Chapter- 6               शमशेर बहादुर सिंह


  • प्रश्न: शमशेर बहादुर सिंह का जन्म कब और कहाँ हुआ?
    उत्तर:
    13 जनवरी, 1911, देहरादून (उत्तर प्रदेश, अब उत्तराखंड)।

  • प्रश्न: शमशेर बहादुर सिंह की प्रमुख कविताएँ कौन-कौन सी हैं?
    उत्तर:
    “कुछ कविताएँ”, “कुछ और कविताएँ”, “चुका भी हूँ नहीं मैं”, “इतने पास अपने”, “बात बोलेगी”, “काल तुझसे होड़ है मेरी”।

  • प्रश्न: शमशेर बहादुर सिंह ने कौन सा कोश संपादित किया?
    उत्तर:
    ‘उर्दू-हिंदी कोश’।

  • प्रश्न: शमशेर बहादुर सिंह को कौन-कौन से सम्मान प्राप्त हुए?
    उत्तर:
    साहित्य अकादेमी पुरस्कार और कबीर सम्मान सहित कई पुरस्कार।

  • प्रश्न: शमशेर बहादुर सिंह का निधन कब और कहाँ हुआ?
    उत्तर:
    1993, अहमदाबाद।

  • प्रश्न: शमशेर की कविता किस दृष्टिकोण से खड़ी है?
    उत्तर:
    वह एक संधिस्थल पर खड़ी है – उर्दू और हिंदी, मूर्त और अमूर्त, ऐंद्रिय और ऐंद्रियेतर का संगम।

  • प्रश्न: शमशेर की कविता की प्रमुख विशेषता क्या है?
    उत्तर:
    बिंबधर्मी और प्रयोगधर्मी होना।

  • प्रश्न: बिंबधर्मी कवि होने का अर्थ क्या है?
    उत्तर:
    कविता में शब्दों से रंग, रेखा, स्वर और कूची की कशीदाकारी करना।

  • प्रश्न: शमशेर की कविताओं में कौन-से माध्यम का प्रयोग हुआ है?
    उत्तर:
    भाषा, चित्रकला और संगीत।

  • प्रश्न: शमशेर बहादुर सिंह ने कविता में मूर्तता और अमूर्तता को कैसे प्रस्तुत किया?
    उत्तर:
    बिंब और रूपकों के माध्यम से।

  • प्रश्न: उनकी कविता में प्रगतिशीलता किस स्तर पर है?
    उत्तर:
    विचारों के स्तर पर।

  • प्रश्न: उनकी कविता में प्रयोगधर्मिता किस स्तर पर है?
    उत्तर:
    शिल्प के स्तर पर।

  • प्रश्न: शमशेर की कविता में उर्दू शायरी का प्रभाव कैसे दिखाई देता है?
    उत्तर:
    सर्वनाम, क्रिया, अव्यय और मुहावरों के अधिक उपयोग में।

  • प्रश्न: शमशेर ने अपनी कविताओं में संज्ञा और विशेषण के बजाय किनका अधिक प्रयोग किया?
    उत्तर:
    सर्वनाम, क्रियाएँ, अव्यय और मुहावरे।

  • प्रश्न: शमशेर बहादुर सिंह का चित्रकार मन कविता में किस प्रकार दिखाई देता है?
    उत्तर:
    कलाओं के बीच की दूरी पाटने और भाषातीत होने की इच्छा में।

  • प्रश्न: शमशेर की कविता का उद्देश्य क्या है?
    उत्तर:
    माध्यम का उपयोग करते हुए भी बंधन से परे जाना।

  • प्रश्न: शमशेर की कविता में 'धरती' पद्य का क्या महत्व है?
    उत्तर:
    उसकी सहजता और जीवन का प्राण दर्शाना।

  • प्रश्न: शमशेर की कविता में किसका प्रभाव मिश्रित है?
    उत्तर:
    उर्दू और हिंदी साहित्य, चित्रकला और संगीत।

  • प्रश्न: शमशेर की कविता का मिज़ाज कैसा है?
    उत्तर:
    कथा और शिल्प दोनों स्तरों पर अलग और गहन।

  • प्रश्न: शमशेर ने खुद भी किस शैली में शेर कहे हैं?
    उत्तर:
    उर्दू शायरी की शैली में।

  • प्रश्न: शमशेर की कविता में कौन-सा संतुलन देखा जा सकता है?
    उत्तर:
    प्रगतिशील विचार और शिल्पीय प्रयोग का संतुलन।

  • प्रश्न: शमशेर की कविता में बिंबधर्मी तत्व का क्या महत्व है?
    उत्तर:
    पाठक को दृश्य, रंग और भावनाओं के माध्यम से जोड़ना।

  • प्रश्न: शमशेर की कविता में कौन-सा दृष्टिकोण अधिक है – मूर्त या अमूर्त?
    उत्तर:
    दोनों का समन्वय।

  • प्रश्न: उनकी कविताओं में साहित्यिक प्रयोग किस प्रकार दिखाई देता है?
    उत्तर:
    भाषा, शिल्प और बिंब के माध्यम से।

  • प्रश्न: शमशेर की कविता में भावनाओं की प्रस्तुति कैसे होती है?
    उत्तर:
    सरल, गहन और बिंबधर्मी रूप में।

  • प्रश्न: शमशेर बहादुर सिंह ने कविताओं में सामाजिक चेतना कैसे व्यक्त की?
    उत्तर:
    मानव जीवन, भाषा और संस्कृति के माध्यम से।

  • प्रश्न: शमशेर की कविताओं में शैलीगत नवाचार का उदाहरण क्या है?
    उत्तर:
    सर्वनाम, क्रिया और मुहावरों का विशिष्ट प्रयोग।

  • प्रश्न: शमशेर की कविताओं की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
    उत्तर:
    भाषा और बिंब के माध्यम से गहराई और प्रभाव उत्पन्न करना।

  • प्रश्न: शमशेर की रचनाएँ पाठक को क्या अनुभव कराती हैं?
    उत्तर:
    सौंदर्य, भाव और सामाजिक चेतना का अनुभव।

  • प्रश्न: शमशेर बहादुर सिंह का साहित्यिक महत्व क्यों है?
    उत्तर:
    उन्होंने हिंदी कविता में प्रयोगधर्मिता, बिंबधर्मिता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का योगदान दिया।

  • Answer by Dimpee Bora