Chapter- 14         नाचा के पुरखा : दाऊ मंदरा जी   


प्रश्न 1. “नाचा के पुरखा : दाऊ मंदरा जी” पाठ के लेखक कौन हैं?
उत्तर: लेखक मंडल।

प्रश्न 2. इस पाठ में किस महान कलाकार का जीवन परिचय दिया गया है?
उत्तर: दुलार सिंह साव दाऊ मंदराजी का।

प्रश्न 3. दाऊ मंदराजी किस लोककला से जुड़े थे?
उत्तर: नाचा लोकनाट्य से।

प्रश्न 4. दाऊ मंदराजी ने किसके माध्यम से अपना नाम ऊँचा किया?
उत्तर: अपनी कलाकारी के माध्यम से।

प्रश्न 5. दाऊ मंदराजी ने किनका नाम ऊँचा किया?
उत्तर: अपने गाँव, प्रदेश और छत्तीसगढ़ का।

प्रश्न 6. दाऊ मंदराजी ने नाचा में क्या परिवर्तन किया?
उत्तर: नाचा को नया रूप और रंग दिया।

प्रश्न 7. नाचा का रूप क्यों बदल गया?
उत्तर: दाऊ मंदराजी के विशेष प्रयासों के कारण।

प्रश्न 8. दाऊ मंदराजी की प्रमुख विशेषता क्या थी?
उत्तर: संगठन क्षमता।

प्रश्न 9. दाऊ मंदराजी ने नाचा कलाकारों के लिए क्या किया?
उत्तर: उन्हें एक संगठन में जोड़ा।

प्रश्न 10. छत्तीसगढ़ की कला को विश्व में पहचान दिलाने वालों में पहला नाम किसका है?
उत्तर: दाऊ दुलार सिंह मंदराजी का।

प्रश्न 11. लोकनाट्य किसे कहा जाता है?
उत्तर: लोक जीवन और लोक सपनों पर आधारित नाटक को।

प्रश्न 12. लोकनाट्य को मनुष्य की जिंदगी के समान क्यों कहा गया है?
उत्तर: क्योंकि यह जीवन जितना ही पुराना है।

प्रश्न 13. छत्तीसगढ़ का प्रमुख लोकनाट्य कौन-सा है?
उत्तर: नाचा।

प्रश्न 14. नाचा की सुंदरता किसमें है?
उत्तर: उसकी सरलता और सहजता में।

प्रश्न 15. नाचा का प्रभाव किस कारण से है?
उत्तर: लोक जीवन से जुड़े होने के कारण।

प्रश्न 16. नाचा देखने वालों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: वे मोहित हो जाते हैं और रातभर बैठे रहते हैं।

प्रश्न 17. नाचा की आत्मा क्या है?
उत्तर: लोक जीवन की महक, लोकहित और लोक संस्कृति।

प्रश्न 18. क्या नाचा में लिखित संवाद होते हैं?
उत्तर: नहीं, नाचा में लिखित संवाद नहीं होते।

प्रश्न 19. नाचा कलाकार किस गुण के लिए प्रसिद्ध होते हैं?
उत्तर: हाजिरजवाबी के लिए।

प्रश्न 20. नाचा में किन विषयों का वर्णन होता है?
उत्तर: मनुष्य के स्वभाव और समाज की कुरीतियों का।

प्रश्न 21. नाचा दर्शकों को रातभर क्यों बाँधे रखता है?
उत्तर: हास्य-व्यंग्य और सामाजिक संदेश के कारण।

प्रश्न 22. छत्तीसगढ़ की नाट्य परंपरा कैसी मानी जाती है?
उत्तर: संसार की सबसे पुरानी नाट्य परंपरा।

प्रश्न 23. संसार की सबसे पुरानी रंगशाला कहाँ मानी जाती है?
उत्तर: रामगढ़ की पहाड़ी में।

प्रश्न 24. प्रारंभ में नाचा में किस साज का प्रयोग होता था?
उत्तर: खड़े साज का।

प्रश्न 25. पहले नाचा दलों की क्या स्थिति थी?
उत्तर: कोई संगठित नाचा दल नहीं था।

प्रश्न 26. नाचा को संगठित रूप किसने दिया?
उत्तर: दाऊ मंदराजी ने।

प्रश्न 27. दाऊ मंदराजी ने किस नाम से नाचा दल बनाया?
उत्तर: रवेली रिंगनी साज।

प्रश्न 28. रवेली रिंगनी साज का क्या महत्व है?
उत्तर: यह छत्तीसगढ़ की पहली नाचा पार्टी थी।

प्रश्न 29. दाऊ मंदराजी को “नाचा के पुरखा” क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि उन्होंने नाचा को नई पहचान और दिशा दी।

प्रश्न 30. इस पाठ से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: लोककला के संरक्षण, संगठन और सम्मान की सीख मिलती है।

Answer by Dimpee Bora