Chapter- 3 हेलन केलर
1. हेलन केलर किस प्रकार की महिला थीं?
उत्तर: हेलन केलर दृष्टिहीन और बहरी थीं, लेकिन अत्यंत बुद्धिमान और कर्मठ थीं। उन्होंने अपने जीवन में असाधारण कार्य किए।
2. हेलन केलर का जन्म कब हुआ था?
उत्तर: हेलन केलर का जन्म 27 जून, 1880 में हुआ।
3. हेलन के जन्म से क्या समस्याएँ थीं?
उत्तर: हेलन जन्म से अंधी और बहरी नहीं थीं। वे डेढ़ वर्ष तक सामान्य बच्चों की तरह देख और सुन सकती थीं।
4. हेलन को अपनी दृष्टि, वाणी और सुनने की क्षमता कब खोनी पड़ी?
उत्तर: हेलन अकस्मात् बीमार पड़ गईं, जिससे उनकी आँखें, कान और वाणी हमेशा के लिए खो गई।
5. हेलन के व्यक्तित्व की विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर: हेलन अत्यंत बुद्धिमान, जिज्ञासु, संवेदनशील और विलक्षण प्रतिभा वाली थीं।
6. हेलन अपने अनुभवों को क्यों प्रकट नहीं कर पाती थीं?
उत्तर: हेलन अंधी और बहरी होने के कारण अपने अनुभवों को बोलकर या सुनकर व्यक्त नहीं कर सकती थीं।
7. हेलन की असमर्थता पर उन्हें कैसी भावना होती थी?
उत्तर: हेलन अपनी असमर्थता पर बहुत झुंझलाती थीं और कभी-कभी दुखी होकर खुद को दंड देती थीं।
8. हेलन के माता-पिता ने उन्हें कहाँ भेजने का निश्चय किया?
उत्तर: हेलन के माता-पिता ने उन्हें अंध-बधिरों के स्कूल में भर्ती कराने का निर्णय लिया।
9. हेलन की अध्यापिका का नाम क्या था?
उत्तर: हेलन की अध्यापिका का नाम सलीवन था।
10. सलीवन के बारे में क्या खास बात थी?
उत्तर: सलीवन भी पहले अंधी थीं, पर आपरेशन के बाद उन्हें दृष्टि प्राप्त हुई थी। इसलिए वे हेलन के दुख को समझ सकती थीं।
11. सलीवन ने हेलन की देख-रेख क्यों सहर्ष अपने कंधों पर ली?
उत्तर: वे संवेदनशील थीं और हेलन की शिक्षा और दुख दूर करने का दायित्व उन्होंने उत्साह से स्वीकार किया।
12. सलीवन को शुरुआत में हेलन की शिक्षा में क्या समस्या आई?
उत्तर: हेलन के मन की बात समझने और उन्हें सही तरीके से पढ़ाने का कोई उपाय सलीवन को नहीं मिला, जिससे उन्हें निराशा हुई।
13. हेलन को अपनी गुड़िया क्यों प्यारी थी?
उत्तर: हेलन अपनी गुड़िया से कभी भी अलग नहीं होना चाहती थीं, क्योंकि यह उनके लिए प्रिय और भावनात्मक महत्व रखती थी।
14. सलीवन ने हेलन को गुड़िया के माध्यम से कैसे पढ़ाया?
उत्तर: सलीवन ने हेलन की हथेली पर उँगली से “डॉल” शब्द लिखा और हेलन ने भी वही शब्द अपनी माँ के पास लिख दिया।
15. हेलन ने पहली बार कौन-सा शब्द सही लिखा?
उत्तर: हेलन ने “डॉल” (गुडिया) शब्द पहली बार सही लिखा।
16. यह शब्द लिखने की घटना क्यों महत्वपूर्ण थी?
उत्तर: इससे सलीवन को हेलन को पढ़ाने का तरीका मिल गया और हेलन ने शब्दों को सीखना शुरू किया।
17. हेलन ने शब्द सीखने के बाद क्या अनुभव किया?
उत्तर: हेलन की सीखने की जिज्ञासा बढ़ गई और वह लगातार नए शब्द सीखने लगीं।
18. हेलन ने अपने जीवन में किस क्षेत्र में कार्य किया?
उत्तर: हेलन ने उच्च शिक्षा प्राप्त की और फिर दीनदुखियों की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया।
19. हेलन के जीवन से क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर: हेलन के जीवन से पता चलता है कि कठिनाइयाँ और सीमाएँ सफलता और महान कार्य करने में बाधा नहीं हैं।
20. हेलन को अपने शुरुआती जीवन में किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?
उत्तर: हेलन ने दृष्टि, सुनने और बोलने की क्षमता खो दी थी, जिससे उन्हें अनुभवों को व्यक्त करने में कठिनाई हुई।
21. हेलन के माता-पिता ने उनकी कठिनाइयों को कैसे संभाला?
उत्तर: उन्होंने उन्हें उचित स्कूल में भर्ती कराया और शिक्षा के उपाय खोजे।
22. सलीवन ने हेलन की शिक्षा में किन गुणों का प्रयोग किया?
उत्तर: सलीवन ने धैर्य, संवेदनशीलता और खोजपूर्ण तरीके का प्रयोग किया।
23. हेलन के जीवन में शिक्षा का महत्व क्या था?
उत्तर: शिक्षा के माध्यम से हेलन ने अपने विचारों को व्यक्त करना सीखा और समाज में योगदान दिया।
24. हेलन की प्रतिभा का क्या प्रमाण है?
उत्तर: हेलन ने बहरी और अंधी होते हुए भी उच्च शिक्षा प्राप्त की और समाज सेवा में योगदान दिया।
25. हेलन को सलीवन से क्या लाभ मिला?
उत्तर: सलीवन ने हेलन को शब्दों की समझ दी, जिससे उनकी सीखने की क्षमता विकसित हुई।
26. हेलन ने अपने प्रारंभिक असमर्थता को कैसे पार किया?
उत्तर: हेलन ने कठिन श्रम, धैर्य और जिज्ञासा के माध्यम से अपनी असमर्थता को पार किया।
27. हेलन का जीवन इतिहास में क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: क्योंकि उन्होंने अपनी सीमाओं के बावजूद समाज में अद्भुत योगदान दिया और प्रेरणा स्रोत बनीं।
28. हेलन ने सीखने की प्रक्रिया में कौन-सा तरीका अपनाया?
उत्तर: हेलन ने हाथ पर शब्द लिखने और उसे समझने का तरीका अपनाया।
29. हेलन का जीवन हमें कौन-सी शिक्षा देता है?
उत्तर: हेलन का जीवन सिखाता है कि दृढ़ इच्छा शक्ति और प्रयास से कोई भी कठिनाई पार की जा सकती है।
30. हेलन के उदाहरण से बच्चों और युवाओं को क्या संदेश मिलता है?
उत्तर: हेलन के उदाहरण से यह संदेश मिलता है कि कोई भी शारीरिक या मानसिक कमी व्यक्ति को महान कार्य करने से रोक नहीं सकती।
Answer by Dimpee Bora