Chapter- 4 बंधुत्व, जाति तथा वर्ग
प्रश्न: साँची के स्तूप को लेकर उन्नीसवीं सदी के यूरोपियों में किसका विशेष आकर्षण था?
उत्तर: वे इस प्राचीन बौद्ध स्तूप को संग्रहालय में प्रदर्शित करना चाहते थे।
प्रश्न: फ्रांसीसियों ने क्या किया?
उत्तर: उन्होंने सबसे अच्छी हालत में बचे पूर्वी तोरणद्वार को फ्रांस ले जाने की अनुमति माँगी।
प्रश्न: अंग्रेज़ों ने भी ऐसा प्रयास क्यों किया?
उत्तर: वे भी स्तूप की प्रतिकृति को अपने संग्रहालय में रखना चाहते थे।
प्रश्न: मूल स्तूप भोपाल में क्यों बना रहा?
उत्तर: क्योंकि फ्रांसीसियों और अंग्रेज़ों को प्लास्टर प्रतिकृतियों से संतुष्टि मिल गई।
प्रश्न: भोपाल के शासक स्तूप के संरक्षण के लिए क्या करते थे?
उत्तर: शाहजहाँ बेगम और उनकी उत्तराधिकारी सुल्तानजहाँ बेगम ने धन अनुदान दिया।
प्रश्न: जॉन मार्शल ने साँची पर क्या किया?
उत्तर: उन्होंने वहाँ लिखा और अपने महत्वपूर्ण ग्रंथ सुल्तानजहाँ बेगम को समर्पित किए।
प्रश्न: सुल्तानजहाँ बेगम ने क्या निर्माण करवाया?
उत्तर: उन्होंने संग्रहालय और अतिथिशाला बनाने के लिए धन दिया।
प्रश्न: स्तूप के संरक्षण में किसका योगदान सबसे अधिक है?
उत्तर: भोपाल की शासक महिलाओं और भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण का।
प्रश्न: किसने सुनिश्चित किया कि स्तूप यूरोप नहीं जाए?
उत्तर: फ्रांसीसियों और अंग्रेज़ों ने सावधानीपूर्वक प्रतिकृतियाँ बनाकर मूल को वहीं रहने दिया।
प्रश्न: साँची स्तूप का महत्व क्या है?
उत्तर: यह बौद्ध धर्म का महत्वपूर्ण केंद्र और आरंभिक बौद्ध धर्म की समझ का स्रोत है।
प्रश्न: रेल यात्रा से साँची स्तूप कैसे दिखता है?
उत्तर: यह पहाड़ी पर मुकुट जैसा दिखाई देता है।
प्रश्न: छोटे स्टेशन पर गाड़ी रोकने का कारण क्या है?
उत्तर: यात्रियों को उतरकर स्तूप समूह को देख सकें।
प्रश्न: स्तूप समूह में कौन-कौन सी इमारतें शामिल हैं?
उत्तर: विशाल गोलार्ध ढाँचा और पाँचवीं सदी का एक मंदिर।
प्रश्न: स्तूप की मरम्मत किसके द्वारा सफलतापूर्वक की गई?
उत्तर: भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण द्वारा।
प्रश्न: फ्रांसीसियों और अंग्रेज़ों के प्रयास क्यों सफल नहीं हुए?
उत्तर: उन्होंने मूल कृति को नुकसान नहीं पहुँचाने के लिए केवल प्रतिकृति बनाने में संतोष किया।
प्रश्न: सुल्तानजहाँ बेगम का स्तूप संरक्षण में क्या योगदान था?
उत्तर: उन्होंने वित्तीय अनुदान देकर संग्रहालय और अतिथिशाला निर्माण करवाया।
प्रश्न: जॉन मार्शल की पुस्तकें कहाँ लिखी गईं?
उत्तर: साँची स्तूप पर रहते हुए।
प्रश्न: मूल स्तूप को सुरक्षित रखने में किसका भाग्यशाली योगदान रहा?
उत्तर: कोई रेल ठेकेदार या यूरोपियों ने इसे नहीं हटाया।
प्रश्न: स्तूप के संरक्षण से क्या समझ में आया?
उत्तर: आरंभिक बौद्ध धर्म और उसके स्थापत्य कला के महत्व का ज्ञान।
प्रश्न: यूरोपीय देशों के प्रयास और स्थानीय संरक्षण में अंतर क्या था?
उत्तर: यूरोपीय प्रयास संग्रहालय में ले जाने के थे; स्थानीय संरक्षण मूल को वहीं सुरक्षित रखने का था।
प्रश्न: सुल्तानजहाँ बेगम ने किसे प्रोत्साहित किया?
उत्तर: जॉन मार्शल को लेखन और प्रकाशन के लिए।
प्रश्न: साँची के पूर्वी तोरणद्वार की विशेषता क्या थी?
उत्तर: यह सबसे अच्छी स्थिति में बचा हुआ था।
प्रश्न: स्तूप समूह देखने का अनुभव रेल यात्रा से कैसे मिलता है?
उत्तर: पहाड़ी पर चढ़ते ही पूरा गोलार्ध ढाँचा और अन्य इमारतें दिखाई देती हैं।
प्रश्न: संग्रहालय और अतिथिशाला निर्माण का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: स्तूप और स्थल की सुरक्षा और दर्शकों के लिए सुविधा।
प्रश्न: स्तूप समूह की संरक्षण नीति से क्या लाभ हुआ?
उत्तर: यह बौद्ध स्थापत्य और संस्कृति का जीवित उदाहरण बना।
प्रश्न: स्तूप और भवनों की ऐतिहासिक स्थिति किस शताब्दी की है?
उत्तर: पाँचवीं शताब्दी।
प्रश्न: स्तूप संरचना की विशेषता क्या है?
उत्तर: विशाल गोलार्ध ढाँचा और मुकुट जैसी उपस्थिति।
प्रश्न: यह स्थल आधुनिक समय में किसके संरक्षण में है?
उत्तर: भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण।
प्रश्न: यूरोपियों और स्थानीय संरक्षणकर्ताओं की दृष्टि में मुख्य अंतर क्या था?
उत्तर: यूरोपीय संग्रहालय में ले जाने में रुचि रखते थे, स्थानीय संरक्षणकर्ता मूल स्थल को सुरक्षित रखना चाहते थे।
प्रश्न: स्तूप की खोज ने हमारे इतिहास की समझ में क्या योगदान दिया?
उत्तर: आरंभिक बौद्ध धर्म और स्थापत्य कला के अध्ययन में महत्वपूर्ण बदलाव।
Answer by Dimpee Bora