Chapter-1           संसाधन एवं विकास


प्रश्न: यह पाठ किस विषय से संबंधित है?
उत्तर:
यह पाठ सामाजिक विज्ञान कक्षा 10 के अध्याय “संसाधन एवं विकास” से संबंधित है।

प्रश्न: मनुष्य को प्रकृति का अभिन्न अंग क्यों कहा गया है?
उत्तर:
क्योंकि मनुष्य भी अन्य जीवों की तरह प्रकृति से प्राप्त हवा, पानी, भोजन आदि पर निर्भर करता है।

प्रश्न: मनुष्य अन्य जीवों से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर:
मनुष्य प्रकृति को सोच-समझकर अपनी आवश्यकताओं के अनुसार बदलता है।

प्रश्न: मनुष्य प्रकृति से प्राप्त वस्तुओं का उपयोग किस लिए करता है?
उत्तर:
वह उनसे औजार बनाकर अपनी पसंद की वस्तुओं का उत्पादन करता है।

प्रश्न: संसाधन किसे कहा जाता है?
उत्तर:
प्रकृति से प्राप्त जिन वस्तुओं का उपयोग मनुष्य उत्पादन के लिए करता है, उन्हें संसाधन कहा जाता है।

प्रश्न: प्रागैतिहासिक काल में मनुष्य किस प्रकार के औजार बनाता था?
उत्तर:
वह पत्थरों को तोड़कर औजार बनाता था।

प्रश्न: पत्थर के औजारों का उपयोग किन कार्यों में होता था?
उत्तर:
शिकार करने, जमीन खोदने, कंदमूल इकट्ठा करने और वस्त्र बनाने में।

प्रश्न: उस समय कौन-कौन से प्राकृतिक संसाधन उपयोग में लाए जाते थे?
उत्तर:
पत्थर, बांस और जानवरों की खाल आदि।

प्रश्न: समय के साथ मनुष्य के उत्पादन कार्य में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर:
उत्पादन का दायरा बढ़ता गया और संसाधनों का उपयोग अधिक होने लगा।

प्रश्न: मनुष्य ने कब खेती और पशुपालन शुरू किया?
उत्तर:
जब उसने निर्जीव वस्तुओं के साथ-साथ सजीव संसाधनों का उपयोग शुरू किया।

प्रश्न: खेती के लिए मनुष्य ने क्या-क्या कार्य किए?
उत्तर:
पेड़ काटे, भूमि समतल की और बीज बोए।

प्रश्न: बीज से क्या परिवर्तन हुआ?
उत्तर:
बीज से पौधे बने, फिर फूल-फल आए और अंत में अनाज प्राप्त हुआ।

प्रश्न: फसलों की सुरक्षा के लिए मनुष्य ने क्या किया?
उत्तर:
उसने स्थायी घर और भंडारण स्थान बनाए।

प्रश्न: संसाधनों की सूची में समय के साथ क्या हुआ?
उत्तर: संसाधनों की संख्या लगातार बढ़ती गई।

प्रश्न: प्रकृति को बदलने की मनुष्य की क्षमता क्यों बढ़ी?
उत्तर:
क्योंकि उसने नए औजार और तकनीकें विकसित कीं।

प्रश्न: खेती और पशुपालन की शुरुआत को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
नवपाषाण क्रांति।

प्रश्न: नवपाषाण क्रांति कब शुरू हुई थी?
उत्तर:
लगभग दस हजार वर्ष पहले।

प्रश्न: नवपाषाण क्रांति का क्या महत्व है?
उत्तर:
इससे स्थायी जीवन, खेती और उत्पादन की शुरुआत हुई।

प्रश्न: इस काल में मनुष्य ने कौन-कौन सी नई तकनीकें सीखी?
उत्तर:
मिट्टी के बर्तन बनाना, कपड़ा बुनना और धातुओं का उपयोग।

प्रश्न: किन धातुओं से वस्तुएँ बनाई जाती थीं?
उत्तर:
तांबा, कांसा और लोहा।

प्रश्न: कृषक कारीगर समाज में प्राकृतिक संसाधनों का क्या महत्व था?
उत्तर:
ये संसाधन जीवन-यापन और उत्पादन का आधार थे।

प्रश्न: जैसे-जैसे संसाधनों का महत्व बढ़ा, कौन से प्रश्न उठे?
उत्तर:
संसाधनों पर अधिकार किसका हो और उनका उपयोग कैसे हो।

प्रश्न: विभिन्न समाजों ने इन प्रश्नों के उत्तर कैसे दिए?
उत्तर:
अलग-अलग तरीकों से संसाधनों का नियंत्रण और उपयोग तय किया।

प्रश्न: कुछ समाजों में संसाधनों पर किसका अधिकार था?
उत्तर:
पूरे समाज का संयुक्त अधिकार था।

प्रश्न: संसाधनों के उचित उपयोग का उद्देश्य क्या था?
उत्तर:
समाज की भलाई और संतुलित विकास।

प्रश्न: इस पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर:
मनुष्य और प्रकृति के बीच संतुलित और जिम्मेदार संबंध का महत्व।

Answer by Dimpee Bora