Chapter- 16             हजारी प्रसाद द्विवेदी


प्रश्न: हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर:
हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म सन् 1907 में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के आरत दुबे का छपरा नामक गाँव में हुआ था।

प्रश्न: हजारी प्रसाद द्विवेदी हिंदी साहित्य में किस नाम से प्रसिद्ध हैं?
उत्तर:
वे हिंदी साहित्य में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के नाम से प्रसिद्ध हैं।

प्रश्न: हजारी प्रसाद द्विवेदी की प्रमुख पहचान किस रूप में है?
उत्तर:
उनकी प्रमुख पहचान निबंधकार, आलोचक, उपन्यासकार और साहित्येतिहासकार के रूप में है।

प्रश्न: उनकी प्रमुख निबंध-संग्रह रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?
उत्तर:
अशोक के फूल, कल्पलता, कुटज, विचार और वितर्क, विचार-प्रवाह तथा आलोक पर्व उनकी प्रमुख निबंध-संग्रह रचनाएँ हैं।

प्रश्न: हजारी प्रसाद द्विवेदी के प्रमुख उपन्यासों के नाम बताइए।
उत्तर:
बाणभट्ट की आत्मकथा, चारुचंद्रलेख, पुनर्नवा और अनामदास का पोथा उनके प्रमुख उपन्यास हैं।

प्रश्न: उन्होंने आलोचना और साहित्य-इतिहास के क्षेत्र में कौन-कौन से ग्रंथ लिखे?
उत्तर:
सूर साहित्य, कबीर, नाथ संप्रदाय, हिंदी साहित्य का आदिकाल, हिंदी साहित्य की भूमिका और हिंदी साहित्यः उद्भव और विकास उनकी प्रमुख आलोचनात्मक कृतियाँ हैं।

प्रश्न: हजारी प्रसाद द्विवेदी किन भाषाओं के विद्वान थे?
उत्तर:
वे हिंदी, संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश और बांग्ला भाषाओं के विद्वान थे।

प्रश्न: उनके साहित्य-कर्म का आधार क्या था?
उत्तर:
उनके साहित्य-कर्म का आधार भारतवर्ष का सांस्कृतिक इतिहास था।

प्रश्न: द्विवेदी जी का साहित्य किस दृष्टिकोण से प्रेरित है?
उत्तर:
उनका साहित्य मानवतावादी दृष्टिकोण से प्रेरित है।

प्रश्न: वे साहित्य को किस दृष्टि से देखने के पक्षधर थे?
उत्तर:
वे साहित्य को मनुष्य की दृष्टि से देखने के पक्षधर थे।

प्रश्न: उनके अनुसार साहित्य का उद्देश्य क्या होना चाहिए?
उत्तर:
उनके अनुसार साहित्य मनुष्य को हीनता, दुर्गति और पराधीनता से बचाने वाला होना चाहिए।

प्रश्न: वे किस प्रकार के साहित्य को साहित्य मानने में संकोच करते थे?
उत्तर:
जो साहित्य मनुष्य की आत्मा को तेजस्वी और संवेदनशील न बनाए, उसे वे साहित्य मानने में संकोच करते थे।

प्रश्न: हजारी प्रसाद द्विवेदी का पांडित्य किस प्रकार का था?
उत्तर:
उनका पांडित्य गहन, व्यापक और सहृदय था।

प्रश्न: उनका ज्ञान किन विषयों तक विस्तृत था?
उत्तर:
उनका ज्ञान इतिहास, संस्कृति, धर्म, दर्शन और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान तक विस्तृत था।

प्रश्न: उन्होंने ज्ञान को किस रूप में प्रस्तुत किया?
उत्तर:
उन्होंने ज्ञान को बोध और संवेदना के रूप में प्रस्तुत किया।

प्रश्न: द्विवेदी जी की भाषा-शैली की प्रमुख विशेषता क्या थी?
उत्तर:
उनकी भाषा में विचारों की तेजस्विता और कथन का लालित्य पाया जाता है।

प्रश्न: उनकी रचनाओं में किस प्रकार की शास्त्रीयता दिखाई देती है?
उत्तर:
उनकी रचनाओं में संतुलित और परिपक्व शास्त्रीयता दिखाई देती है।

प्रश्न: उन्होंने किस पत्रिका का संपादन किया था?
उत्तर:
उन्होंने विश्व भारती (शांतिनिकेतन) पत्रिका का संपादन किया था।

प्रश्न: ‘आलोक पर्व’ के लिए उन्हें कौन-सा पुरस्कार मिला?
उत्तर:
‘आलोक पर्व’ के लिए उन्हें साहित्य अकादेमी पुरस्कार मिला।

प्रश्न: उन्हें भारत सरकार द्वारा कौन-सा सम्मान प्रदान किया गया?
उत्तर:
उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण सम्मान प्रदान किया गया।

प्रश्न: किस विश्वविद्यालय ने उन्हें डी.लिट् की उपाधि दी?
उत्तर:
लखनऊ विश्वविद्यालय ने उन्हें डी.लिट् की उपाधि दी।

प्रश्न: हजारी प्रसाद द्विवेदी का निधन कब और कहाँ हुआ?
उत्तर:
उनका निधन सन् 1979 में दिल्ली में हुआ।

प्रश्न: द्विवेदी जी के अनुसार साहित्य का मानवीय मूल्य क्या है?
उत्तर:
उनके अनुसार साहित्य का मानवीय मूल्य मनुष्य को करुणाशील और संवेदनशील बनाना है।

प्रश्न: उनकी रचनाओं में किस प्रकार की विचारधारा दिखाई देती है?
उत्तर:
उनकी रचनाओं में उदार, मानवतावादी और सांस्कृतिक विचारधारा दिखाई देती है।

प्रश्न: वे साहित्य को समाज से कैसे जोड़ते हैं?
उत्तर:
वे साहित्य को समाज और मनुष्य की समस्याओं से जोड़कर देखते हैं।

प्रश्न: द्विवेदी जी की आलोचना-दृष्टि की विशेषता क्या है?
उत्तर:
उनकी आलोचना-दृष्टि गहन अध्ययन और सहृदय विवेक पर आधारित है।

प्रश्न: हजारी प्रसाद द्विवेदी को हिंदी साहित्य का महान आचार्य क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
उनके विशाल ज्ञान, मौलिक दृष्टि और मानवतावादी साहित्य-चिंतन के कारण उन्हें महान आचार्य कहा जाता है।

प्रश्न: उनके साहित्य का समग्र प्रभाव क्या है?
उत्तर:
उनका साहित्य पाठक को विचारशील, संवेदनशील और मानवीय बनाता है।

Answer by Dimpee Bora