Chapter- 5          गजानन माधव मुक्तिबोध             


  • प्रश्न: गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म कब और कहाँ हुआ?
    उत्तर:
    13 नवंबर, 1917, श्योपुर, ग्वालियर (मध्य प्रदेश)।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की प्रमुख कविता संग्रह कौन-कौन सी हैं?
    उत्तर:
    “चाँद का मुँह टेढ़ा है” और “भूरी-भूरी खाक धूल”।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की प्रमुख कथा साहित्य की रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?
    उत्तर:
    “काठ का सपना”, “विपात्र”, “सतह से उठता आदमी”।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध ने आलोचना में कौन-कौन सी रचनाएँ लिखीं?
    उत्तर:
    “कामायनी-एक पुनर्विचार”, “नयी कविता का आत्मसंघर्ष”, “नये साहित्य का सौंदर्यशास्त्र”, “एक साहित्यिक की डायरी”।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध का निधन कब और कहाँ हुआ?
    उत्तर:
    11 सितंबर, 1964, नई दिल्ली।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध ने अपने जीवन में कौन-कौन से काम किए?
    उत्तर:
    मास्टरी, पत्रकारिता, पाठ्यपुस्तक लेखन और कविता।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध किस कविताशैली के अग्रणी कवि माने जाते हैं?
    उत्तर:
    नई कविता के अगुआ कवि।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की कविताएँ क्यों आम पाठक के लिए कठिन मानी जाती हैं?
    उत्तर:
    लंबे वाक्यों और मराठी संरचना के कारण।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की कविता में ऊर्जा किस रूप में प्रकट होती है?
    उत्तर:
    भावनात्मक और विचारात्मक ऊर्जा के रूप में, जो लगातार उमड़ती रहती है।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की कविता में कल्पना-चित्र और कैंटेसियाँ किस प्रकार शामिल हैं?
    उत्तर:
    उनकी ऊर्जा अनेक कल्पना-चित्रों और कैंटेसियों का आकार ग्रहण करती है।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध ने प्रारंभिक शिक्षा में क्या किया?
    उत्तर:
    20 वर्ष की उम्र में बड़नगर मिडिल स्कूल में मास्टरी की।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध ने किन शहरों में कार्य किया?
    उत्तर:
    शुजालपुर, उज्जैन, कोलकाता, इंदौर, मुंबई, बंगलौर, बनारस, जबलपुर, राजनांदगाँव।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध ने किस दौर की कविता के बाद नई कविता को अपनाया?
    उत्तर:
    छायावाद और स्वच्छंदतावादी कविता के बाद।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की कविता में विचार और भाव का संबंध कैसा है?
    उत्तर:
    अटूट और तीव्र ऊर्जा के साथ।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की आलोचनात्मक ऊर्जा का क्या महत्व है?
    उत्तर:
    उनकी रचनात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण अंश आलोचना में भी प्रकट होता है।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की कविता की भाषा की विशेषता क्या है?
    उत्तर:
    जटिल, विचारोत्तेजक और भावनात्मक।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध के जीवन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
    उत्तर:
    साहित्यिक संघर्ष और नई कविता का विकास।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध ने पाठ्यपुस्तकें भी क्यों लिखीं?
    उत्तर:
    शिक्षा और साहित्यिक योगदान के लिए।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध का कविता में कौन-सा स्वर प्रमुख है?
    उत्तर:
    संकल्पधर्मा, चेतना और गंभीर सामाजिक चेतना।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध ने नई कविता में क्या योगदान दिया?
    उत्तर:
    आधुनिक हिंदी कविता में विचारात्मक गहराई और रचनात्मक ऊर्जा।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की कविता में कल्पना की भूमिका क्या है?
    उत्तर:
    कविता को जटिल और गहन बनाने के लिए।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की रचनाएँ क्यों अमर मानी जाती हैं?
    उत्तर:
    उनकी ऊर्जा और विचार लगातार पाठक को प्रेरित करती है।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की कविता में मराठी संरचना का क्या प्रभाव है?
    उत्तर:
    लंबी पंक्तियाँ और जटिल वाक्य, जिससे पाठक को चुनौती मिलती है।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की कविता का सामाजिक दृष्टिकोण कैसा है?
    उत्तर:
    जीवन और समाज के यथार्थ पर केंद्रित।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध ने किस प्रकार का संघर्ष जीवनभर किया?
    उत्तर:
    साहित्यिक और रचनात्मक संघर्ष।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध ने पत्रकारिता में क्या भूमिका निभाई?
    उत्तर:
    उन्होंने कई शहरों में पत्रकारिता की।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की कविता का पाठक पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    उत्तर:
    गहन विचार और भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध ने कविताओं के अलावा कौन-कौन से साहित्यिक रूपों में योगदान किया?
    उत्तर:
    कथा, आलोचना और समीक्षा।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की रचनाओं में भावनात्मक ऊर्जा का स्रोत क्या है?
    उत्तर:
    जीवन की कठिनाइयाँ और सामाजिक यथार्थ।

  • प्रश्न: मुक्तिबोध की साहित्यिक पहचान क्यों महत्वपूर्ण है?
    उत्तर:
    नई हिंदी कविता में रचनात्मक ऊर्जा, विचारशीलता और सामाजिक चेतना का अग्रणी योगदान।

  • Answer by Dimpee Bora