Chapter- 1              ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ        


प्रश्न: हड़प्पाई मुहर क्या है?

उत्तर: हड़प्पाई मुहर पत्थर से बनाई गई एक विशिष्ट पुरावस्तु है, जिस पर जानवरों के चित्र और एक लिपि के चिन्ह उकेरे होते हैं।

प्रश्न: हड़प्पाई मुहरों से हमें क्या जानकारी मिलती है?
उत्तर:
ये मुहरें उस समय के लोगों के जीवन, उनके आवास, मृदभाण्ड, आभूषण और औजारों के विषय में जानकारी देती हैं।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता को अन्य नाम से क्या कहा जाता है?
उत्तर:
हड़प्पा सभ्यता को सिंधु घाटी सभ्यता या हड़प्पा संस्कृति भी कहा जाता है।

प्रश्न: पुरातत्वविद 'संस्कृति' शब्द का प्रयोग किसके लिए करते हैं?
उत्तर:
पुरावस्तुओं के ऐसे समूह के लिए जो एक विशिष्ट शैली में हों और एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र और काल से संबद्ध हों।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता की विशिष्ट पुरावस्तुओं में क्या-क्या शामिल हैं?
उत्तर:
मुहरें, मनके, बाट, पत्थर के फलक और पकी हुई ईंटें।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता की पुरावस्तुएँ कहाँ-कहाँ मिली हैं?
उत्तर:
अफगानिस्तान, जम्मू, बलूचिस्तान (पाकिस्तान) और गुजरात में।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता का नामकरण क्यों किया गया?
उत्तर:
इसे हड़प्पा नामक स्थान के नाम पर रखा गया, जहाँ यह संस्कृति पहली बार खोजी गई थी।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता का काल निर्धारण कब किया गया है?
उत्तर:
लगभग 2600 से 1900 ईसा पूर्व के बीच।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता से पहले और बाद में कौन-सी संस्कृतियाँ थीं?
उत्तर:
इसके पहले और बाद में आरंभिक हड़प्पा और परवर्ती हड़प्पा संस्कृतियाँ थीं।

प्रश्न: कभी-कभी हड़प्पा सभ्यता को किस नाम से भी जाना जाता है?
उत्तर:
विकसित हड़प्पा संस्कृति।

प्रश्न: हड़प्पाई मुहरें किस पत्थर से बनाई जाती थीं?
उत्तर:
सेलखड़ी नामक पत्थर से।

प्रश्न: हड़प्पाई मुहरों पर किस प्रकार के चित्र उकेरे होते थे?
उत्तर:
सामान्यतया जानवरों के चित्र।

प्रश्न: हड़प्पाई मुहरों की लिपि अभी क्यों पढ़ी नहीं जा सकी?
उत्तर:
क्योंकि यह लिपि आज भी पूरी तरह समझी नहीं गई है।

प्रश्न: पुरावस्तुओं के माध्यम से हम क्या सीख सकते हैं?
उत्तर:
हम उस समय के लोगों के जीवन, उनकी गतिविधियों और संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता की पुरावस्तुएँ क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर:
क्योंकि ये सभ्यता के भौतिक और सांस्कृतिक जीवन की झलक देती हैं।

प्रश्न: हड़प्पाई मिट्टी की ईंटों की विशेषता क्या है?
उत्तर:
ये पकी हुई और स्थायी होती थीं।

प्रश्न: हड़प्पाई मनके किस प्रकार की वस्तुएँ थीं?
उत्तर:
ये सजावटी और आभूषण बनाने वाली वस्तुएँ थीं।

प्रश्न: हड़प्पाई बाट किस प्रयोजन के लिए प्रयोग होती थी?
उत्तर:
बाटें मापने और मापन के लिए प्रयोग होती थीं।

प्रश्न: हड़प्पाई पत्थर के फलक किस लिए उपयोग किए जाते थे?
उत्तर:
लेखन, मुहर बनाने और सजावट के लिए।

प्रश्न: हड़प्पाई सभ्यता के अध्ययन में पुरातात्विक साक्ष्य कैसे मदद करते हैं?
उत्तर:
ये हमें उस समय की जीवनशैली, कला, भाषा और सामाजिक संगठन को समझने में मदद करते हैं।

प्रश्न: हड़प्पाई मुहरों के चित्रों से हमें क्या संकेत मिलता है?
उत्तर:
जानवरों और लिपि के चित्र उस समय की सांस्कृतिक और धार्मिक धारणाओं के संकेत हैं।

प्रश्न: हड़प्पाई सभ्यता किस भौगोलिक क्षेत्र में फैली हुई थी?
उत्तर:
यह अफगानिस्तान, जम्मू, बलूचिस्तान और गुजरात तक फैली हुई थी।

प्रश्न: हड़प्पाई मुहरों की लिपि क्यों रहस्यमय मानी जाती है?
उत्तर:
क्योंकि इसे अब तक पढ़ा या समझा नहीं जा सका है।

प्रश्न: हड़प्पाई सभ्यता का पुरातात्विक महत्व क्या है?
उत्तर:
यह सभ्यता मानव इतिहास, नगर नियोजन, व्यापार, कला और संस्कृति के अध्ययन में महत्वपूर्ण है।

प्रश्न: हड़प्पाई मुहरों का उपयोग केवल सजावट के लिए था या अन्य कार्यों के लिए भी?
उत्तर:
केवल सजावट ही नहीं, व्यापार और पहचान के लिए भी उपयोग होती थीं।

प्रश्न: हड़प्पाई संस्कृति को समझने के लिए किस प्रकार के अध्ययन जरूरी हैं?
उत्तर:
पुरातात्विक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अध्ययन।

प्रश्न: हड़प्पाई सभ्यता के बारे में जानकारी में बदलाव क्यों हो सकता है?
उत्तर:
क्योंकि नई खोजें और व्याख्याएँ समय-समय पर पुरातात्विक साक्ष्यों पर आधारित बदलती रहती हैं।

प्रश्न: हड़प्पाई सभ्यता का अध्ययन क्यों हमेशा जारी रहेगा?
उत्तर:
क्योंकि इसके कई पहलू आज भी हमारी जानकारी से परे हैं और नई खोजें लगातार होती रहती हैं।

Answer by Dimpee Bora