Chapter- 17         नीति के दोहे


प्रश्न: ‘नीति के दोहे’ पाठ में किन कवियों के दोहे शामिल हैं?

  • उत्तर: तुलसीदास, रहीम और कबीर के दोहे शामिल हैं।

  • प्रश्न: ‘नीति’ शब्द का क्या अर्थ है?
    उत्तर: नीति का अर्थ है जीवन को सही दिशा देने वाले नियम या उपदेश।

  • प्रश्न: नीति के दोहों में किन जीवन मूल्यों पर बल दिया गया है?
    उत्तर: मीठी वाणी, संतोष, परोपकार, कुसंगति से बचाव, समय का महत्व आदि।

  • प्रश्न: तुलसीदास के अनुसार मीठी वाणी का क्या प्रभाव होता है?
    उत्तर: मीठी वाणी से चारों ओर सुख उत्पन्न होता है।

  • प्रश्न: तुलसीदास मीठी वाणी को किसके समान बताते हैं?
    उत्तर: वे इसे बसीकरण मंत्र के समान बताते हैं।

  • प्रश्न: कठोर वचन बोलने के बारे में तुलसीदास क्या कहते हैं?
    उत्तर: कठोर वचनों का त्याग करना चाहिए।

  • प्रश्न: ‘मुखिया मुख सो चाहिए’ दोहे में मुखिया से क्या अपेक्षा की गई है?
    उत्तर: मुखिया को पूरे शरीर का पालन-पोषण करना चाहिए।

  • प्रश्न: तुलसीदास के अनुसार मुखिया में कौन-सा गुण होना चाहिए?
    उत्तर: विवेक होना चाहिए।

  • प्रश्न: तुलसीदास के अनुसार किस स्थान पर नहीं जाना चाहिए?
    उत्तर: जहाँ प्रेम और सम्मान न मिले, वहाँ नहीं जाना चाहिए।

  • प्रश्न: ‘कंचन बरसै मेह’ का क्या अर्थ है?
    उत्तर: चाहे वहाँ धन की वर्षा ही क्यों न हो।

  • प्रश्न: तुलसीदास संत की तुलना किससे करते हैं?
    उत्तर: वे संत की तुलना फलदार वृक्ष से करते हैं।

  • प्रश्न: संत और पत्थर में क्या अंतर बताया गया है?
    उत्तर: पत्थर मारने से चोट देता है, संत फल देता है।

  • प्रश्न: रहीम के अनुसार सज्जन व्यक्ति धन क्यों एकत्र करते हैं?
    उत्तर: परोपकार के लिए।

  • प्रश्न: वृक्ष और सरोवर का उदाहरण क्यों दिया गया है?
    उत्तर: परोपकार की भावना समझाने के लिए।

  • प्रश्न: रहीम के अनुसार छोटी वस्तुओं का क्या महत्व है?
    उत्तर: छोटी वस्तुएँ भी आवश्यकता के समय बहुत उपयोगी होती हैं।

  • प्रश्न: ‘जहाँ काम आवै सुई’ से क्या शिक्षा मिलती है?
    उत्तर: हर वस्तु का अपना महत्व होता है।

  • प्रश्न: रहीम कुसंगति के विषय में क्या कहते हैं?
    उत्तर: उत्तम प्रकृति वाला व्यक्ति कुसंगति से प्रभावित नहीं होता।

  • प्रश्न: चंदन और साँप का उदाहरण क्यों दिया गया है?
    उत्तर: अच्छे व्यक्ति पर बुराई का प्रभाव नहीं पड़ता।

  • प्रश्न: रहीम मन की व्यथा के बारे में क्या सलाह देते हैं?
    उत्तर: मन की पीड़ा अपने मन में ही रखनी चाहिए।

  • प्रश्न: लोग दूसरों की व्यथा सुनकर क्या करते हैं?
    उत्तर: वे केवल मज़ाक उड़ाते हैं, सहायता नहीं करते।

  • प्रश्न: नीति के दोहे किस प्रकार की भाषा में लिखे गए हैं?
    उत्तर: सरल और प्रभावशाली भाषा में।

  • प्रश्न: नीति के दोहे किस छंद में लिखे गए हैं?
    उत्तर: दोहा छंद में।

  • प्रश्न: तुलसीदास के दोहों में किस गुण पर विशेष बल है?
    उत्तर: मीठी वाणी और विवेक पर।

  • प्रश्न: रहीम के दोहों का मुख्य संदेश क्या है?
    उत्तर: परोपकार, संतोष और आत्मसंयम।

  • प्रश्न: नीति के दोहे जीवन में क्यों उपयोगी हैं?
    उत्तर: क्योंकि ये सही आचरण की शिक्षा देते हैं।

  • प्रश्न: संतोष रूपी धन को श्रेष्ठ क्यों कहा गया है?
    उत्तर: क्योंकि संतोष से ही सच्चा सुख मिलता है।

  • प्रश्न: ‘अति’ के क्या दुष्परिणाम बताए गए हैं?
    उत्तर: अति करने से नुकसान होता है।

  • प्रश्न: नीति के दोहे किसे मार्गदर्शन प्रदान करते हैं?
    उत्तर: प्रत्येक मनुष्य को।

  • प्रश्न: नीति के दोहे किस प्रकार के उदाहरण देते हैं?
    उत्तर: व्यावहारिक और जीवन से जुड़े उदाहरण।

  • प्रश्न: नीति के दोहों का मूल उद्देश्य क्या है?
    उत्तर: मानव जीवन को नैतिक और सफल बनाना।