Chapter- 2 जीवन में आया बदलाव
प्रश्न 1: यह पाठ किस काल से संबंधित है?
उत्तर: यह पाठ सन् 650 ई. से 1200 ई. तक के भारत के जन-जीवन से संबंधित है। यह काल भारतीय इतिहास का मध्यकालीन प्रारंभिक चरण माना जाता है। इस समय राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन में अनेक परिवर्तन हुए, जिनका प्रभाव आम लोगों के जीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
प्रश्न 2: सन् 650 ई. के बाद राजनीतिक स्थिति में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर: सन् 650 ई. के बाद भारत में बड़े-बड़े साम्राज्यों का पतन होने लगा और उनके स्थान पर अनेक छोटे-छोटे राज्यों का विकास हुआ। इससे राजनीतिक शक्ति बँट गई और स्थानीय शासकों का महत्व बढ़ गया।
प्रश्न 3: इस काल में किन क्षेत्रों में परिवर्तन दिखाई देता है?
उत्तर: इस काल में समाज, अर्थव्यवस्था और धर्म तीनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परिवर्तन दिखाई देते हैं। लोगों के रहने-सहने के तरीके, आजीविका के साधन और धार्मिक विश्वासों में बदलाव आया।
प्रश्न 4: उस समय जंगलों की स्थिति कैसी थी?
उत्तर: उस समय आज की तुलना में बहुत अधिक जंगल थे। बड़े क्षेत्रों पर जंगल फैले हुए थे और इनमें अनेक जनजातीय समुदाय निवास करते थे, जो अपने जीवन के लिए जंगलों पर निर्भर थे।
प्रश्न 5: उस समय गाँव और शहर कैसे थे?
उत्तर: उस समय गाँव और शहर आज की तुलना में संख्या में कम और आकार में छोटे थे। अधिकतर लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते थे और शहर सीमित संख्या में ही विकसित हुए थे।
प्रश्न 6: जंगलों में कौन-कौन लोग रहते थे?
उत्तर: जंगलों में शबर, निषाद, पुलिंद, भील जैसे अनेक जनजातीय समूह रहते थे। ये लोग प्रकृति के निकट रहकर अपना जीवन यापन करते थे।
प्रश्न 7: जंगलों में रहने वाले लोग अपना जीवन कैसे चलाते थे?
उत्तर: जंगलों में रहने वाले लोग कंद-मूल, फल-फूल इकट्ठा करते थे और जानवरों का शिकार करते थे। इसी से उन्हें भोजन और जीवन की अन्य आवश्यक वस्तुएँ मिलती थीं।
प्रश्न 8: जंगलवासियों के जीवन में क्या नया परिवर्तन आया?
उत्तर: इस काल में जंगलवासी केवल शिकार पर निर्भर न रहकर थोड़ी-सी खेती भी करने लगे। वे जंगल काटकर छोटे खेत तैयार करते थे, जिससे उनके जीवन में स्थायित्व आने लगा।
प्रश्न 9: जंगलों में की जाने वाली खेती की विशेषता क्या थी?
उत्तर: जंगलों में की जाने वाली खेती बहुत सरल थी। इसमें न हल चलाया जाता था और न ही सिंचाई की जाती थी। केवल बीज बिखेर दिए जाते थे और फसल की रखवाली की जाती थी।
प्रश्न 10: फसल पकने पर वे क्या करते थे?
उत्तर: जब फसल पक जाती थी तो जंगलवासी उसे काट लेते थे और अपने उपयोग के लिए रख लेते थे या विनिमय के लिए ले जाते थे।
प्रश्न 11: जंगलवासी कहाँ रहते थे?
उत्तर: जंगलवासी छोटी-छोटी बस्तियों में रहते थे। इन बस्तियों को पल्ली कहा जाता था। ये बस्तियाँ जंगलों के आसपास या भीतर स्थित होती थीं।
प्रश्न 12: जंगलवासी जंगलों से क्या-क्या एकत्र करते थे?
उत्तर: जंगलवासी जंगलों से लकड़ी, फल, कंद-मूल, शहद और अन्य प्राकृतिक वस्तुएँ एकत्र करते थे, जो उनके जीवन का मुख्य आधार थीं।
प्रश्न 13: जंगलों से लाई गई वस्तुओं के बदले उन्हें क्या मिलता था?
उत्तर: जंगलों से लाई गई वस्तुओं के बदले उन्हें गाँवों और शहरों से अनाज, तेल, नमक, लोहा आदि आवश्यक वस्तुएँ मिलती थीं।
प्रश्न 14: जंगलवासी ये वस्तुएँ कहाँ से प्राप्त करते थे?
उत्तर: जंगलवासी ये वस्तुएँ पास के गाँवों और शहरों से प्राप्त करते थे। इस प्रकार उनके और ग्रामीण समाज के बीच संपर्क बना रहता था।
प्रश्न 15: जंगलवासी राजाओं के साथ कैसा संबंध रखते थे?
उत्तर: जंगलवासी राजाओं को भेंट देते थे। इससे यह पता चलता है कि वे भी राज्य व्यवस्था का हिस्सा थे और शासकों के अधीन माने जाते थे।
प्रश्न 16: शबर और भील जैसे समूहों की जानकारी हमें कैसे मिलती है?
उत्तर: शबर, भील और अन्य जनजातीय समूहों की जानकारी हमें उस समय की पुस्तकों और ऐतिहासिक ग्रंथों से मिलती है।
प्रश्न 17: घुमक्कड़ लोग कौन होते थे?
उत्तर: घुमक्कड़ लोग वे होते थे जो स्थायी रूप से एक स्थान पर नहीं रहते थे और लगातार एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते थे।
प्रश्न 18: घुमक्कड़ लोगों में कौन-से प्रमुख समूह शामिल थे?
उत्तर: घुमक्कड़ लोगों में पशु चराने वाले, कारीगर, नट, जोगी, सन्यासी और भिक्षुक जैसे कई समूह शामिल थे।
प्रश्न 19: पशु चराने वाले घुमक्कड़ लोगों के जीवन में क्या बदलाव आया?
उत्तर: इस काल में कई पशु चराने वाले घुमक्कड़ लोग अपना घूमंतू जीवन छोड़कर गाँवों में बसने लगे और खेती करने लगे।
प्रश्न 20: कुछ घुमक्कड़ लोग कौन-सा काम करते थे?
उत्तर: कुछ घुमक्कड़ लोग कुशल कारीगर थे। वे लोहे की चीजें बनाते थे या दूर-दराज़ क्षेत्रों में जाकर तालाब खोदने और साफ करने का काम करते थे।
प्रश्न 21: नट कौन थे और वे क्या करते थे?
उत्तर: नट नाचने-गाने वाले घुमक्कड़ लोग थे। वे गाँव-गाँव घूमकर लोगों का मनोरंजन करते थे और अपनी कला से जीवन यापन करते थे।
प्रश्न 22: जोगी और सन्यासी किस प्रकार का जीवन जीते थे?
उत्तर: जोगी और सन्यासी घर-द्वार छोड़कर धार्मिक जीवन जीते थे। वे घूम-घूमकर उपदेश देते और भिक्षा पर निर्भर रहते थे।
प्रश्न 23: भिक्षुक कौन होते थे?
उत्तर: भिक्षुक वे लोग होते थे जो भीख माँगकर अपना जीवन यापन करते थे। वे भी घुमक्कड़ जीवन बिताते थे।
प्रश्न 24: गाँव और शहर के लोग घुमक्कड़ों के साथ कैसा व्यवहार करते थे?
उत्तर: गाँव और शहर के लोग घुमक्कड़ों का आदर और सत्कार करते थे तथा उन्हें भोजन और आश्रय प्रदान करते थे।
प्रश्न 25: इस काल में समाज की संरचना कैसी थी?
उत्तर: इस काल में समाज विभिन्न वर्गों में बँटा हुआ था, जिसमें जंगलवासी, किसान, कारीगर और घुमक्कड़ लोग शामिल थे।
प्रश्न 26: जंगलवासियों और गाँव के लोगों के बीच क्या संबंध था?
उत्तर: जंगलवासियों और गाँव के लोगों के बीच वस्तु विनिमय और सहयोग का संबंध था। दोनों एक-दूसरे की आवश्यकताओं को पूरा करते थे।
प्रश्न 27: इस काल की अर्थव्यवस्था किस पर आधारित थी?
उत्तर: इस काल की अर्थव्यवस्था खेती, शिकार, कारीगरी और वस्तु विनिमय पर आधारित थी। मुद्रा का प्रयोग बहुत सीमित था।
प्रश्न 28: जंगलों में रहने वाले लोगों की बस्तियों को क्या कहा जाता था?
उत्तर: जंगलों में रहने वाले लोगों की बस्तियों को पल्ली कहा जाता था। ये छोटी और सरल बस्तियाँ होती थीं।
प्रश्न 29: इस पाठ से हमें किस प्रकार के सामाजिक परिवर्तन का ज्ञान मिलता है?
उत्तर: इस पाठ से पता चलता है कि लोग धीरे-धीरे घुमक्कड़ जीवन छोड़कर स्थायी जीवन की ओर बढ़ रहे थे और खेती तथा बसावट का विकास हो रहा था।
प्रश्न 30: यह पाठ क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह पाठ महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें सन् 650 ई. से 1200 ई. तक के भारत के सामान्य लोगों के जीवन, सामाजिक ढाँचे और जीवन-शैली में आए परिवर्तनों की स्पष्ट जानकारी देता है।
Answer by Dimpee Bora