Chapter- 2              समसामयिक मुद्दे      


प्रश्न: यह पाठ किस इकाई से लिया गया है?
उत्तर:
यह पाठ “समसामयिक मुद्दे” नामक इकाई से लिया गया है।

प्रश्न: समसामयिक मुद्दों से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
समसामयिक मुद्दे वे सामाजिक-राजनैतिक विषय हैं जो वर्तमान समय में हमारे आसपास घटित हो रहे हैं।

प्रश्न: समसामयिक मुद्दों पर पढ़ने की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर:
इन मुद्दों पर पढ़ने से समाज और राजनीति को समझने की चेतना विकसित होती है।

प्रश्न: पाठ के अनुसार हम रोजमर्रा में किन विषयों से रूबरू होते हैं?
उत्तर:
हम रोजमर्रा में सामाजिक और राजनीतिक विषयों से रूबरू होते हैं।

प्रश्न: कई बार लोग समसामयिक मुद्दों पर ध्यान क्यों नहीं देते?
उत्तर:
क्योंकि वे सचेत रूप से उन पर ध्यान नहीं देते या उनके विश्लेषण का नजरिया नहीं होता।

प्रश्न: इस इकाई का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
विद्यार्थियों में समालोचनात्मक दृष्टि और सामाजिक-राजनैतिक समझ विकसित करना।

प्रश्न: समालोचनात्मक दृष्टि से क्या लाभ होता है?
उत्तर:
इससे सामाजिक और राजनीतिक यथार्थ को गहराई से समझा जा सकता है।

प्रश्न: “मैं मजदूर हूँ” कैसी रचना है?
उत्तर:
“मैं मजदूर हूँ” एक विचारात्मक लेख है।

प्रश्न: “मैं मजदूर हूँ” में किस वर्ग की कहानी बताई गई है?
उत्तर:
इसमें मजदूर वर्ग की कहानी बताई गई है।

प्रश्न: लेखक ने मजदूर वर्ग की कहानी किस शैली में लिखी है?
उत्तर:
लेखक ने इसे आत्मकथात्मक शैली में लिखा है।

प्रश्न: मजदूर वर्ग की भूमिका के बारे में क्या बताया गया है?
उत्तर:
यह बताया गया है कि समाज के विकास में मजदूर वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

प्रश्न: मजदूरों की वर्तमान स्थिति कैसी बताई गई है?
उत्तर:
मजदूरों की जिंदगी आज भी अभावग्रस्त बताई गई है।

प्रश्न: “जनतंत्र का जन्म” कविता किसने लिखी?
उत्तर:
यह कविता राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने लिखी।

प्रश्न: “जनतंत्र का जन्म” कविता कब लिखी गई थी?
उत्तर:
यह कविता 1950 में संविधान लागू होने के समय लिखी गई थी।

प्रश्न: इस कविता का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर:
इस कविता का मुख्य विषय जनतंत्र और जनता की शक्ति है।

प्रश्न: कविता में किस शक्ति का परिचय कराया गया है?
उत्तर:
कविता में आम जनता में निहित शक्ति का परिचय कराया गया है।

प्रश्न: कविता क्या आह्वान करती है?
उत्तर:
कविता शासन सूत्र जनता के हाथों में सौंपने का आह्वान करती है।

प्रश्न: “अपनी-अपनी बीमारी” कैसी रचना है?
उत्तर:
“अपनी-अपनी बीमारी” एक व्यंग्य रचना है।

प्रश्न: “अपनी-अपनी बीमारी” के लेखक कौन हैं?
उत्तर:
इसके लेखक हरिशंकर परसाई हैं।

प्रश्न: इस व्यंग्य रचना में किस बात को उजागर किया गया है?
उत्तर:
इसमें समाज में लोगों के अलग-अलग व्यवहार को उजागर किया गया है।

प्रश्न: समाज में किस प्रकार के लोग बताए गए हैं?
उत्तर:
कुछ लोग वास्तविक दुखों से दुखी हैं और कुछ छद्म दुखों से।

प्रश्न: वास्तविक दुखों से दुखी लोग कौन होते हैं?
उत्तर:
वे लोग जो सचमुच गरीबी, पीड़ा और समस्याओं से जूझ रहे होते हैं।

प्रश्न: छद्म दुखों से दुखी लोग कौन होते हैं?
उत्तर:
वे लोग जो संपन्नता और अधिक पाने की लालसा से दुखी होते हैं।

प्रश्न: छद्म दुखों वाले लोग क्या चाहते हैं?
उत्तर:
वे चाहते हैं कि दूसरे लोग अपने वास्तविक दुख भूलकर उनके दुखों पर ध्यान दें।

प्रश्न: इस इकाई में रचनाओं का चयन क्यों किया गया है?
उत्तर:
ताकि विद्यार्थियों में सामाजिक-राजनैतिक चेतना विकसित हो सके।

प्रश्न: पाठ में सामाजिक यथार्थ से क्या आशय है?
उत्तर:
समाज की वास्तविक स्थिति और समस्याओं से आशय है।

प्रश्न: राजनीतिक यथार्थ से क्या समझा जाता है?
उत्तर:
शासन, सत्ता और जनता के संबंधों की वास्तविक स्थिति।

प्रश्न: यह इकाई विद्यार्थियों को क्या सिखाती है?
उत्तर:
यह इकाई सोचने, समझने और विश्लेषण करने की क्षमता सिखाती है।

प्रश्न: समसामयिक मुद्दों की समझ क्यों जरूरी है?
उत्तर:
क्योंकि इससे हम समाज और राजनीति के प्रति जागरूक नागरिक बनते हैं।

प्रश्न: पूरे पाठ का केंद्रीय भाव क्या है?
उत्तर:
सामाजिक-राजनैतिक मुद्दों के प्रति चेतना और समालोचनात्मक दृष्टि का विकास।

Answer by Dimpee Bora