Chapter- 7 धर्मसुधार और प्रबोधन (सन् 1300-1800)
प्रश्न: अध्याय 7 का शीर्षक क्या है?
उत्तर: धर्मसुधार और प्रबोधन (सन 1300–1800)।
प्रश्न: यह अध्याय किस काल से संबंधित है?
उत्तर: सन 1300 से 1800 ईस्वी तक के काल से।
प्रश्न: पिछले अध्याय में किस विषय पर चर्चा की गई थी?
उत्तर: मध्यकाल के अंत में नई सोच और कलाबोध के विकास पर।
प्रश्न: विभिन्न संस्कृतियों के बीच किस प्रकार का संबंध विकसित हो रहा था?
उत्तर: मेल-मिलाप और सीखने-सिखाने का संबंध।
प्रश्न: धर्म इन सब बातों से कैसे जुड़ा हुआ था?
उत्तर: धर्म इन परिवर्तनों से अछूता नहीं रहा।
प्रश्न: मध्यकाल के अंत में लोगों के धर्म और विश्वासों में क्या दिखाई देता है?
उत्तर: बड़े पैमाने पर बदलाव।
प्रश्न: भारत में धार्मिक परिवर्तन किस रूप में दिखाई दिए?
उत्तर: भक्ति आंदोलन के रूप में।
प्रश्न: इस्लामी देशों में कौन-सा आंदोलन चला?
उत्तर: सूफी आंदोलन।
प्रश्न: यूरोप में कौन-सा धार्मिक सुधार आंदोलन हुआ?
उत्तर: ईसाई धर्म में सुधार आंदोलन।
प्रश्न: यूरोप में धर्मसुधार के साथ-साथ और क्या हुआ?
उत्तर: पुनर्जागरण और वैज्ञानिक क्रांति।
प्रश्न: यूरोप में चलने वाले नए वैचारिक आंदोलन को क्या कहा गया?
उत्तर: प्रबोधन।
प्रश्न: प्रबोधन आंदोलन के अंतर्गत किसका विकास हुआ?
उत्तर: तर्क और आलोचनात्मक दृष्टिकोण का।
प्रश्न: प्रबोधन आंदोलन से किस सोच का प्रसार हुआ?
उत्तर: वैज्ञानिक सोच का।
प्रश्न: प्रबोधन का प्रभाव किन देशों पर पड़ा?
उत्तर: यूरोप के साथ-साथ भारत जैसे देशों पर भी।
प्रश्न: इस अध्याय में किसे समझने का प्रयास किया गया है?
उत्तर: धर्मसुधार और प्रबोधन से जुड़ी घटनाओं को।
प्रश्न: मध्यकाल के बारे में सामान्य धारणा क्या थी?
उत्तर: लोग बहुत धार्मिक थे।
प्रश्न: मध्यकाल में लोग किसके प्रति अत्यधिक श्रद्धा रखते थे?
उत्तर: धर्माचार्यों और धर्मग्रंथों के प्रति।
प्रश्न: आधुनिक काल में लोगों ने धर्म से निकलकर किसे अपनाया?
उत्तर: तार्किकता और वैज्ञानिक विचारों को।
प्रश्न: भारत में धार्मिक विविधता कब से दिखाई देती है?
उत्तर: चौथी शताब्दी के बाद।
प्रश्न: भारत में धार्मिक विविधता किस रूप में थी?
उत्तर: विभिन्न धर्मों, पंथों और दर्शनों के रूप में।
प्रश्न: क्या एक ही क्षेत्र में सभी लोगों के विश्वास समान थे?
उत्तर: नहीं, विश्वास अलग-अलग थे।
प्रश्न: लोग एक-दूसरे के विचारों के प्रति कैसा व्यवहार करते थे?
उत्तर: सुनते, समझते और अपनाते थे।
प्रश्न: लोग अपने विचारों और विश्वासों में क्या करते रहते थे?
उत्तर: लगातार परिवर्तन।
प्रश्न: नए विचारों को अपनाने के लिए लोग कैसे थे?
उत्तर: पूरी तरह तैयार।
प्रश्न: जनजातीय समाज के लोग किस पर विश्वास करते थे?
उत्तर: अपनी पारंपरिक शक्ति-विश्वासों पर।
प्रश्न: वैदिक धर्म को मानने वालों में किस प्रकार की विविधता थी?
उत्तर: अलग-अलग धार्मिक आस्थाएँ।
प्रश्न: कुछ लोग वेदों को किस रूप में मानते थे?
उत्तर: केवल वेदों को ही मानते थे।
प्रश्न: कुछ लोग वेदों के कर्मकांड को न मानकर किसकी पूजा करते थे?
उत्तर: शिव, विष्णु आदि देवताओं की।
प्रश्न: कुछ लोग किस प्रकार की साधना में विश्वास रखते थे?
उत्तर: ध्यान और ब्रह्म-चिंतन में।
प्रश्न: प्रमुख दार्शनिक परंपराएँ कौन-सी थीं?
उत्तर: वैशेषिक, मीमांसा और वेदांत।
Answer by Dimpee Bora