Chapter- 20 हाना
1. पाठ का शीर्षक क्या है?
उत्तर:
इस पाठ का शीर्षक “हाना” है। इस शीर्षक के माध्यम से लेखक ने छत्तीसगढ़ी लोक-साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा ‘हाना’ का परिचय दिया है तथा उसके महत्व को समझाया है।
2. इस पाठ के लेखक कौन हैं?
उत्तर:
इस पाठ के लेखक लेखक मंडल हैं। लेखक मंडल ने सामूहिक रूप से छत्तीसगढ़ के लोक-साहित्य और लोक-जीवन से जुड़े अनुभवों को प्रस्तुत किया है।
3. छत्तीसगढ़ का लोक साहित्य किस रूप में पाया जाता है?
उत्तर:
छत्तीसगढ़ का लोक साहित्य मुख्य रूप से मुँहअँखरा (मौखिक) रूप में पाया जाता है। यह पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों के मुख से सुनाया जाता रहा है।
4. साहित्य के कितने प्रकार बताए गए हैं?
उत्तर:
पाठ में साहित्य के दो प्रकार बताए गए हैं, जिनके आधार पर साहित्य को समझा गया है।
5. साहित्य के दो प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
साहित्य के दो प्रकार हैं—
लिखित साहित्य, जिसे लिखा और पढ़ा जाता है।
मुँहअँखरा (मौखिक) साहित्य, जो बोलकर और सुनकर आगे बढ़ता है।
6. मुँहअँखरा साहित्य को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
मुँहअँखरा साहित्य को लोक-साहित्य कहा जाता है, क्योंकि यह आम जनता के जीवन, अनुभव और बोलचाल से जुड़ा होता है।
7. लोक-साहित्य के उदाहरण कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
लोक-साहित्य के प्रमुख उदाहरण हैं—लोककथा, लोकगीत, लोकगाथा, जनौला और हाना। ये सभी लोक जीवन से जुड़े होते हैं।
8. ‘हाना’ को हिंदी में क्या कहते हैं?
उत्तर:
‘हाना’ को हिंदी भाषा में लोकोक्ति कहा जाता है।
9. लोकोक्ति का क्या अर्थ है?
उत्तर:
लोकोक्ति का अर्थ है लोक-मानस द्वारा किसी अनुभव या घटना के आधार पर कही गई सार्थक और शिक्षाप्रद बात।
10. हाना किससे जुड़ा होता है?
उत्तर:
हर हाना किसी न किसी घटना या जीवन अनुभव से जुड़ा होता है, इसलिए वह सहज और प्रभावशाली होता है।
11. हाना में क्या समाया रहता है?
उत्तर:
हाना में लोक-जीवन का अनुभव, व्यवहारिक ज्ञान और सिखावन समाया रहता है।
12. हाना को ज्ञान का भंडार क्यों कहा गया है?
उत्तर:
हाना को ज्ञान का भंडार इसलिए कहा गया है क्योंकि इसमें जीवन से जुड़े गहरे अनुभव और व्यवहारिक सीख छिपी रहती है।
13. हाना किस काम में सहायक होता है?
उत्तर:
हाना कठिन परिस्थितियों में समस्या सुलझाने और सही मार्ग दिखाने में सहायक होता है।
14. गाँव के अपढ़ लोगों की बातों में प्रभाव क्यों होता है?
उत्तर:
गाँव के अपढ़ लोग भी हाना के प्रयोग से अपनी बात को प्रभावशाली बना लेते हैं, जिससे उनकी बात गहरी छाप छोड़ती है।
15. हाना किसका दर्पण है?
उत्तर:
हाना सिखावन, आचार-विचार और नीति-नियमों का दर्पण है, जो सही जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
16. हाना के प्रयोग से भाषा पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
हाना के प्रयोग से भाषा में चमत्कार, सुंदरता और प्रभावशीलता आ जाती है।
17. हाना का श्रोता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
हाना सुनने वाला व्यक्ति जल्दी प्रभावित होता है और बात को आसानी से समझ लेता है।
18. ‘मही माँगे ल जाय, ठेकवा लुकाय’ का अर्थ क्या है?
उत्तर:
इस हाना का अर्थ है कि जरूरत के समय भी संकोच करना और अपनी बात स्पष्ट न कहना।
19. ‘अध-जल गगरी, छलकत जाय’ का भावार्थ क्या है?
उत्तर:
इसका भावार्थ है कि कम ज्ञान वाला व्यक्ति अधिक बोलता है, जबकि ज्ञानी व्यक्ति शांत रहता है।
20. आधी भरी गगरी क्यों ज्यादा छलकती है?
उत्तर:
आधी भरी गगरी असंतुलित होती है, इसलिए चलने पर ज्यादा छलकती है। यह मानव स्वभाव का प्रतीक है।
21. हाना किस भाषा का सिंगार है?
उत्तर:
हाना छत्तीसगढ़ी भाषा का सिंगार है, जो भाषा को मधुर और प्रभावशाली बनाता है।
22. हाना से भाषा में क्या बढ़ता है?
उत्तर:
हाना से भाषा की सुग्घरता, मिठास और प्रभाव बढ़ता है।
23. छत्तीसगढ़ी हाना कैसे सुरक्षित रहे हैं?
उत्तर:
छत्तीसगढ़ी हाना मुँहअँखरा परंपरा के कारण आज तक सुरक्षित रहे हैं।
24. छत्तीसगढ़ी हाना की प्रमुख विशेषता क्या है?
उत्तर:
छत्तीसगढ़ी हाना की प्रमुख विशेषता नान्हेपन में गहराई और प्रभावशीलता है।
25. हाना की अन्य विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर:
हाना की अन्य विशेषताएँ हैं—लय, तुक, सरलता, सहजता और मनोरंजन।
26. ‘धीर म खीर’ का क्या अर्थ है?
उत्तर:
इस हाना का अर्थ है कि धैर्य रखने से अंत में अच्छा फल मिलता है।
27. ‘साँच ल का आँच’ का भावार्थ क्या है?
उत्तर:
इसका भावार्थ है कि सच्चाई को कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता।
28. ‘उन के दून’ हाना किस ओर संकेत करता है?
उत्तर:
यह हाना कठिन और संकटपूर्ण स्थिति की ओर संकेत करता है।
29. कुछ हाना कविता जैसे क्यों लगते हैं?
उत्तर:
कुछ हाना कविता जैसे लगते हैं क्योंकि उनमें लय, तुक और संगीतमयता होती है।
30. हाना लोक-जीवन में क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर:
हाना लोक-जीवन में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अनुभव, ज्ञान, नैतिक शिक्षा और व्यवहारिक समझ प्रदान करता है।
Answer by Dimpee Bora