Chapter- 3           समानता


  • समानता किस प्रकार का मूल्य है?
    उत्तर:
    समानता एक नैतिक और राजनीतिक मूल्य है।

  • समानता की अवधारणा संविधान में क्यों दर्ज की गई है?
    उत्तर:
    ताकि हर व्यक्ति को न्याय और समान अवसर मिल सके।

  • समानता का अर्थ क्या है?
    उत्तर:
    यह व्यक्ति के प्रति निष्पक्ष और समान व्यवहार सुनिश्चित करना है, न कि हर स्थिति में पूर्ण समानता।

  • क्या समानता का मतलब हर व्यक्ति को हर स्थिति में एक जैसा व्यवहार देना है?
    उत्तर:
    नहीं, परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार भेदभाव रहित न्यायपूर्ण व्यवहार करना है।

  • समानता की ओर बढ़ने के लिए क्या आवश्यक है?
    उत्तर:
    जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में असमानताओं को न्यूनतम करना।

  • जीवन के किन क्षेत्रों में असमानता को कम किया जा सकता है?
    उत्तर:
    राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में।

  • राजनीतिक आयाम में समानता का मतलब क्या है?
    उत्तर:
    सभी नागरिकों को मतदान और भागीदारी में समान अधिकार मिलना।

  • आर्थिक समानता का क्या अर्थ है?
    उत्तर:
    संसाधनों, धन और अवसरों का न्यायसंगत वितरण।

  • सामाजिक समानता से क्या आशय है?
    उत्तर:
    जाति, लिंग, धर्म और वर्ग के आधार पर भेदभाव का न होना।

  • असमानता की प्रकृति को समझने के लिए क्या उपयोग किया जाता है?
    उत्तर:
    आँकड़े और चित्र।

  • क्या हमें असमानता के आँकड़े याद रखने की जरूरत है?
    उत्तर:
    नहीं, केवल उनकी समझ आवश्यक है।

  • समानता से जुड़े विचारधाराएँ कौन-कौन सी हैं?
    उत्तर:
    समाजवाद, मार्क्सवाद, उदारवाद और नारीवाद।

  • समाज में असमानता क्यों उत्पन्न होती है?
    उत्तर:
    संपत्ति, शक्ति, शिक्षा और सामाजिक पहचान के भिन्न वितरण के कारण।

  • समानता का नैतिक महत्व क्या है?
    उत्तर:
    यह समाज में न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।

  • समानता का राजनीतिक महत्व क्या है?
    उत्तर:
    यह सभी नागरिकों को समान अधिकार और भागीदारी देता है।

  • क्या समानता का मतलब हमेशा सभी को समान लाभ देना है?
    उत्तर:
    नहीं, इसे परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार लागू किया जाता है।

  • समानता पर विचार क्यों करना आवश्यक है?
    उत्तर:
    ताकि समाज में अन्याय और भेदभाव को कम किया जा सके।

  • समानता की अवधारणा किस प्रकार के संघर्षों से जुड़ी है?
    उत्तर:
    आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक असमानताओं के खिलाफ संघर्ष।

  • समानता और न्याय में क्या संबंध है?
    उत्तर:
    समानता न्याय के लिए आवश्यक पूर्वापेक्षा है।

  • समानता सुनिश्चित करने में कौन सी संस्थाएँ मदद करती हैं?
    उत्तर:
    सरकार, न्यायालय और सामाजिक संगठन।

  • समानता के लिए व्यक्ति का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए?
    उत्तर:
    निष्पक्ष, सहिष्णु और संवेदनशील होना चाहिए।

  • क्या समानता केवल कानून के माध्यम से सुनिश्चित की जा सकती है?
    उत्तर:
    नहीं, इसके लिए सामाजिक और आर्थिक सुधार भी आवश्यक हैं।

  • समानता और स्वतंत्रता में क्या अंतर है?
    उत्तर:
    स्वतंत्रता व्यक्तिगत अधिकार देती है, समानता अवसर और व्यवहार में न्याय सुनिश्चित करती है।

  • समानता पर विचार करते समय कौन-कौन से प्रश्न पूछे जाते हैं?
    उत्तर:
    समाज को कैसे संगठित किया जाए, असमानताओं को कैसे कम किया जाए, राजनीतिक और सामाजिक अधिकार कैसे सुनिश्चित हों।

  • उदारवाद समानता के संदर्भ में क्या कहता है?
    उत्तर:
    व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अवसरों की समानता पर बल देता है।

  • समाजवाद समानता पर किस रूप में जोर देता है?
    उत्तर:
    संसाधनों और संपत्ति के न्यायसंगत वितरण पर।

  • नारीवाद समानता के लिए किस मुद्दे को प्रमुख मानता है?
    उत्तर:
    लिंग आधारित असमानताओं का समाप्त होना।

  • मार्क्सवाद में समानता का अर्थ क्या है?
    उत्तर:
    वर्ग-आधारित असमानताओं को समाप्त कर समाज में आर्थिक और सामाजिक समानता।

  • असमानता के आँकड़े क्यों प्रस्तुत किए जाते हैं?
    उत्तर:
    ताकि समाज में असमानताओं की प्रकृति को समझा जा सके।

  • इस अध्याय का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    उत्तर:
    समानता की अवधारणा, उसके विभिन्न आयाम और असमानताओं को कम करने के उपाय समझना।

  • Answer by Dimpee Bora