Chapter- 6      सदाचार का तावीज़


प्रश्न: “सदाचार का तावीज़” पाठ के लेखक कौन हैं?
उत्तर:
“सदाचार का तावीज़” पाठ के लेखक श्री हरिशंकर परसाई हैं।

प्रश्न: यह पाठ किस विधा में लिखा गया है?
उत्तर:
यह पाठ व्यंग्य विधा में लिखा गया है।

प्रश्न: पाठ में किस सामाजिक समस्या को मुख्य विषय बनाया गया है?
उत्तर:
पाठ में भ्रष्टाचार को मुख्य सामाजिक समस्या के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

प्रश्न: भ्रष्टाचार को परसाई जी ने किस रूप में चित्रित किया है?
उत्तर:
परसाई जी ने भ्रष्टाचार को तीखे व्यंग्य और कथात्मक शैली में चित्रित किया है।

प्रश्न: राजा के राज्य में किस बात को लेकर हल्ला मचा था?
उत्तर:
राजा के राज्य में भ्रष्टाचार फैलने को लेकर हल्ला मचा था।

प्रश्न: राजा ने भ्रष्टाचार के बारे में क्या कहा?
उत्तर:
राजा ने कहा कि उसे आज तक कहीं भ्रष्टाचार दिखाई नहीं दिया।

प्रश्न: राजा ने दरबारियों से क्या पूछा?
उत्तर:
राजा ने पूछा कि क्या उन्हें कहीं भ्रष्टाचार दिखाई दिया है।

प्रश्न: दरबारियों ने राजा को क्या उत्तर दिया?
उत्तर:
दरबारियों ने कहा कि जब राजा को नहीं दिखा तो उन्हें कैसे दिख सकता है।

प्रश्न: राजा ने अपने उदाहरण में किस बात का उल्लेख किया?
उत्तर:
राजा ने बुरे सपनों का उदाहरण दिया।

प्रश्न: दरबारियों ने सपनों के बारे में क्या कहा?
उत्तर:
दरबारियों ने कहा कि सपने उन्हें दिखते हैं, पर वे केवल सपने होते हैं।

प्रश्न: राजा ने दरबारियों को क्या आदेश दिया?
उत्तर:
राजा ने उन्हें पूरे राज्य में भ्रष्टाचार खोजने का आदेश दिया।

प्रश्न: भ्रष्टाचार मिलने पर राजा ने क्या करने को कहा?
उत्तर:
राजा ने कहा कि भ्रष्टाचार का नमूना लेकर दरबार में लाया जाए।

प्रश्न: एक दरबारी ने भ्रष्टाचार न दिखने का क्या कारण बताया?
उत्तर:
उसने कहा कि भ्रष्टाचार बहुत बारीक होता है।

प्रश्न: दरबारी ने आँखों की आदत के बारे में क्या कहा?
उत्तर:
उसने कहा कि आँखें राजा की विराटता देखने की आदी हो गई हैं।

प्रश्न: दरबारी के अनुसार उन्हें भ्रष्टाचार में क्या दिखाई देगा?
उत्तर:
उन्हें भ्रष्टाचार में भी राजा की ही छवि दिखाई देगी।

प्रश्न: दरबारी ने किस विशेष जाति का उल्लेख किया?
उत्तर:
दरबारी ने ‘विशेषज्ञ’ जाति का उल्लेख किया।

प्रश्न: विशेषज्ञों के पास क्या विशेष वस्तु बताई गई है?
उत्तर:
विशेषज्ञों के पास विशेष अंजन बताया गया है।

प्रश्न: उस अंजन का क्या गुण है?
उत्तर:
उस अंजन से वे बारीक चीजें भी देख सकते हैं।

प्रश्न: दरबारी ने राजा को क्या सुझाव दिया?
उत्तर:
उसने विशेषज्ञों को भ्रष्टाचार खोजने का काम सौंपने का सुझाव दिया।

प्रश्न: राजा ने कितने विशेषज्ञ बुलाए?
उत्तर:
राजा ने पाँच विशेषज्ञ बुलाए।

प्रश्न: राजा ने विशेषज्ञों को क्या आदेश दिया?
उत्तर:
राजा ने उन्हें भ्रष्टाचार ढूँढने और पकड़कर लाने का आदेश दिया।

प्रश्न: यदि भ्रष्टाचार अधिक हो तो राजा ने क्या कहा?
उत्तर:
राजा ने कहा कि नमूने के लिए थोड़ा-सा ले आना।

प्रश्न: विशेषज्ञों ने कब से काम शुरू किया?
उत्तर:
विशेषज्ञों ने उसी दिन से छानबीन शुरू कर दी।

प्रश्न: विशेषज्ञ कितने समय बाद दरबार में लौटे?
उत्तर:
विशेषज्ञ दो महीने बाद दरबार में लौटे।

प्रश्न: यह कहानी किस बात पर व्यंग्य करती है?
उत्तर:
यह कहानी शासन व्यवस्था और दरबारी संस्कृति पर व्यंग्य करती है।

प्रश्न: पाठ में राजा की कौन-सी कमजोरी उजागर होती है?
उत्तर:
राजा का वास्तविकता से अनभिज्ञ होना उजागर होता है।

प्रश्न: दरबारी किस प्रवृत्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं?
उत्तर:
दरबारी चापलूसी और अवसरवादिता की प्रवृत्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्रश्न: विशेषज्ञ किसका प्रतीक हैं?
उत्तर:
विशेषज्ञ भ्रष्ट व्यवस्था के तथाकथित जानकारों का प्रतीक हैं।

प्रश्न: लेखक ने भ्रष्टाचार को किस माध्यम से उजागर किया है?
उत्तर:
लेखक ने हास्य और व्यंग्य के माध्यम से भ्रष्टाचार को उजागर किया है।

प्रश्न: पाठ से क्या संदेश मिलता है?
उत्तर:
पाठ से यह संदेश मिलता है कि भ्रष्टाचार व्यवस्था में गहराई से फैला होता है और उसे अनदेखा करना समस्या को और बढ़ाता है।

Answer by Dimpee Bora