Chapter- 12 लोकतंत्र की प्रमुख विशेषताएँ
प्रश्न: लोकतंत्र की शुरुआत कई देशों में कब हुई और किस कारण से?
उत्तर: 1950 के बाद कई देशों में लोकतंत्र की शुरुआत औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के रूप में हुई।-
प्रश्न: 1990 के दशक में लोकतंत्र का विस्तार किस कारण हुआ?
उत्तर: साम्यवादी देशों के पतन के बाद लोकतांत्रिक शासन का विस्तार हुआ। -
प्रश्न: 2010 के बाद लीबिया और म्यांमार में लोकतंत्र क्यों अपनाया गया?
उत्तर: अधिनायकतंत्र (तानाशाही) के खिलाफ जनता की आवाज़ उठने के कारण। -
प्रश्न: अधिनायकतंत्र (तानाशाही) क्या है?
उत्तर: ऐसा शासन जिसमें कोई व्यक्ति किसी देश की सत्ता पर पूर्ण अधिकार स्थापित कर लेता है और सभी ढाँचों को अपने नियंत्रण में ले लेता है। -
प्रश्न: अधिनायकतंत्र में विपक्षी दलों की स्थिति कैसी होती है?
उत्तर: सभी विरोधी राजनैतिक दल समाप्त कर दिए जाते हैं और केवल एक दल का शासन होता है। -
प्रश्न: अधिनायकतंत्र में कानून का आधार क्या होता है?
उत्तर: शासक की इच्छा। शासक अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कोई भी कानून बना सकता है। -
प्रश्न: अधिनायकतंत्र में न्याय क्या होता है?
उत्तर: शासक द्वारा दिया गया निर्णय ही न्याय होता है। -
प्रश्न: लोकतंत्र और अधिनायकतंत्र में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर: लोकतंत्र में सत्ता जनता के हाथ में होती है और निर्णय सहमति व नियमों के अनुसार होते हैं, जबकि अधिनायकतंत्र में सत्ता एक व्यक्ति के हाथ में केंद्रीकृत होती है। -
प्रश्न: कर्नल गद्दाफी और नेबिन का शासन किस प्रकार का था?
उत्तर: उनका शासन अधिनायकतंत्र का उदाहरण था।
प्रश्न: अधिनायकतंत्र में शासन का पहला लक्षण क्या है?
उत्तर: एक व्यक्ति की मनमानी का शासन।-
प्रश्न: अधिनायकतंत्र में विपक्षी दलों की स्थिति क्या होती है?
उत्तर: एक दल की सरकार होती है और विपक्षी दलों पर प्रतिबंध लगाया जाता है। -
प्रश्न: अधिनायकतंत्र में जनता की भागीदारी कैसे होती है?
उत्तर: चुनाव और प्रतिनिधित्व के विधि निर्माण में जनता की कोई भागीदारी नहीं होती। -
प्रश्न: अधिनायकतंत्र में संगठन निर्माण और विचार अभिव्यक्ति की स्थिति क्या होती है?
उत्तर: संगठन निर्माण, सत्याग्रह और विचार-अभिव्यक्ति पर प्रतिबंध लगाया जाता है। -
प्रश्न: अधिनायकतंत्र में व्यक्तिगत स्वतंत्रता कैसी होती है?
उत्तर: व्यक्तिगत स्वतंत्रता नियंत्रित या प्रतिबंधित होती है। -
प्रश्न: अधिनायकतंत्र में चुनाव व्यवस्था कैसी होती है?
उत्तर: निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था नहीं होती। -
प्रश्न: अधिनायकतंत्र में न्यायपालिका, जनसंचार और चुनाव आयोग की स्थिति कैसी होती है?
उत्तर: स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका, जनसंचार और चुनाव आयोग नहीं होते।
प्रश्न: लोकतंत्र में जनता की भूमिका क्या होती है?
उत्तर: लोकतंत्र जनता के नियंत्रण में होता है, और सभी निर्णय जनता की भागीदारी से लिए जाते हैं।-
प्रश्न: लोकतंत्र में कानून का आधार क्या होता है?
उत्तर: संविधान और नियम। कानून शासक की इच्छा पर नहीं चलता। -
प्रश्न: लोकतंत्र में चुनाव और प्रतिनिधित्व का क्या महत्व है?
उत्तर: चुनाव और प्रतिनिधित्व जनता को शासन में भागीदारी का अधिकार देते हैं। -
प्रश्न: लोकतंत्र और अधिनायकतंत्र में न्यायपालिका की स्थिति कैसे भिन्न होती है?
उत्तर: लोकतंत्र में न्यायपालिका स्वतंत्र और निष्पक्ष होती है, जबकि अधिनायकतंत्र में न्याय शासक की इच्छा से चलता है। -
प्रश्न: लोकतंत्र में विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कैसी होती है?
उत्तर: पूरी तरह स्वतंत्र होती है। -
प्रश्न: लोकतंत्र में चुनाव व्यवस्था कैसी होती है?
उत्तर: स्वतंत्र, निष्पक्ष और सबकी भागीदारी पर आधारित।
प्रश्न: 1950 के बाद किस प्रकार के देशों में लोकतंत्र आया?
उत्तर: औपनिवेशिक शासन से मुक्ति पाने वाले देशों में।-
प्रश्न: 1990 के दशक में लोकतंत्र किस कारण से फैला?
उत्तर: साम्यवादी देशों के पतन के बाद। -
प्रश्न: 2010 के बाद किन देशों में अधिनायकतंत्र खत्म हुआ?
उत्तर: लीबिया और म्यांमार में। -
प्रश्न: कर्नल गद्दाफी का शासन जनता के लिए क्यों अलोकतांत्रिक था?
उत्तर: क्योंकि वह सभी निर्णय अपने हाथ में केंद्रित करता था और जनता की भागीदारी नहीं थी। -
प्रश्न: अधिनायकतंत्र के खिलाफ आवाज़ उठाने का क्या महत्व है?
उत्तर: इससे जनता अपने अधिकार और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर सकती है और लोकतंत्र स्थापित कर सकती है।
प्रश्न: लोकतंत्र की पहचान कैसे की जाती है?
उत्तर:
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जनता की भागीदारी
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कानून और संविधान का पालन
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स्वतंत्र न्यायपालिका
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स्वतंत्र अभिव्यक्ति और निष्पक्ष चुनाव
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प्रश्न: अधिनायकतंत्र और लोकतंत्र में नागरिकों की स्वतंत्रता में अंतर क्या है?
उत्तर: अधिनायकतंत्र में स्वतंत्रता नियंत्रित या प्रतिबंधित होती है, लोकतंत्र में पूरी स्वतंत्रता होती है। -
प्रश्न: पाठ से लोकतंत्र और अधिनायकतंत्र के बारे में क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: लोकतंत्र में जनता का नियंत्रण और भागीदारी जरूरी है, जबकि अधिनायकतंत्र में सत्ता एक व्यक्ति या दल के हाथ में केंद्रित होती है।