्या बताई गई है?
उत्तर:
उनमें से कुछ रचनाएँ संदिग्ध और कुछ परवर्ती मानी गई हैं।

प्रश्न: चंद्रधर शर्मा गुलेरी और डॉ० धीरेन्द्र वर्मा ने इस काल को क्या कहा?
उत्तर:
उन्होंने इस काल को अपभ्रंश काल कहा।

प्रश्न: अपभ्रंश काल नामकरण किस आधार पर किया गया है?
उत्तर:
भाषा की प्रधानता के आधार पर।

प्रश्न: साहित्यिक काल का नामकरण किस आधार पर होना चाहिए?
उत्तर:
उस काल की प्रमुख साहित्यिक प्रवृत्तियों के आधार पर।

प्रश्न: आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने किस नाम को उचित माना?
उत्तर:
उन्होंने आदिकाल नाम को उचित माना।

प्रश्न: महावीर प्रसाद द्विवेदी ने आदिकाल को क्या कहा?
उत्तर:
उन्होंने इसे बीजवपन काल कहा।

प्रश्न: कुछ विद्वानों ने आदिकाल को और किन नामों से पुकारा?
उत्तर:
प्रारंभिक काल और आविर्भाव काल।

प्रश्न: ये सभी नाम किस नाम में समाहित हो जाते हैं?
उत्तर:
आदिकाल नाम में।

प्रश्न: ग्यारहवीं सदी में हिन्दी भाषा की क्या स्थिति थी?
उत्तर:
ग्यारहवीं सदी में देशभाषा हिन्दी का रूप अधिक स्पष्ट होने लगा था।

प्रश्न: उस समय पश्चिमी हिन्दी प्रदेश की राजनीतिक स्थिति कैसी थी?
उत्तर:
वहाँ अनेक छोटे-छोटे राजपूत राज्य स्थापित थे।

प्रश्न: ये राजपूत राज्य किससे युद्ध करते रहते थे?
उत्तर:
आपस में और विदेशी आक्रमणकारियों से।

प्रश्न: चारणों और भाटों का काव्य किस प्रकार का था?
उत्तर:
उनका काव्य राजप्रशस्तिमूलक था।

प्रश्न: वीरगाथात्मक काव्य को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
वीरगाथात्मक काव्य को रासो कहा जाता है।

प्रश्न: रासो काव्य में किसका वर्णन मिलता है?
उत्तर:
इसमें आश्रयदाता राजाओं के शौर्य और वीरता का वर्णन मिलता है।

Answer by Dimpee Bora