Chapter- 3 विद्रोही शक्तिसिंह
प्रश्न: “विद्रोही शक्तिसिंह” पाठ के लेखक कौन हैं?
उत्तर: “विद्रोही शक्तिसिंह” पाठ के लेखक श्री विश्वम्भर नाथ शर्मा ‘कौशिक’ हैं।
प्रश्न: इस कहानी में किन दो ऐतिहासिक पात्रों को केंद्र में रखा गया है?
उत्तर: इस कहानी में महाराणा प्रताप और शक्तिसिंह को केंद्र में रखा गया है।
प्रश्न: कहानी का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर: कहानी का मुख्य विषय भाई-भाई के संबंध, प्रेम, प्रतिशोध, अन्तर्द्वन्द्व और ग्लानि भाव है।
प्रश्न: महाराणा प्रताप और शक्तिसिंह के बीच मतभेद का कारण क्या था?
उत्तर: एक छोटे से मुद्दे पर दोनों भाइयों के बीच मतभेद हो गया था।
प्रश्न: अपमान से आहत होकर शक्तिसिंह ने क्या निर्णय लिया?
उत्तर: अपमान से आहत होकर शक्तिसिंह चित्तौड़ छोड़कर आगरा चला गया।
प्रश्न: शक्तिसिंह किसकी शरण में गया?
उत्तर: शक्तिसिंह मुगल सम्राट अकबर की शरण में गया।
प्रश्न: शक्तिसिंह के मन में किसके प्रति प्रतिशोध की भावना थी?
उत्तर: शक्तिसिंह के मन में महाराणा प्रताप के प्रति प्रतिशोध की भावना थी।
प्रश्न: मुगल और राजपूतों के युद्ध में शक्तिसिंह किस पक्ष से लड़ रहा था?
उत्तर: शक्तिसिंह अकबर की ओर से लड़ रहा था।
प्रश्न: युद्ध के समय महाराणा प्रताप को क्या करना पड़ा?
उत्तर: सेनानायकों के दबाव में महाराणा प्रताप को युद्ध क्षेत्र से निकलना पड़ा।
प्रश्न: शक्तिसिंह ने महाराणा प्रताप के पीछे घोड़ा क्यों लगाया?
उत्तर: उसने बदला लेने का यह उचित अवसर समझा।
प्रश्न: रास्ते में शक्तिसिंह ने क्या दृश्य देखा?
उत्तर: उसने वीर राजपूत योद्धाओं का मातृभूमि के लिए बलिदान देखा।
प्रश्न: इन दृश्यों का शक्तिसिंह पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: उसका हिंसक भाव ग्लानि में बदल गया।
प्रश्न: शक्तिसिंह महाराणा प्रताप के सामने कैसे प्रस्तुत हुआ?
उत्तर: वह नतमस्तक होकर बच्चों की तरह रो पड़ा।
प्रश्न: शक्तिसिंह ने महाराणा से क्या माँगा?
उत्तर: उसने प्रायश्चित्त करने का आदेश माँगा।
प्रश्न: कहानी में शक्तिसिंह की पत्नी का क्या महत्व है?
उत्तर: उसकी पत्नी की भावनाओं की जीत कहानी का सबल पक्ष है।
प्रश्न: पत्नी ने शक्तिसिंह को क्या समझाने की कोशिश की?
उत्तर: उसने कहा कि यह कार्य उसके योग्य नहीं है।
प्रश्न: पत्नी ने बदले को किस रूप में बताया?
उत्तर: पत्नी ने बदले को अन्याय बताया।
प्रश्न: शक्तिसिंह ने पत्नी की बातों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: उसने क्रोध में आकर उसकी बातों को अनसुना किया।
प्रश्न: शक्तिसिंह किस बात से अपनी पीड़ा शांत करना चाहता था?
उत्तर: वह अपमान का बदला लेकर अपनी पीड़ा शांत करना चाहता था।
प्रश्न: शक्तिसिंह ने महाराणा प्रताप के बारे में क्या कहा?
उत्तर: उसने कहा कि वह प्रताप के गर्व को मिट्टी में मिला देगा।
प्रश्न: मुगल सेना शिविर में क्या कर रही थी?
उत्तर: मुगल सैनिक अपने घोड़ों की परीक्षा ले रहे थे।
प्रश्न: शिविर का वातावरण कैसा था?
उत्तर: वातावरण धूल से भरा और उत्साहपूर्ण था।
प्रश्न: सैनिकों में किस प्रकार का भाव दिखाई दे रहा था?
उत्तर: सैनिकों में साहस और उत्साह दिखाई दे रहा था।
प्रश्न: शक्तिसिंह ने राजपूतों की हार के बारे में क्या कहा?
उत्तर: उसने कहा कि महाराणा की हार निश्चित है।
प्रश्न: शक्तिसिंह ने मुगल सेना की संख्या के बारे में क्या बताया?
उत्तर: उसने बाईस हजार मुगल सैनिकों की बात कही।
प्रश्न: शक्तिसिंह के अनुसार राजपूतों का क्या होगा?
उत्तर: उसने कहा कि राजपूत सूखे डंठल की तरह कट जाएँगे।
प्रश्न: कहानी में शक्तिसिंह का अन्तर्द्वन्द्व किस रूप में दिखता है?
उत्तर: बदले की भावना और भाई के प्रति प्रेम के रूप में।
प्रश्न: शक्तिसिंह का हृदय परिवर्तन कब होता है?
उत्तर: जब वह राजपूतों का बलिदान देखता है।
प्रश्न: कहानी का संदेश क्या है?
उत्तर: कहानी बताती है कि प्रेम, पश्चाताप और धर्म प्रतिशोध से बड़े होते हैं।
प्रश्न: “विद्रोही शक्तिसिंह” शीर्षक क्यों सार्थक है?
उत्तर: क्योंकि शक्तिसिंह विद्रोह से पश्चाताप की ओर यात्रा करता है।
Answer by Dimpee Bora