Chapter- 5               अधिकार


  • अधिकार क्या हैं?
    उत्तर:
    अधिकार वे हक हैं जिनका औचित्य सिद्ध होता है और जिन्हें समाज वैध मानता है।

  • हर इच्छा को अधिकार कहा जा सकता है क्या?
    उत्तर:
    नहीं, केवल वही दावा अधिकार होता है जिसका समाज और कानून अनुमोदन करता हो।

  • अधिकार और इच्छा में क्या अंतर है?
    उत्तर:
    इच्छा व्यक्ति की निजी चाह है, जबकि अधिकार समाज द्वारा मान्यता प्राप्त हक है।

  • अधिकार का उद्देश्य क्या है?
    उत्तर:
    व्यक्ति और नागरिक को सम्मान और गरिमा के साथ जीवन बिताने की सुविधा देना।

  • आजीविका का अधिकार क्या सुनिश्चित करता है?
    उत्तर:
    यह व्यक्ति को आर्थिक स्वतंत्रता और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देता है।

  • स्वतंत्र अभिव्यक्ति का अधिकार किसलिए महत्वपूर्ण है?
    उत्तर:
    यह व्यक्ति को रचनात्मकता और मौलिकता व्यक्त करने की स्वतंत्रता देता है और लोकतांत्रिक सरकार के लिए भी आवश्यक है।

  • अधिकारों की सार्वभौमिकता का कारण क्या है?
    उत्तर:
    क्योंकि ये समाज के सभी लोगों के जीवन और गरिमा के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।

  • अधिकारों का दूसरा आधार क्या है?
    उत्तर:
    ये हमारे कल्याण और व्यक्तिगत दक्षता, प्रतिभा और कौशल के विकास के लिए आवश्यक हैं।

  • शिक्षा का अधिकार क्यों महत्वपूर्ण है?
    उत्तर:
    यह तर्क-शक्ति विकसित करता है, उपयोगी कौशल देता है और जीवन में सूझ-बूझ से निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।

  • किसी हानिकारक कार्य को अधिकार क्यों नहीं माना जाता?
    उत्तर:
    क्योंकि यह हमारे स्वास्थ्य और दूसरों के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचा सकता है।

  • क्या नशीले पदार्थों का सेवन अधिकार है?
    उत्तर:
    नहीं, यह स्वास्थ्य और समाज के लिए हानिकारक है।

  • अधिकार समाज के किन मूल्यों से जुड़े हैं?
    उत्तर:
    सम्मान, गरिमा, स्वतंत्रता और कल्याण से।

  • आजीविका का अधिकार किस प्रकार व्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा है?
    उत्तर:
    यह आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करके व्यक्ति को अपनी प्रतिभा और रुचियों की ओर प्रवृत्त करता है।

  • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व्यक्ति के लिए क्या महत्व रखती है?
    उत्तर:
    यह उसे अपनी सोच और दृष्टिकोण व्यक्त करने का अवसर देती है।

  • अधिकार और नागरिक जिम्मेदारी में क्या संबंध है?
    उत्तर:
    अधिकार का प्रयोग जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए ताकि समाज में संतुलन बना रहे।

  • क्या अधिकार केवल व्यक्तिगत स्तर पर महत्वपूर्ण हैं?
    उत्तर:
    नहीं, ये सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में भी महत्वपूर्ण हैं।

  • अधिकारों का मान्यता क्यों जरूरी है?
    उत्तर:
    ताकि व्यक्ति और समाज में न्याय और समानता सुनिश्चित हो सके।

  • अधिकार और लोकतंत्र में क्या संबंध है?
    उत्तर:
    अधिकार लोकतंत्र की नींव हैं क्योंकि ये नागरिकों को स्वतंत्रता और सहभागिता प्रदान करते हैं।

  • अधिकार समाज में कैसे लागू होते हैं?
    उत्तर:
    कानून, नीति और सामाजिक मान्यताओं के माध्यम से।

  • कौन से अधिकार समाज के सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं?
    उत्तर:
    आजीविका का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शिक्षा का अधिकार आदि।

  • अधिकार किसके लिए डिजाइन किए जाते हैं?
    उत्तर:
    व्यक्ति के कल्याण और समाज में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए।

  • अधिकार की पहचान कैसे होती है?
    उत्तर:
    समाज और कानून द्वारा वैध और अनुमोदित हक के रूप में।

  • अधिकार का प्रयोग किन शर्तों में किया जा सकता है?
    उत्तर:
    जब यह दूसरों के हित और समाज के नियमों के विरुद्ध न हो।

  • शिक्षा का अधिकार व्यक्तिगत और सामाजिक रूप से किस प्रकार महत्त्वपूर्ण है?
    उत्तर:
    यह व्यक्तिगत क्षमता विकसित करता है और समाज में जागरूक नागरिक बनाता है।

  • अधिकारों और गरिमा का क्या संबंध है?
    उत्तर:
    अधिकार व्यक्ति की गरिमा बनाए रखने और सम्मानपूर्ण जीवन जीने में मदद करते हैं।

  • आजीविका के अधिकार के उदाहरण क्या हैं?
    उत्तर:
    लाभकर रोज़गार और आर्थिक स्वतंत्रता।

  • अधिकारों के दावे का आधार क्या है?
    उत्तर:
    ये हमारी बेहतरी, गरिमा और समाज द्वारा स्वीकार्यता पर आधारित हैं।

  • व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अधिकार में क्या अंतर है?
    उत्तर:
    स्वतंत्रता व्यक्तिगत विकल्प है, अधिकार उस विकल्प का समाज द्वारा अनुमोदित रूप है।

  • अधिकारों का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाजिक क्यों है?
    उत्तर:
    क्योंकि अधिकार समाज में न्याय और समानता सुनिश्चित करने में मदद करते हैं।

  • लोकतांत्रिक सरकार में अधिकार क्यों आवश्यक हैं?
    उत्तर:
    क्योंकि ये विश्वास और मत व्यक्त करने की स्वतंत्रता देती हैं और नागरिक सहभागिता को बढ़ाती हैं।

  • Answer by Dimpee Bora