Chapter- 3 कुँवर नारायण
प्रश्न: कुँवर नारायण का जन्म कब और कहाँ हुआ?
उत्तर: 19 सितंबर, 1927, उत्तर प्रदेश में।
प्रश्न: कुँवर नारायण की प्रमुख रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?
उत्तर: “चक्रव्यूह”, “परिवेशः हम तुम”, “अपने सामने”, “कोई दूसरा नहीं”, “इन दिनों”, “आत्मजयी”, “आकारों के आस-पास”, “आज और आज से पहले”, “मेरे साक्षात्कार”।
प्रश्न: कुँवर नारायण का पहला प्रबंध काव्य कौन सा था?
उत्तर: “आत्मजयी”।
प्रश्न: कुँवर नारायण ने कब काव्य-लेखन की शुरुआत की?
उत्तर: सन् 1950 के आस-पास।
प्रश्न: कुँवर नारायण को कौन-कौन से प्रमुख पुरस्कार प्राप्त हुए?
उत्तर: साहित्य अकादेमी पुरस्कार, कुमारन आशान पुरस्कार, व्यास सम्मान, प्रेमचंद पुरस्कार, लोहिया सम्मान, कबीर सम्मान, ज्ञानपीठ पुरस्कार।
प्रश्न: कुँवर नारायण ने किन विधाओं में लेखन किया?
उत्तर: कविता, चिंतनपरक लेख, कहानियाँ, सिनेमा और अन्य कलाओं पर समीक्षाएँ।
प्रश्न: उनकी कविताओं में किस चीज़ को हमेशा प्राथमिकता मिली?
उत्तर: कविता की विधा।
प्रश्न: कुँवर नारायण की कविता की शैली कैसी है?
उत्तर: संयमित, परिष्कृत और साफ-सुथरी।
प्रश्न: उनके काव्य में कौन-सी विशेषता दिखाई देती है?
उत्तर: यथार्थ का खुरदरापन और सहज सौंदर्य।
प्रश्न: कुँवर नारायण ने प्रबंध काव्य की कौन सी परंपरा को अपनाया?
उत्तर: लंबी कविताएँ और चिंतनपरक दृष्टिकोण।
प्रश्न: उनकी कविता में व्यर्थ का उलझाव या सतहीपन मिलता है या नहीं?
उत्तर: नहीं, उनकी कविता में यह नहीं मिलता।
प्रश्न: उनकी कविताओं में किस बात का खुलापन मिलता है?
उत्तर: जीवन को मुकम्मल तौर पर समझने का खुलापन।
प्रश्न: कुँवर नारायण की कविताओं में संशय और संभ्रम क्यों दिखाई देता है?
उत्तर: क्योंकि उनकी कविता में जीवन की जटिलताओं और प्रश्नाकुलता को व्यक्त किया गया है।
प्रश्न: “न जाने कब से बंद। एक दिन इस तरह खुला घर का दरवाज़ा” में क्या भाव है?
उत्तर: पुरानी यादों और अनुभवों की खोज का भाव।
प्रश्न: कुँवर नारायण की भाषा की विशेषता क्या है?
उत्तर: भाषा और विषय की विविधता।
प्रश्न: कुँवर नारायण की कविताओं में साफ़-सुथरापन क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: ताकि विचार और भाव स्पष्ट रूप में पाठक तक पहुँचें।
प्रश्न: “चक्रव्यूह” किस प्रकार की रचना है?
उत्तर: कविता संग्रह।
प्रश्न: कुँवर नारायण ने साहित्य में किस प्रकार की प्रतिष्ठा प्राप्त की?
उत्तर: प्रबंध काव्य और लंबी चिंतनपरक कविताओं में।
प्रश्न: उनकी कविताओं में यथार्थवाद कैसे दिखाई देता है?
उत्तर: जीवन की कठोर वास्तविकताओं और जटिलताओं के माध्यम से।
प्रश्न: कुँवर नारायण ने समीक्षा और चिंतन के लिए क्या लिखा?
उत्तर: “आज और आज से पहले” और “मेरे साक्षात्कार”।
प्रश्न: उनकी कविता में “संशय, संभ्रम और प्रश्नाकुलता” क्यों मिलती है?
उत्तर: क्योंकि उनके कवि-स्वभाव में जीवन की जटिलताओं को समझने का खुलापन है।
प्रश्न: कुँवर नारायण ने साहित्य अकादमी पुरस्कार कब प्राप्त किया?
उत्तर: पाठ में सटीक वर्ष नहीं दिया गया।
प्रश्न: कुँवर नारायण के लेखन में कौन-सी दो विशेषताएँ विशेष रूप से मानी जाती हैं?
उत्तर: संयम और परिष्कार।
प्रश्न: उनकी कहानियों का संग्रह कौन सा है?
उत्तर: “आकारों के आस-पास”।
प्रश्न: उनके प्रबंध काव्य “आत्मजयी” का महत्व क्या है?
उत्तर: नई कविता में प्रबंध काव्य की श्रेष्ठता और प्रतिष्ठा।
प्रश्न: कुँवर नारायण ने सिनेमा और कला पर क्या योगदान दिया?
उत्तर: समीक्षाएँ लिखीं और व्याख्यान दिए।
प्रश्न: उनकी कविताओं में जीवन का कौन-सा पहलू प्रमुख है?
उत्तर: जीवन की जटिलताएँ और यथार्थ।
प्रश्न: उनकी कविता में “सीधी घोषणाएँ और फैसले” क्यों नहीं मिलते?
उत्तर: क्योंकि उनके कवि-स्वभाव में जीवन को पूर्ण रूप से समझने का खुलापन है।
प्रश्न: उनकी लेखनी में “परिष्कार” का क्या अर्थ है?
उत्तर: लेखन में सुंदरता, स्पष्टता और समग्रता।
प्रश्न: कुँवर नारायण की कविताओं का पाठक पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: जीवन की जटिलताओं और यथार्थ के प्रति गंभीर सोच और संवेदनशीलता।
Answer by Dimpee Bora