Chapter- 7             राष्ट्रवाद परिचय 


  • प्रश्न: इस अध्याय का विषय क्या है?
    उत्तर: राष्ट्र और राष्ट्रवाद से संबंधित विचार।

  • प्रश्न: अध्याय में राष्ट्रवाद के किस पहलू पर जोर दिया गया है?
    उत्तर: राष्ट्रवाद को समझने, उस पर सावधानी से सोचने और उसके प्रभावों पर।

  • प्रश्न: क्या इस अध्याय का उद्देश्य राष्ट्रवाद के उदय का इतिहास बताना है?
    उत्तर: नहीं, मुख्य उद्देश्य इतिहास नहीं बल्कि विचारों की समझ है।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद को लेकर किस प्रकार की सोच आवश्यक मानी गई है?
    उत्तर: सावधानीपूर्ण और आलोचनात्मक सोच।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद के साथ किन बातों की जाँच आवश्यक है?
    उत्तर: उससे जुड़े अधिकारों और आकांक्षाओं की।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद को समझना क्यों महत्वपूर्ण है?
    उत्तर: क्योंकि यह राजनीति, समाज और लोकतंत्र को प्रभावित करता है।

  • प्रश्न: इस अध्याय में किन अवधारणाओं को समझने की बात कही गई है?
    उत्तर: राष्ट्र और राष्ट्रवाद की अवधारणाओं को।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद की कौन-सी विशेषताओं पर चर्चा की जाती है?
    उत्तर: उसकी शक्ति और उसकी सीमाएँ।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद की शक्ति से क्या तात्पर्य है?
    उत्तर: लोगों को एकजुट करने और पहचान देने की क्षमता।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद की सीमाएँ क्यों महत्वपूर्ण हैं?
    उत्तर: ताकि वह दूसरों के अधिकारों का हनन न करे।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद और लोकतंत्र के बीच क्या संबंध है?
    उत्तर: लोकतंत्र में राष्ट्रवाद को नागरिक अधिकारों के साथ संतुलित होना चाहिए।

  • प्रश्न: इस अध्याय में किस संबंध को सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई है?
    उत्तर: लोकतंत्र एवं राष्ट्रवाद के बीच संबंध को।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद का अंध समर्थन क्यों खतरनाक हो सकता है?
    उत्तर: क्योंकि यह असहिष्णुता और बहिष्करण को जन्म दे सकता है।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद के साथ अधिकारों की चर्चा क्यों की गई है?
    उत्तर: ताकि नागरिकों की स्वतंत्रता सुरक्षित रहे।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद से जुड़ी आकांक्षाएँ क्या दर्शाती हैं?
    उत्तर: लोगों की पहचान, सम्मान और स्वशासन की इच्छा।

  • प्रश्न: क्या राष्ट्रवाद केवल भावनात्मक विचार है?
    उत्तर: नहीं, यह राजनीतिक और सामाजिक विचार भी है।

  • प्रश्न: राष्ट्र और राष्ट्रवाद में क्या अंतर है?
    उत्तर: राष्ट्र एक समुदाय है, जबकि राष्ट्रवाद उससे जुड़ी विचारधारा है।

  • प्रश्न: इस अध्याय का अध्ययन-मनन क्यों आवश्यक है?
    उत्तर: ताकि राष्ट्रवाद को संतुलित दृष्टि से समझा जा सके।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    उत्तर: यह समाज में एकता या विभाजन दोनों ला सकता है।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद की आलोचना क्यों जरूरी है?
    उत्तर: ताकि उसकी नकारात्मक प्रवृत्तियों को रोका जा सके।

  • प्रश्न: लोकतंत्र में राष्ट्रवाद को कैसे होना चाहिए?
    उत्तर: समावेशी और अधिकारों का सम्मान करने वाला।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद की सीमाएँ न मानने से क्या हो सकता है?
    उत्तर: टकराव और दमन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद का सकारात्मक पक्ष क्या है?
    उत्तर: सामूहिक पहचान और एकता की भावना।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद का नकारात्मक पक्ष क्या हो सकता है?
    उत्तर: असहिष्णुता और आक्रामकता।

  • प्रश्न: इस अध्याय में किस बात को स्वीकार करने की बात कही गई है?
    उत्तर: राष्ट्रवाद की शक्ति और सीमाओं दोनों को।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद और अधिकारों का क्या संबंध है?
    उत्तर: राष्ट्रवाद को अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।

  • प्रश्न: राष्ट्रवाद की चर्चा आज क्यों प्रासंगिक है?
    उत्तर: क्योंकि यह आधुनिक राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • प्रश्न: क्या राष्ट्रवाद सभी समस्याओं का समाधान है?
    उत्तर: नहीं, इसकी भी अपनी सीमाएँ हैं।

  • प्रश्न: इस अध्याय का मुख्य शैक्षिक उद्देश्य क्या है?
    उत्तर: राष्ट्रवाद पर संतुलित और आलोचनात्मक दृष्टि विकसित करना।

  • प्रश्न: अध्याय 7 को पढ़ने के बाद विद्यार्थी क्या समझ पाएँगे?
    उत्तर: राष्ट्र, राष्ट्रवाद और लोकतंत्र के बीच संबंध की आवश्यकता।

  • Answer by Dimpee Bora