Chapter- 17         बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर


प्रश्न: डॉ. भीमराव आंबेडकर का जन्म कब और किस जाति में हुआ था?
उत्तर:
डॉ. भीमराव आंबेडकर का जन्म दलित जाति में हुआ था।

प्रश्न: डॉ. आंबेडकर का आधुनिक भारतीय चिंतन में स्थान कैसा है?
उत्तर:
वे आधुनिक भारतीय चिंतन में अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं।

प्रश्न: आंबेडकर ने जीवन भर किसके लिए संघर्ष किया?
उत्तर:
उन्होंने जीवन भर दलितों की मुक्ति और सामाजिक समानता के लिए संघर्ष किया।

प्रश्न: बाल्यकाल में आंबेडकर ने जाति-आधारित उत्पीड़न कैसे अनुभव किया?
उत्तर:
बचपन में उन्हें जाति के कारण अपमान, शोषण और भेदभाव झेलना पड़ा।

प्रश्न: विद्यालय में जब उनसे पूछा गया कि “तुम पढ़-लिख कर क्या बनोगे?” तो उनका उत्तर क्या था?
उत्तर:
उन्होंने उत्तर दिया कि वे वकील बनेंगे, अछूतों के लिए नया कानून बनाएंगे और छुआछूत को खत्म करेंगे।

प्रश्न: आंबेडकर ने अपना जीवन किस संकल्प के पीछे लगाया?
उत्तर:
उन्होंने जीवन अछूतों की मुक्ति, जाति-पात तोड़ने और सामाजिक समानता स्थापित करने के संकल्प के पीछे लगाया।

प्रश्न: आंबेडकर के चिंतन और अध्ययन के बल पर उन्होंने स्वाधीनता संग्राम में क्या योगदान दिया?
उत्तर:
उन्होंने दिखाया कि सामाजिक दासता का उन्मूलन किए बिना स्वतंत्रता अधूरी होगी।

प्रश्न: आंबेडकर के मुख्य प्रेरक व्यक्ति कौन-कौन थे?
उत्तर:
बुद्ध, कबीर और ज्योतिबा फुले।

प्रश्न: आंबेडकर ने कब बौद्ध धर्म अपना लिया और कितने अनुयायियों के साथ?
उत्तर:
14 अक्तूबर, 1956 को उन्होंने 5 लाख अनुयायियों के साथ बौद्ध मत अपनाया।

प्रश्न: आंबेडकर ने बौद्ध धर्म क्यों अपनाया?
उत्तर:
जातिवादी उत्पीड़न से मोहभंग होने के बाद वे बुद्ध के समतावादी दर्शन से प्रभावित हुए।

प्रश्न: आंबेडकर का भारतीय संविधान निर्माण में स्थान क्या है?
उत्तर:
उन्हें भारतीय संविधान का निर्माता कहा जाता है।

प्रश्न: आंबेडकर का पूरा ज्ञान किस दिशा में केन्द्रित था?
उत्तर:
उनका ज्ञान मानव-मुक्ति और जन-कल्याण की दिशा में केन्द्रित था।

प्रश्न: आंबेडकर ने अपने उद्देश्यों में कितनी सफलता प्राप्त की?
उत्तर:
अपने प्रयोजन में वे अधिकतर सफल रहे।

प्रश्न: एनीहिलेशन ऑफ़ कास्ट भाषण किस वर्ष का है?
उत्तर:
यह भाषण सन् 1936 का है।

प्रश्न: यह भाषण किस सम्मेलन के लिए तैयार किया गया था?
उत्तर:
यह जाति-पॉति तोडक मंडल (लाहौर) के वार्षिक सम्मेलन के लिए तैयार किया गया था।

प्रश्न: भाषण क्यों सम्मेलन में पढ़ा नहीं गया?
उत्तर:
आयोजकों की पूर्ण सहमति न होने के कारण सम्मेलन स्थगित हो गया और भाषण पढ़ा नहीं जा सका।

प्रश्न: बाद में आंबेडकर ने इस भाषण को क्या किया?
उत्तर:
उन्होंने इसे स्वतंत्र पुस्तिका के रूप में प्रकाशित कर वितरित किया।

प्रश्न: आंबेडकर के अनुसार आदर्श समाज में कौन से तीन तत्व अनिवार्य हैं?
उत्तर:
समानता, स्वतंत्रता और बंधुता।

प्रश्न: आदर्श समाज में समानता, स्वतंत्रता और बंधुता क्यों जरूरी हैं?
उत्तर:
ये समाज को लोकतांत्रिक और सामूहिक जीवनचर्या की रीति में बदलते हैं।

प्रश्न: आंबेडकर की रचनात्मकता और चिंतन किस विषय से संबंधित थी?
उत्तर:
दलितों की मुक्ति, सामाजिक समानता और मानव अधिकारों से।

प्रश्न: आंबेडकर ने शिक्षा के क्षेत्र में क्या किया?
उत्तर:
उन्होंने अत्यंत मेहनत से पढ़ाई की और व्यापक अध्ययन किया।

प्रश्न: उनके विचार समाज में क्यों प्रासंगिक हैं?
उत्तर:
आज के जाति-मज़हब आधारित विषाक्त सामाजिक-राजनैतिक माहौल में उनका विचार प्रासंगिक है।

प्रश्न: आंबेडकर ने समाज में किस प्रकार की दासता को गंभीर माना?
उत्तर:
उन्होंने सामाजिक दासता को सबसे व्यापक और गहन रूप में माना।

प्रश्न: आंबेडकर का जन्मजात जाति किस प्रकार के उत्पीड़न का शिकार रही?
उत्तर:
दलित जाति को जाति-आधारित उत्पीड़न और अपमान का शिकार होना पड़ा।

प्रश्न: आंबेडकर ने स्वाधीनता संग्राम में क्या नया दृष्टिकोण जोड़ा?
उत्तर:
उन्होंने दिखाया कि स्वतंत्रता केवल कुछ लोगों का विशेषाधिकार न बने, इसके लिए सामाजिक समानता जरूरी है।

प्रश्न: आंबेडकर की विद्वत्ता का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर:
उनका उद्देश्य मानव-मुक्ति और जन-कल्याण के लिए ज्ञान का प्रयोग करना था।

प्रश्न: उनके बौद्ध धर्म स्वीकारने की घटना कितनी भीड़ के साथ हुई?
उत्तर:
यह 5 लाख अनुयायियों के साथ हुई।

प्रश्न: आंबेडकर की सामाजिक विचारधारा पर कौन-कौन सी परंपराएँ प्रभावी रहीं?
उत्तर:
बुद्ध के समतावादी दर्शन, कबीर की मानवतावादी दृष्टि और ज्योतिबा फुले का सामाजिक सुधार प्रभावी रहे।

प्रश्न: आंबेडकर की पुस्तिका क्यों लोकप्रिय हुई?
उत्तर:
क्योंकि यह सामाजिक समानता और जाति-भेद के उन्मूलन का मार्ग दिखाती थी।

Answer by Dimpee Bora