Chapter- 17         तृतीय लिंग का बोध


1. पाठ ‘तृतीय लिंग का बोध’ का मुख्य विषय क्या है?

उत्तर: तृतीय लिंग (किन्नर) समुदाय की सामाजिक स्थिति और ऐतिहासिक-पौराणिक मान्यता।

2. तृतीय लिंग समुदाय को और किस नाम से जाना जाता है?

उत्तर: किन्नर समुदाय।

3. प्राचीन काल में तृतीय लिंग समुदाय के प्रति समाज का रवैया कैसा था?

उत्तर: सकारात्मक और सम्मानजनक।

4. प्राचीन काल की जानकारी हमें किन स्रोतों से मिलती है?

उत्तर: पौराणिक कथाओं और धार्मिक ग्रंथों से।

5. किन ग्रंथों में किन्नरों का उल्लेख मिलता है?

उत्तर: रामचरितमानस, भागवत, महाभारत और अन्य पुराणों में।

6. त्रेतायुग की किस कथा का उल्लेख पाठ में किया गया है?

उत्तर: श्रीराम के वनवास की कथा।

7. श्रीराम वनवास जाते समय अयोध्यावासियों को क्या निर्देश देते हैं?

उत्तर: 14 वर्षों बाद लौटने का आश्वासन देकर वापस जाने को कहते हैं।

8. श्रीराम की आज्ञा के बाद कौन लौट आए?

उत्तर: सभी नर और नारी।

9. किन्नर सरयू तट पर क्यों रुके रहे?

उत्तर: क्योंकि श्रीराम ने केवल नर-नारी को लौटने की आज्ञा दी थी।

10. 14 वर्ष बाद श्रीराम ने क्या देखा?

उत्तर: सरयू तट पर किन्नरों को प्रतीक्षा करते हुए।

11. किन्नरों की भक्ति से प्रसन्न होकर श्रीराम ने क्या आशीर्वाद दिया?

उत्तर: कलयुग में उनके राज और उनकी दुआओं के फलने का वरदान।

12. प्राचीन ग्रंथों में किन्नरों की कौन-सी भूमिका बताई गई है?

उत्तर: शुभ अवसरों पर गायन और वादन करना।

13. द्वापर युग का कौन-सा पात्र तृतीय लिंग समुदाय से संबंधित था?

उत्तर: शिखंडी।

14. शिखंडी किस महाकाव्य का पात्र था?

उत्तर: महाभारत।

15. शिखंडी किसका पुत्र था?

उत्तर: महाराज द्रुपद का।

16. शिखंडी का द्रौपदी से क्या संबंध था?

उत्तर: वह द्रौपदी का भाई था।

17. शिखंडी को कभी-कभी किसका अवतार कहा गया है?

उत्तर: सती का अवतार।

18. शिखंडी ने अपनी शिक्षा-दीक्षा कैसे प्राप्त की थी?

उत्तर: विधिवत और पूर्ण रूप से।

19. शिखंडी ने समाज को क्या सिद्ध किया?

उत्तर: कि किन्नर समुदाय के लोग बड़े-बड़े कार्य कर सकते हैं।

20. शिखंडी ने महाभारत का युद्ध क्यों लड़ा?

उत्तर: धर्म की रक्षा के लिए।

21. महाभारत युद्ध में शिखंडी को कौन-सा पद मिला था?

उत्तर: सेनापति का।

22. शिखंडी को सेनापति किसने बनाया था?

उत्तर: श्रीकृष्ण ने।

23. गीता के प्रथम अध्याय में शिखंडी को क्या कहा गया है?

उत्तर: महारथी।

24. ‘शिखंडी च महारथः’ का क्या अर्थ है?

उत्तर: शिखंडी एक महान योद्धा था।

25. इन कथाओं से किस बात का प्रमाण मिलता है?

उत्तर: तृतीय लिंग समुदाय को सामाजिक मान्यता प्राप्त थी।

26. क्या ये कथाएँ पूरी तरह ऐतिहासिक प्रमाणित हैं?

उत्तर: नहीं, यह बहस का विषय है।

27. फिर भी इन कथाओं का महत्व क्यों है?

उत्तर: क्योंकि समाज ने इन्हें स्वीकार किया है।

28. प्राचीन काल में तृतीय लिंग समुदाय के लिए कैसी व्यवस्था थी?

उत्तर: व्यक्तित्व विकास के लिए उपयुक्त व्यवस्था।

29. इस पाठ से समाज को क्या संदेश मिलता है?

उत्तर: तृतीय लिंग समुदाय को सम्मान और समान अवसर देना चाहिए।

30. पाठ का निष्कर्ष क्या है?

उत्तर: प्राचीन काल में तृतीय लिंग समुदाय को आज की तुलना में अधिक सामाजिक स्वीकार्यता प्राप्त थी।

Answer by Dimpee Bora