Chapter- 6 जो मैं नहीं बन सका
1. ‘जो मैं नहीं बन सका’ पाठ के लेखक कौन हैं?
उत्तर: इस पाठ के लेखक डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी हैं।
2. यह रचना किस विधा में लिखी गई है?
उत्तर: यह एक व्यंग्य रचना है।
3. पाठ का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर: किशोरावस्था की अजीब-मजेदार इच्छाएँ और उनसे बनने वाली समझ।
4. लेखक वर्तमान में क्या हैं?
उत्तर: लेखक वर्तमान में डॉक्टर और लेखक हैं।
5. क्या लेखक बचपन में डॉक्टर बनना चाहता था?
उत्तर: नहीं, वह बचपन में डॉक्टर नहीं बनना चाहता था।
6. लेखक बचपन में क्या-क्या बनना चाहता था?
उत्तर: वह पेंटर, गेटकीपर आदि बनना चाहता था।
7. लेखक सबसे पहले किस व्यक्ति से प्रभावित हुआ?
उत्तर: एक फिल्म पोस्टर बनाने वाले पेंटर से।
8. लेखक उस समय किस कक्षा में पढ़ता था?
उत्तर: वह कक्षा पाँच में पढ़ता था।
9. गाँव में कौन-सी नई चीज़ खुली थी?
उत्तर: गाँव में फट्टा टॉकीज (सिनेमा हॉल) खुली थी।
10. टॉकीज का गेटकीपर कौन बना था?
उत्तर: लंबी जुल्फों वाला गाँव का नौजवान।
11. लेखक टॉकीज पर क्यों जाता था?
उत्तर: नई फिल्मों के बोर्ड बनते देखने के लिए।
12. लेखक पेंटर के जीवन से क्यों प्रभावित था?
उत्तर: क्योंकि वह रोज़ टॉकीज में बैठकर फिल्म के पोस्टर बनाता था।
13. लेखक पेंटर के जीवन को कैसा मानता था?
उत्तर: वह उसे मस्त और सुखी जीवन मानता था।
14. लेखक पेंटर बनना क्यों चाहता था?
उत्तर: क्योंकि उसे लगता था कि बोर्ड बनाओ और दिन भर टॉकीज में रहो।
15. पेंटर के प्रति लेखक का भ्रम कैसे टूटा?
उत्तर: जब उसने पेंटर को दस रुपये एडवांस के लिए गिड़गिड़ाते देखा।
16. उस घटना के बाद लेखक ने क्या निर्णय लिया?
उत्तर: उसने तय किया कि वह पेंटर नहीं बनेगा।
17. इसके बाद लेखक की नज़र किस पर पड़ी?
उत्तर: गेटकीपर के पेशे पर।
18. लेखक को गेटकीपर का जीवन क्यों अच्छा लगता था?
उत्तर: क्योंकि वह तीनों शो मुफ्त फिल्म देख सकता था।
19. लेखक गेटकीपर को किससे तुलना करता है?
उत्तर: उसे लगता था कि सच्ची ज़िंदगी गेटकीपर की है।
20. तीनों शो मुफ्त देखने की सुविधा लेखक को कैसी लगती थी?
उत्तर: ईश्वरीय वरदान जैसी।
21. लेखक का मन गेटकीपर बनने की ओर क्यों झुका?
उत्तर: क्योंकि उसे यह पेशा आनंद और शान-शौकत वाला लगता था।
22. यह पाठ किशोर मन की किस विशेषता को दर्शाता है?
उत्तर: कल्पनाशीलता और आकर्षण।
23. लेखक ने इस रचना में हास्य कैसे पैदा किया है?
उत्तर: अपनी बचपन की मासूम इच्छाओं के वर्णन से।
24. पाठ में ‘व्यंग्य’ कहाँ दिखाई देता है?
उत्तर: पेशों की हकीकत और भ्रम के टकराव में।
25. लेखक किन पेशों की सीमाओं की ओर संकेत करता है?
उत्तर: पेंटर और गेटकीपर जैसे साधारण पेशों की।
26. लेखक की इच्छाएँ क्यों टूटती चली गईं?
उत्तर: क्योंकि उसे वास्तविक जीवन की सच्चाई समझ में आने लगी।
27. इस पाठ से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: हर पेशे के पीछे संघर्ष और सीमाएँ होती हैं।
28. लेखक की किशोरावस्था कैसी रही?
उत्तर: जिज्ञासु, कल्पनाशील और मज़ेदार।
29. यह रचना क्यों रोचक लगती है?
उत्तर: क्योंकि इसमें हास्य के साथ जीवन का सत्य है।
30. पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: बचपन की इच्छाएँ भले पूरी न हों, पर वे हमें जीवन को समझना सिखाती हैं।
Answer by Dimpee Bora