Chapter- 11               जैनेंद्र कुमार


प्रश्न 1: जैनेंद्र कुमार का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर:
जैनेंद्र कुमार का जन्म सन् 1905 में अलीगढ़, उत्तर प्रदेश में हुआ था।

प्रश्न 2: जैनेंद्र कुमार हिंदी साहित्य में किस रूप में प्रसिद्ध हैं?
उत्तर:
जैनेंद्र कुमार हिंदी साहित्य में एक प्रमुख कथाकार और चिंतक के रूप में प्रसिद्ध हैं।

प्रश्न 3: जैनेंद्र कुमार को प्रेमचंद के बाद सबसे महत्त्वपूर्ण कथाकार क्यों माना जाता है?
उत्तर:
क्योंकि उन्होंने हिंदी कथा-साहित्य को नई मनोवैज्ञानिक दिशा दी और व्यापक साहित्यिक योगदान किया।

प्रश्न 4: जैनेंद्र कुमार के प्रमुख उपन्यास कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
उनके प्रमुख उपन्यास परख, अनाम स्वामी, सुनीता, त्यागपत्र, कल्याणी, जयवर्धन और मुक्तिबोध हैं।

प्रश्न 5: जैनेंद्र कुमार की कौन-सी कृति ने उन्हें विशेष प्रतिष्ठा दिलाई?
उत्तर:
1937 में प्रकाशित उपन्यास त्यागपत्र ने उन्हें विशेष प्रतिष्ठा दिलाई।

प्रश्न 6: जैनेंद्र कुमार को किस प्रकार का उपन्यासकार माना जाता है?
उत्तर:
उन्हें मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार माना जाता है।

प्रश्न 7: जैनेंद्र कुमार की कथा-धारा की मुख्य विशेषता क्या है?
उत्तर:
उनकी कथा-धारा मनोवैज्ञानिक विश्लेषण पर आधारित है।

प्रश्न 8: जैनेंद्र कुमार की प्रमुख कहानी-संग्रह कौन-सी हैं?
उत्तर:
वातायन, एक रात, दो चिड़िया, फाँसी, नीलम देश की राजकन्या और पाजेब उनकी प्रमुख कहानी-संग्रह हैं।

प्रश्न 9: जैनेंद्र कुमार की किन कहानियों को कालजयी माना गया है?
उत्तर:
खेल, पाजेब, नीलम देश की राजकन्या, अपना-अपना भाग्य और तत्सत को कालजयी माना गया है।

प्रश्न 10: जैनेंद्र कुमार के निबंध किस प्रकार के हैं?
उत्तर:
उनके निबंध विचार-प्रधान और चिंतनशील हैं।

प्रश्न 11: जैनेंद्र कुमार के प्रमुख निबंध-संग्रह कौन-से हैं?
उत्तर:
प्रस्तुत प्रश्न, जड़ की बात, पूर्वोदय, साहित्य का श्रेय और प्रेय, सोच-विचार तथा समय और हम प्रमुख निबंध-संग्रह हैं।

प्रश्न 12: जैनेंद्र कुमार को कौन-कौन से पुरस्कार मिले?
उत्तर:
उन्हें साहित्य अकादेमी पुरस्कार, भारत-भारती सम्मान और पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।

प्रश्न 13: जैनेंद्र कुमार को पद्मभूषण से किसने सम्मानित किया?
उत्तर:
उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।

प्रश्न 14: जैनेंद्र कुमार का निधन कब हुआ?
उत्तर:
जैनेंद्र कुमार का निधन सन् 1990 में हुआ।

प्रश्न 15: दिए गए विचार में लेखक किसे असमर्थ मानते हैं?
उत्तर:
लेखक उसे असमर्थ मानते हैं जो यथार्थ को अंतिम सत्य मानकर स्वयं को विवश समझ लेता है।

प्रश्न 16: स्वप्न के सत्य को देखने वाला व्यक्ति कैसा होता है?
उत्तर:
स्वप्न के सत्य को देखने वाला व्यक्ति यथार्थ की कठिनाइयों से निरुत्साहित नहीं होता।

प्रश्न 17: जैनेंद्र कुमार की रचनाओं में किस प्रकार का यथार्थ मिलता है?
उत्तर:
उनकी रचनाओं में मनोवैज्ञानिक और आंतरिक यथार्थ मिलता है।

प्रश्न 18: जैनेंद्र कुमार की लेखन शैली कैसी है?
उत्तर:
उनकी शैली सरल, सहज और अनौपचारिक प्रतीत होने वाली है।

प्रश्न 19: सरल शैली के बावजूद उनकी रचनाएँ क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?
उत्तर:
क्योंकि वे गहरे सामाजिक, दार्शनिक और राजनीतिक प्रश्नों को उठाती हैं।

प्रश्न 20: जैनेंद्र कुमार किन विषयों पर चिंतन करते हैं?
उत्तर:
वे समाज, राजनीति, अर्थनीति और दर्शन से जुड़े विषयों पर चिंतन करते हैं।

प्रश्न 21: जैनेंद्र कुमार की गांधीवादी दृष्टि कहाँ दिखाई देती है?
उत्तर:
उनकी गांधीवादी दृष्टि जीवन और समाज से जुड़े प्रश्नों के समाधान में दिखाई देती है।

प्रश्न 22: जैनेंद्र कुमार की रचनाओं में मानव मन का चित्रण कैसा है?
उत्तर:
उनकी रचनाओं में मानव मन का सूक्ष्म और गहन चित्रण मिलता है।

प्रश्न 23: जैनेंद्र कुमार ने हिंदी कथा-साहित्य को क्या नया दिया?
उत्तर:
उन्होंने हिंदी कथा-साहित्य को मनोवैज्ञानिक गहराई और वैचारिक दृष्टि दी।

प्रश्न 24: जैनेंद्र कुमार की कहानियों की विशेषता क्या है?
उत्तर:
उनकी कहानियाँ पात्रों की आंतरिक संघर्षों और भावनाओं को उजागर करती हैं।

प्रश्न 25: जैनेंद्र कुमार की रचनाओं में समाज का चित्रण कैसे हुआ है?
उत्तर:
समाज का चित्रण विचारशील, आलोचनात्मक और संवेदनशील रूप में हुआ है।

प्रश्न 26: जैनेंद्र कुमार को एक गंभीर चिंतक क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
क्योंकि उन्होंने अपने लेखन के माध्यम से जीवन के मूल प्रश्नों पर गंभीर विचार किया।

प्रश्न 27: जैनेंद्र कुमार की साहित्यिक पहचान किन-किन रूपों में है?
उत्तर:
उनकी पहचान कथाकार, उपन्यासकार, कहानीकार और निबंधकार के रूप में है।

प्रश्न 28: जैनेंद्र कुमार की रचनाओं में आदर्श और यथार्थ का संबंध कैसा है?
उत्तर:
उनकी रचनाओं में आदर्श और यथार्थ के बीच गहरा द्वंद्व दिखाई देता है।

प्रश्न 29: जैनेंद्र कुमार के साहित्य का मुख्य उद्देश्य क्या प्रतीत होता है?
उत्तर:
उनके साहित्य का उद्देश्य मानव जीवन और मन की जटिलताओं को समझना है।

प्रश्न 30: जैनेंद्र कुमार का हिंदी साहित्य में महत्व क्या है?
उत्तर:
जैनेंद्र कुमार ने हिंदी साहित्य को मनोवैज्ञानिक गहराई, वैचारिक विस्तार और नई दृष्टि प्रदान की।

Answer by Dimpee Bora