Chapter- 3 बंधुत्व, जाति तथा वर्ग
प्रश्न: 600 ई.पू. से 600 ईसवी तक कौन-से परिवर्तन समाज पर प्रभाव डालने लगे?
उत्तर: वन क्षेत्रों में कृषि का विस्तार, शिल्प विशेषों का सामाजिक समूह में उदय और संपत्ति का असमान वितरण।
प्रश्न: वन क्षेत्रों में कृषि विस्तार का क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: वहाँ रहने वाले लोगों की जीवनशैली में बदलाव आया।
प्रश्न: शिल्प विशेषों का सामाजिक समूह किस कारण उभरा?
उत्तर: विशेष कौशल और पेशेवर कार्यों के कारण।
प्रश्न: संपत्ति का असमान वितरण किस परिणाम से जुड़ा?
उत्तर: सामाजिक विषमताओं को बढ़ाने से।
प्रश्न: इतिहासकार समाज को समझने के लिए किसका उपयोग करते थे?
उत्तर: साहित्यिक परंपराओं और अभिलेखों का।
प्रश्न: ग्रंथ समाज के किस पहलू को प्रस्तुत करते थे?
उत्तर: सामाजिक व्यवहार, रिवाज, आचार-व्यवहार और मानदंड।
प्रश्न: अभिलेखों से क्या जानकारी मिलती है?
उत्तर: समाज के ऐतिहासिक अभिनायकों और उनके क्रियाकलापों की झलक।
प्रश्न: ग्रंथों के विश्लेषण में किन बातों पर ध्यान देना जरूरी है?
उत्तर: किसने लिखा, क्या लिखा, किनके लिए लिखा गया और किस भाषा या शैली का प्रयोग हुआ।
प्रश्न: ग्रंथों का प्रचार-प्रसार कैसे होता था?
उत्तर: मौखिक और लिखित माध्यम से।
प्रश्न: महाभारत क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह एक विशाल महाकाव्य है जिसमें विभिन्न सामाजिक समुदायों और परिस्थितियों का लेखा-जोखा है।
प्रश्न: महाभारत की रचना कब से कब तक हुई?
उत्तर: लगभग 500 ई.पू. से।
प्रश्न: महाभारत में कितने श्लोक हैं?
उत्तर: वर्तमान रूप में एक लाख से अधिक।
प्रश्न: महाभारत की मुख्य कथा क्या है?
उत्तर: दो परिवारों के बीच हुए युद्ध का चित्रण।
प्रश्न: महाभारत में सामाजिक मानदंड किसके माध्यम से दिखाए गए?
उत्तर: ग्रंथ के पात्रों और उनकी घटनाओं के माध्यम से।
प्रश्न: पात्रों द्वारा सामाजिक मानदंडों का पालन या अवहेलना क्या दर्शाती है?
उत्तर: यह उनके आचार-व्यवहार और सामाजिक नियमों के प्रति दृष्टिकोण को इंगित करती है।
प्रश्न: ग्रंथों की रचना किस दृष्टि से भिन्न होती थी?
उत्तर: प्रत्येक ग्रंथ किसी विशेष समुदाय के दृष्टिकोण से लिखा जाता था।
प्रश्न: महाभारत के पात्र हमेशा सामाजिक मानदंड का पालन क्यों नहीं करते?
उत्तर: यह मानवीय स्वभाव और परिस्थितियों की विविधता को दिखाने के लिए।
प्रश्न: साहित्यिक परंपराएँ समाज के अध्ययन में कैसे मदद करती हैं?
उत्तर: वे सामाजिक व्यवहार और रिवाजों का ऐतिहासिक चित्र प्रस्तुत करती हैं।
प्रश्न: ग्रंथों में प्रयुक्त भाषा का क्या महत्व है?
उत्तर: यह उनके प्रचार-प्रसार और समझ के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रश्न: अभिलेखों और साहित्यिक ग्रंथों में क्या अंतर है?
उत्तर: अभिलेख स्थायी प्रमाण हैं जबकि ग्रंथ सामूहिक और कथात्मक जानकारी देते हैं।
प्रश्न: सामाजिक विषमताओं को बढ़ाने वाले कारक क्या थे?
उत्तर: संपत्ति का असमान वितरण।
प्रश्न: महाभारत में कितने वर्षों तक कथाएँ प्रचलित रही?
उत्तर: कुछ कथाएँ इससे पहले के समय से भी प्रचलित थीं।
प्रश्न: ग्रंथों का प्रयोग समाज के अध्ययन में कैसे किया जा सकता है?
उत्तर: सावधानीपूर्वक विश्लेषण करके।
प्रश्न: महाभारत में सामाजिक मानदंडों की उपस्थिति का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: समाज के नियम और आचार-व्यवहार को दर्शाना।
प्रश्न: आरंभिक समाज में सामाजिक समूहों का उदय किससे जुड़ा था?
उत्तर: पेशे और कौशल के आधार पर।
प्रश्न: महाभारत में परिवारों के संघर्ष का क्या महत्व है?
उत्तर: यह राजनीतिक और सामाजिक संरचना को समझने में मदद करता है।
प्रश्न: ग्रंथों और अभिलेखों से समाज की कौन-सी जानकारी मिलती है?
उत्तर: जीवनशैली, नियम, रिवाज और सामाजिक संगठन।
प्रश्न: आरंभिक समाज के अध्ययन में साहित्य का क्या योगदान है?
उत्तर: समाज के व्यवहार और संरचना की गहरी समझ देना।
प्रश्न: 600 ई.पू. से 600 ईसवी तक समाज में कौन-कौन से बदलाव हुए?
उत्तर: कृषि विस्तार, शिल्प विशेषों का उदय, संपत्ति का असमान वितरण और सामाजिक विषमताएँ।
Answer by Dimpee Bora